आगरा में माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों का प्रशिक्षण संपन्न, प्रमाण-पत्र देकर किया सम्मानित
DIET आगरा में 3 से 9 अक्टूबर तक चला प्रशिक्षण, विद्यालय विकास, शैक्षिक नवाचार और मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषयों पर हुई चर्चा
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), आगरा में राजकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के प्रशिक्षण के दोनों चरणों का समापन हो गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम 3 अक्टूबर से 9 अक्टूबर 2026 तक उप शिक्षा निदेशक एवं प्राचार्य विजय प्रताप सिंह के दिशा-निर्देशन में संचालित किया गया। समापन अवसर पर प्रधानाचार्यों को विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने, नवाचार अपनाने और प्रशिक्षण से प्राप्त जानकारियों को व्यवहार में लागू करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
अंतर विभागीय समन्वय और विभिन्न पोर्टल पर हुई चर्चा
प्रशिक्षण के समापन दिवस पर विभिन्न सत्रों में विद्यालय प्रबंधन, शैक्षिक उन्नयन और शिक्षकों व विद्यार्थियों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
प्रथम सत्र में संदर्भदाता डॉ. रचना चौहान ने अंतर विभागीय समन्वय और विभिन्न पोर्टल की संकल्पना पर प्रकाश डाला। उन्होंने समूह चर्चा के माध्यम से प्रतिभागियों को विषय की जानकारी दी और आपसी समन्वय के महत्व को समझाया।
द्वितीय सत्र में नोडल प्रभारी रचना यादव ने शैक्षिक उन्नयन के लिए नवाचार और शैक्षिक तकनीकी की संकल्पना पर अपने विचार रखे। इस सत्र में विद्यालयों में नई शिक्षण पद्धतियों और तकनीकी के उपयोग से शैक्षिक व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।
मानसिक स्वास्थ्य और कार्यस्थल से जुड़े पहलुओं पर मंथन
प्रशिक्षण के तृतीय सत्र में संदर्भदाता लक्ष्मी शर्मा ने मानसिक स्वास्थ्य तथा कार्यक्षेत्र में मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित इकाइयों और कार्यक्रमों पर चर्चा की। उन्होंने इस विषय के विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए प्रतिभागियों को जागरूक किया।
चतुर्थ एवं अंतिम सत्र में संदर्भदाता एस.बी. आरती ने मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारकों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के उपायों की जानकारी देते हुए प्रतिभागियों को लाभान्वित किया।
प्रशिक्षण के दौरान मानसिक स्वास्थ्य को समझने और कार्यक्षेत्र में सकारात्मक वातावरण बनाए रखने के महत्व पर भी विचार-विमर्श किया गया।
FOR THE LATEST NEWS AND UPDATES SUBSCRIBE TO HINDI DAINIK SAMACHAR
सामुदायिक सहभागिता से विद्यालय विकास पर जोर
प्रशिक्षण के सह प्रभारी डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय ने सामुदायिक सहभागिता और विद्यालय विकास विषय पर चर्चा की। उन्होंने समूह चर्चा के माध्यम से स्पष्ट किया कि विद्यालयों के विकास और शैक्षिक गुणवत्ता में समुदाय की सहभागिता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कार्यक्रम में प्रधानाचार्यों को प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त जानकारियों और अनुभवों को अपने-अपने विद्यालयों में लागू करने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि विद्यालयों में शैक्षिक वातावरण को और बेहतर बनाया जा सके।
प्रशिक्षण से मिली सीख को विद्यालयों में लागू करने की अपील
समापन समारोह में वरिष्ठ प्रवक्ता विजय सिंह और ललित मोहन पाल ने प्रधानाचार्यों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान जो भी जानकारी और अनुभव प्राप्त हुए हैं, उन्हें अपने विद्यालयों में लागू करें। इससे विद्यालयों के संचालन, शैक्षिक गतिविधियों और विद्यार्थियों के विकास को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
इसके बाद प्रशिक्षण में शामिल प्रधानाचार्यों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए और कार्यक्रम का समापन हुआ।
इनका रहा सहयोग
कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय ने किया। इस अवसर पर प्रवक्ता अनिल कुमार, यशवीर सिंह, कल्पना सिन्हा, डॉ. प्रज्ञा शर्मा, लक्ष्मी शर्मा, रंजना पांडे, यशपाल सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, संजीव कुमार सत्यार्थी, धर्मेंद्र प्रसाद गौतम, डॉ. दिलीप कुमार गुप्ता तथा प्रशासनिक अधिकारी मुकेश सिन्हा सहित संस्थान के समस्त स्टाफ का सहयोग रहा।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य प्रधानाचार्यों को विद्यालय प्रबंधन, शैक्षिक नवाचार, मानसिक स्वास्थ्य और सामुदायिक सहभागिता जैसे विषयों पर उपयोगी जानकारी प्रदान करना तथा उसे विद्यालयों में प्रभावी रूप से लागू करने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।

