Agra News: 40 वर्षों की सेवा के बाद शिक्षिका समीना बेगम की भावुक विदाई, सेवानिवृत्ति के दिन विद्यालय में पौधारोपण कर दिया यादगार संदेश
कंपोजिट विद्यालय नाई की मंडी में सम्मान समारोह आयोजित, बच्चों और शिक्षकों ने दी भावभीनी विदाई, पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा, 31 जुलाई 2026। शिक्षा केवल ज्ञान देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा छोड़ने का अवसर भी है। इसी सोच को साकार करते हुए आगरा के कंपोजिट विद्यालय नाई की मंडी की इंचार्ज शिक्षिका समीना बेगम ने अपने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के दिन विद्यालय परिसर में एक पौधा लगाकर अपने चार दशक लंबे शिक्षकीय जीवन को एक भावनात्मक और प्रेरणादायी संदेश के साथ यादगार बना दिया।
करीब 40 वर्षों तक शिक्षा सेवा देने के बाद सेवानिवृत्त हुईं समीना बेगम ने अपने कार्यकाल के अंतिम दिन भी विद्यार्थियों और समाज को पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। उनका यह कदम विद्यालय परिवार, विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए प्रेरणा का विषय बन गया।
40 वर्षों की सेवा के बाद भावुक विदाई

विद्यालय परिसर में आयोजित विदाई एवं सम्मान समारोह में शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने समीना बेगम का गर्मजोशी से सम्मान किया।
विद्यालय परिवार ने उन्हें पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर उनके लंबे और समर्पित शिक्षकीय योगदान के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सभी ने उनके स्वस्थ, सुखद और सफल जीवन की कामना की।
विद्यालय स्टाफ की ओर से विद्यार्थियों को मिष्ठान वितरण भी किया गया, जिससे बच्चों ने अपनी प्रिय शिक्षिका के प्रति सम्मान और स्नेह व्यक्त किया।
सेवानिवृत्ति के दिन लगाया पौधा, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

अपने कार्यकाल के अंतिम दिन समीना बेगम ने विद्यालय परिसर में एक पौधा रोपित कर इस विशेष अवसर को हमेशा के लिए यादगार बना दिया।
उन्होंने कहा कि एक शिक्षक की सबसे बड़ी पहचान केवल उसके पढ़ाए हुए विद्यार्थी नहीं होते, बल्कि समाज के लिए छोड़े गए सकारात्मक संस्कार भी होते हैं। पौधारोपण के माध्यम से उन्होंने विद्यार्थियों से प्रकृति संरक्षण, हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनने की अपील की।
विद्यालय परिवार ने भी उनके इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यह पौधा आने वाले वर्षों तक उनकी सेवाओं और समर्पण की याद दिलाता रहेगा।
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इसी विद्यालय से शुरू हुआ था शिक्षकीय सफर
समीना बेगम का यह विदाई समारोह इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि उन्होंने अपने शिक्षकीय जीवन की शुरुआत भी कंपोजिट विद्यालय नाई की मंडी से ही की थी।
लगभग 40 वर्षों तक लगातार इसी विद्यालय में सेवा देने के बाद उन्होंने पारिवारिक जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का निर्णय लिया। उनके लंबे कार्यकाल में हजारों विद्यार्थियों ने शिक्षा प्राप्त कर अपने जीवन की नई दिशा तय की।
विद्यालय के शिक्षकों ने बताया कि समीना बेगम हमेशा अनुशासन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित रहीं।
बच्चों ने दी भावभीनी विदाई
विदाई समारोह के दौरान विद्यालय के बच्चों ने अपनी प्रिय शिक्षिका को भावुक माहौल में विदाई दी।
कई विद्यार्थियों ने उनके साथ बिताए गए पलों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा उन्हें एक शिक्षक ही नहीं बल्कि अभिभावक की तरह मार्गदर्शन दिया। समारोह के दौरान बच्चों ने उनके उज्ज्वल एवं स्वस्थ जीवन की कामना की।
सभी ने दी शुभकामनाएं
इस अवसर पर पार्षद श्रीराम धाकड़, इंचार्ज प्रधानाध्यापक कर्ण सिंह धाकड़, शिक्षामित्र उजमा अर्शी, पूजा गुप्ता, पूनम कुमारी, शबनम, मासूम, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
सभी ने समीना बेगम के शिक्षण कार्य, समर्पण और विद्यालय के विकास में उनके योगदान की सराहना करते हुए उन्हें भावभीनी शुभकामनाएं दीं।
विद्यार्थियों को दिया सफलता का संदेश
अपने संबोधन में समीना बेगम ने विद्यार्थियों से मन लगाकर पढ़ाई करने, अनुशासन का पालन करने और जीवन में हमेशा ईमानदारी एवं मेहनत के मार्ग पर चलने की अपील की।
उन्होंने कहा कि शिक्षा ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है और यदि विद्यार्थी पूरी लगन से अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ेंगे तो निश्चित रूप से सफलता उनके कदम चूमेगी।
अंत में उन्होंने विद्यालय परिवार, विद्यार्थियों, अभिभावकों और सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस विद्यालय से जुड़ी यादें हमेशा उनके जीवन का सबसे अनमोल हिस्सा रहेंगी।
समीना बेगम की यह विदाई केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि यह शिक्षा, संस्कार, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी का ऐसा संदेश बन गई, जो आने वाले समय में भी विद्यार्थियों और समाज को प्रेरित करता रहेगा।


