यूपी में महिलाओं की सुरक्षा के लिए नई पहल, QR कोड स्कैन करते ही दर्ज हो सकेगी शिकायत
लखनऊ स्थित कमांड सेंटर से प्रदेश के सभी 75 जिलों की मॉनिटरिंग की तैयारी, विशेष सेल विभिन्न विभागों के साथ करेगा समन्वय
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा/लखनऊ, 8 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए योगी सरकार तकनीक आधारित निगरानी और शिकायत तंत्र विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत महिलाओं को ऑनलाइन सुरक्षा तंत्र से जोड़ने के साथ ही क्यूआर कोड स्कैन करके शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी है।
इस पहल के लिए महिला सुरक्षा से संबंधित मामलों की प्रदेश स्तर पर निगरानी के लिए एक विशेष मॉनिटरिंग सेल और कमांड सेंटर तैयार करने की योजना है। लखनऊ स्थित कमांड सेंटर से प्रदेश के सभी 75 जिलों पर नजर रखने की व्यवस्था प्रस्तावित है।
QR कोड स्कैन करते ही शिकायत दर्ज कराने की सुविधा
प्रस्तावित व्यवस्था में महिलाओं के लिए शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को आसान बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। इसके तहत महिला QR कोड स्कैन करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकेगी।
इसके साथ ही एक एप के माध्यम से महिलाओं को ऑनलाइन सुरक्षा तंत्र से जोड़ने की भी तैयारी है। इसका उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षा और शिकायत से जुड़े तंत्र तक आसान पहुंच उपलब्ध कराना है, ताकि किसी समस्या की स्थिति में उन्हें शिकायत दर्ज कराने के लिए अलग-अलग माध्यमों की तलाश न करनी पड़े।
तकनीक आधारित इस व्यवस्था के माध्यम से शिकायतों को संबंधित स्तर तक पहुंचाने और उनके निस्तारण की निगरानी को भी अधिक व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया जाएगा।
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लखनऊ से सभी 75 जिलों की होगी मॉनिटरिंग
महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों की निगरानी के लिए लखनऊ में कमांड सेंटर को प्रमुख केंद्र बनाए जाने की योजना है। यहां तैनात विशेष सेल प्रदेश के सभी जिलों में महिला सुरक्षा से संबंधित मामलों की मॉनिटरिंग करेगा।
विशेष सेल जरूरत के अनुसार विभिन्न विभागों और संबंधित तंत्र के साथ समन्वय भी करेगा। इसका उद्देश्य शिकायतों पर होने वाली कार्रवाई की निगरानी और संबंधित विभागों तक मामलों को प्रभावी ढंग से पहुंचाना है।
इस व्यवस्था में तकनीक आधारित शिकायत प्रणाली को प्रदेश स्तरीय निगरानी तंत्र के साथ जोड़ा जाएगा। इससे महिलाओं के लिए शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ ही प्रशासनिक स्तर पर उसकी निगरानी की व्यवस्था भी मजबूत करने का प्रयास होगा।
देश में पहली बार शुरू किए जाने का दावा
उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रस्तावित व्यवस्था को देश में पहली बार शुरू की जा रही ऐसी पहल के रूप में तैयार किया जा रहा है। इसमें महिला सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों के लिए डिजिटल माध्यम, QR कोड और एप आधारित कनेक्टिविटी को प्रदेश स्तरीय मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा।
इसका प्रमुख उद्देश्य महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों की जानकारी संबंधित तंत्र तक तेजी से पहुंचाना और शिकायतों के निस्तारण की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाना है।
महिला आयोग की भूमिका को भी प्रभावी बनाने पर जोर
महिला सुरक्षा के इस व्यापक प्रयास के बीच उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की भूमिका को भी और प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान ने अपने कार्यकाल के विस्तार के बाद गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने महिला आयोग के आगामी कार्यों, दायित्वों और प्राथमिकताओं को लेकर मुख्यमंत्री से मार्गदर्शन प्राप्त किया।
बैठक के दौरान प्रदेश की महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। डॉ. बबिता सिंह चौहान ने महिला हित में आयोग की ओर से किए जा रहे कार्यों और आगामी कार्ययोजना की जानकारी भी मुख्यमंत्री को दी।
महिला सुरक्षा, शिकायत निस्तारण और समन्वय पर रहेगा फोकस
प्रस्तावित डिजिटल व्यवस्था का फोकस महिलाओं के लिए शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को अधिक सुलभ बनाने के साथ-साथ शिकायतों की प्रदेश स्तर पर निगरानी पर रहेगा। कमांड सेंटर में तैनात विशेष सेल विभिन्न विभागों के साथ समन्वय कर महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों की प्रगति पर नजर रखेगा।
तकनीक के माध्यम से महिलाओं को सुरक्षा तंत्र से जोड़ने और शिकायतों की मॉनिटरिंग को एकीकृत करने की यह पहल प्रदेश में महिला सुरक्षा व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखी जा रही है।

