नई दिल्ली में आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला में उत्तर प्रदेश का किया प्रतिनिधित्व, शिक्षा, डिजिटल साक्षरता, कौशल विकास और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बताया महिला नेतृत्व आधारित विकास का आधार
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
नई दिल्ली/आगरा, 11 अक्टूबर 2026। महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित, शिक्षित, आत्मनिर्भर तथा सशक्त बनाने के उद्देश्य से नई दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में आयोजित तीन दिवसीय ‘नारी शक्ति मंथन’ कार्यशाला में उत्तर प्रदेश की कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य ने प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। कार्यशाला में महिला सशक्तीकरण, आर्थिक स्वावलंबन, शिक्षा, सुरक्षा और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न रणनीतियों और कार्ययोजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘Women-Led Development’ यानी महिला नेतृत्व आधारित विकास के संकल्प को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यशाला में महिलाओं को विकास प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी देने और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
महिला सशक्तीकरण के लिए आधुनिक तकनीक और शिक्षा पर जोर
कार्यशाला में उत्तर प्रदेश की ओर से अपने विचार प्रस्तुत करते हुए कैबिनेट मंत्री एवं महिला कल्याण तथा बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा कि महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण, आधुनिक तकनीक, शिक्षा, कौशल विकास और व्यापक जनजागरूकता को बढ़ावा देना आवश्यक है।
उन्होंने महिलाओं और बालिकाओं को बदलते समय की जरूरतों के अनुरूप सक्षम बनाने पर जोर दिया। इसके लिए डिजिटल साक्षरता को प्रोत्साहित करने, रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी रणनीतियां विकसित करने की आवश्यकता बताई।
मंत्री ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़ी महिला तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बताया जरूरी
बेबी रानी मौर्य ने महिला सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने और तकनीक के माध्यम से महिलाओं को अधिक सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी विचार रखे।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनके अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ समाज में सकारात्मक सोच विकसित करना भी महत्वपूर्ण है। इसके लिए सरकार, सामाजिक संस्थाओं, स्थानीय निकायों और आमजन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाना चाहिए।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महिला सशक्तीकरण केवल कल्याणकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए। महिलाओं को शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता, नेतृत्व और निर्णय प्रक्रिया में समान अवसर उपलब्ध कराना भी जरूरी है। आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक सोच के माध्यम से उनकी क्षमताओं को विकसित कर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है।
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बालिकाओं की शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य पर भी चर्चा
कार्यशाला में महिलाओं और बालिकाओं के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। बेबी रानी मौर्य ने बालिकाओं की शिक्षा, महिलाओं की सुरक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और आर्थिक सुदृढ़ीकरण को महिला नेतृत्व आधारित विकास के महत्वपूर्ण आधार बताया।
उन्होंने इन क्षेत्रों में निरंतर और परिणामोन्मुखी प्रयास करने की आवश्यकता रेखांकित की। साथ ही महिलाओं को कौशल विकास के माध्यम से रोजगार के अवसरों से जोड़ने और स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया।
मंत्री ने उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तीकरण को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से अपने सुझाव प्रस्तुत किए। उनका जोर ऐसी रणनीतियां विकसित करने पर रहा, जिनसे महिलाओं की भागीदारी बढ़े और उन्हें अपने जीवन से जुड़े निर्णय लेने में अधिक सक्षम बनाया जा सके।
राष्ट्रीय स्तर पर साझा किए गए महिला सशक्तीकरण के अनुभव
‘नारी शक्ति मंथन’ कार्यशाला में राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष के सान्निध्य में महिला सशक्तीकरण से संबंधित विभिन्न योजनाओं, पहलों और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर चर्चा की गई।
कार्यशाला में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत जय पांडा, दिल्ली भाजपा के प्रभारी डॉ. विनय सहस्रबुद्धे सहित भाजपा शासित राज्यों के महिला एवं बाल विकास मंत्रियों ने प्रतिभाग किया।
इस दौरान महिला नेतृत्व आधारित विकास की अवधारणा को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने, राज्यों के अनुभव साझा करने और सफल पहलों से सीख लेकर भविष्य की जरूरतों के अनुसार योजनाएं तैयार करने पर जोर दिया गया।
महिला नेतृत्व आधारित विकास को आगे बढ़ाने का संकल्प
बेबी रानी मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला नेतृत्व आधारित विकास की परिकल्पना को साकार करने के लिए महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित, शिक्षित, स्वावलंबी तथा सशक्त बनाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि ‘नारी शक्ति मंथन’ जैसे आयोजन महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में राज्यों के बीच अनुभवों के आदान-प्रदान और नई रणनीतियों के विकास का अवसर प्रदान करते हैं। ऐसे मंचों पर होने वाला विचार-विमर्श महिलाओं के स्वाभिमान, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व क्षमता को मजबूत बनाने की दिशा में उपयोगी हो सकता है।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तीकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों के अनुभव साझा करना, प्रभावी पहलों से सीख लेना और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप नई योजनाओं एवं रणनीतियों को प्रोत्साहित करना रहा। इसमें शिक्षा, सुरक्षा, आर्थिक आत्मनिर्भरता, आधुनिक तकनीक और जनजागरूकता को महिला नेतृत्व आधारित विकास के प्रमुख आधार के रूप में रेखांकित किया गया।


