आगरा: खंदौली के कस्तूरबा गांधी विद्यालय में पॉक्सो एक्ट पर जागरूकता कार्यक्रम, छात्राओं को बताए कानूनी अधिकार
गुड टच-बैड टच, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और आपातकालीन सेवा 112 की दी गई जानकारी; राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 3.0 के बारे में भी बताया
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा/खंदौली, 15 अक्टूबर 2026। बालिकाओं को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, खंदौली में विधिक जागरूकता एवं पॉक्सो एक्ट जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगरा के अध्यक्ष के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं को बाल संरक्षण कानून, शोषण से बचाव, सहायता हेल्पलाइन और निःशुल्क विधिक सेवाओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का आयोजन पूर्णकालिक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगरा के सचिव पंकज कुमार-I के माध्यम से किया गया। इस दौरान छात्राओं को बताया गया कि किसी भी प्रकार की परेशानी या शोषण की स्थिति में अपने अधिकारों की जानकारी रखना और उचित सहायता प्राप्त करना क्यों जरूरी है।
पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों और बाल सुरक्षा पर दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम, 2012 यानी बच्चों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण प्रदान करने वाले कानून के प्रमुख प्रावधानों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने गुड टच और बैड टच के बीच अंतर समझाते हुए बालिकाओं को अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने और किसी अनुचित व्यवहार की स्थिति में भरोसेमंद व्यक्ति या संबंधित प्राधिकरण को जानकारी देने के लिए प्रेरित किया।
छात्राओं को बताया गया कि किसी भी प्रकार के शोषण या असुरक्षित स्थिति में चुप रहने के बजाय सहायता मांगना महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और जरूरत पड़ने पर उपलब्ध सहायता सेवाओं के बारे में भी समझाया गया।
छात्राओं को बताए गए जरूरी हेल्पलाइन नंबर
जागरूकता कार्यक्रम में छात्राओं को आपात स्थिति में मदद प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। इनमें प्रमुख रूप से शामिल रहे:
- 1098 — चाइल्ड हेल्पलाइन: बच्चों को सहायता और संरक्षण से संबंधित सेवाओं के लिए।
- 112 — आपातकालीन सेवा: आपात स्थिति में पुलिस एवं अन्य आवश्यक सहायता प्राप्त करने के लिए।
- 15100 — विधिक सेवा हेल्पलाइन: कानूनी सहायता और विधिक सेवा से संबंधित जानकारी के लिए।
छात्राओं को इन नंबरों का महत्व समझाते हुए बताया गया कि जरूरत पड़ने पर सही माध्यम से मदद लेना उनकी सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
सरकारी योजनाओं की भी दी गई जानकारी
कार्यक्रम में नायब तहसीलदार, एत्मादपुर सुश्री दिशा सिंह, विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. प्रीति यादव और समस्त शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं। स्वास्थ्य विभाग तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने विभाग से संबंधित योजनाओं की जानकारी छात्राओं के साथ साझा की। इनमें बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, किशोरी स्वास्थ्य योजना, छात्रवृत्ति योजना और बाल सुरक्षा से संबंधित योजनाएं शामिल रहीं।
इन योजनाओं की जानकारी देने का उद्देश्य बालिकाओं को उपलब्ध सुविधाओं और अवसरों से परिचित कराना तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना रहा।
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‘राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 3.0’ की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगरा ने ‘राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 3.0’ के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय मध्यस्थता एवं सुलह केंद्र तथा उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के माध्यम से यह अभियान 1 अगस्त 2026 से 30 सितंबर 2026 तक संचालित किया गया।
इस अभियान का उद्देश्य उपयुक्त विवादों का निस्तारण मध्यस्थता के माध्यम से शीघ्र, निःशुल्क और सौहार्दपूर्ण तरीके से करने को प्रोत्साहित करना है।
अभियान के अंतर्गत वैवाहिक विवाद, दुर्घटना दावा, घरेलू हिंसा, परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 से जुड़े चेक बाउंस मामले, वाणिज्यिक विवाद, सेवा विवाद, शमनीय आपराधिक मामले, उपभोक्ता विवाद, ऋण वसूली, बंटवारा, बेदखली, भूमि अधिग्रहण और अन्य उपयुक्त दीवानी मामलों को मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाने की जानकारी दी गई।
मध्यस्थता से विवाद सुलझाने की प्रक्रिया समझाई
कार्यक्रम में बताया गया कि लंबित वाद के निस्तारण के लिए संबंधित पक्षकार न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगरा तथा संबंधित तहसील विधिक सेवा समिति से संपर्क कर सकते हैं।
मध्यस्थता का उद्देश्य विवाद से जुड़े पक्षों के बीच संवाद स्थापित कर आपसी सहमति से समाधान तक पहुंचना है। साथ ही, यह भी बताया गया कि मध्यस्थता प्रक्रिया सफल नहीं होने की स्थिति में मुकदमे पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता।
अभियान और विधिक सहायता से संबंधित अधिक जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 1800-419-0234 और 15100 उपलब्ध कराए गए।
बालिकाओं को जागरूक बनाना कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, खंदौली में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को कानूनी अधिकारों, बाल सुरक्षा, सरकारी योजनाओं और विधिक सहायता की जानकारी देने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम ने बालिकाओं को जागरूक रहने, असुरक्षित परिस्थितियों में सहायता मांगने और उपलब्ध कानूनी सेवाओं का लाभ उठाने के प्रति प्रेरित किया।


