राजकीय महाविद्यालय सैंया में 30 से अधिक मेधावियों का सम्मान, प्रतिभा अलंकरण एवं दीक्षारंभ समारोह में उच्च शिक्षा का दिया गया नया संकल्प
30 से अधिक छात्र-छात्राओं को मेडल और प्रशस्ति-पत्र, नवप्रवेशित विद्यार्थियों का गर्मजोशी से स्वागत, शिक्षा और संस्कार का दिया संदेश
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
खेरागढ़ (आगरा), 28 जुलाई 2026। शिक्षा केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण, आत्मविश्वास और समाज के प्रति जिम्मेदारी का भी माध्यम है। इसी संदेश को साकार करते हुए राजकीय महाविद्यालय सैंया (खेरागढ़), आगरा में सोमवार को आयोजित प्रतिभा अलंकरण एवं दीक्षारंभ समारोह प्रेरणा, सम्मान और नई उम्मीदों का उत्सव बन गया।
समारोह में इंटरमीडिएट परीक्षा-2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 30 से अधिक मेधावी छात्र-छात्राओं को मेडल एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही महाविद्यालय में नवप्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें उच्च शिक्षा, अनुशासन, नवाचार और व्यक्तित्व विकास की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक रूप से दीप प्रज्ज्वलन, माँ सरस्वती की वंदना और स्वागत गीत के साथ हुआ। पूरे सभागार में शिक्षा, संस्कृति और भारतीय परंपरा का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
महाविद्यालय की छात्राओं लक्ष्मी, याना शर्मा और अनुष्का पाठक ने अपनी मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। उनकी प्रस्तुतियों ने समारोह को भावनात्मक और प्रेरणादायक वातावरण प्रदान किया।
महाविद्यालय की उपलब्धियों से कराया परिचय

कार्यक्रम के दौरान छात्रा लक्ष्मी ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को महाविद्यालय की उपलब्धियों, शैक्षणिक वातावरण, पुस्तकालय, शिक्षण सुविधाओं, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों तथा छात्र हित में संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।
उन्होंने विद्यार्थियों को महाविद्यालय में उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया।
मेधावियों का सम्मान बना समारोह का सबसे यादगार पल

समारोह का सबसे विशेष और भावनात्मक क्षण तब आया, जब इंटरमीडिएट परीक्षा-2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 30 से अधिक मेधावी छात्र-छात्राओं को मंच पर बुलाकर मेडल एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए।
तालियों की गूंज के बीच सम्मान प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के चेहरों पर आत्मविश्वास, खुशी और गर्व साफ दिखाई दे रहा था। अभिभावकों और शिक्षकों ने भी इस उपलब्धि पर विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया।
महाविद्यालय प्रशासन का मानना है कि ऐसे सम्मान समारोह विद्यार्थियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हैं और अन्य छात्रों के लिए भी सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।
‘प्रतिभा का सम्मान समाज को आगे बढ़ाता है’ — डॉ. रविन्द्र कुमार
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रविन्द्र कुमार ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि प्रतिभाओं का सम्मान केवल पुरस्कार देना नहीं, बल्कि मेहनत, अनुशासन और उत्कृष्टता की संस्कृति को समाज में स्थापित करना है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन की सबसे बड़ी शक्ति है। यही शिक्षा युवाओं को आत्मनिर्भर बनाती है और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए तैयार करती है।
उन्होंने विद्यार्थियों से स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने का आह्वान करते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, बल्कि सतत प्रयास, अनुशासन और सकारात्मक सोच ही सफलता की वास्तविक कुंजी हैं।
शिक्षा के साथ सामाजिक और नैतिक मूल्यों को अपनाने का संदेश
समारोह के विशिष्ट अतिथि एवं गोपाल किरण समाजसेवी संस्था के अध्यक्ष श्रीप्रकाश सिंह निमराजे ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों और नैतिक मूल्यों के महत्व को समझाया।
उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार, संवेदनशील और जागरूक नागरिक बनना भी है।
उन्होंने विद्यार्थियों से संविधान के मूल्यों, सामाजिक समरसता और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की।
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राजकीय महाविद्यालयों में बेहतर अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान
श्री मोतीलाल इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य एस.के. शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज राजकीय महाविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन और अनेक शैक्षणिक अवसर उपलब्ध हैं।
उन्होंने नवप्रवेशित विद्यार्थियों से कहा कि वे नियमित अध्ययन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, कौशल विकास और व्यक्तित्व निर्माण पर विशेष ध्यान दें, ताकि भविष्य में अपने परिवार और समाज का नाम रोशन कर सकें।
नवप्रवेशित विद्यार्थियों को मिला आत्मविश्वास का संदेश
दीक्षारंभ समारोह का उद्देश्य केवल नए विद्यार्थियों का स्वागत करना नहीं था, बल्कि उन्हें महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, अनुशासन, अवसरों और जिम्मेदारियों से परिचित कराना भी था।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि कॉलेज जीवन उनके व्यक्तित्व निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण चरण है। यदि वे इस अवधि का सही उपयोग करेंगे तो भविष्य में उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार के क्षेत्र में बेहतर अवसर प्राप्त कर सकेंगे।
शिक्षा, संस्कार और प्रेरणा का बना संगम
पूरे कार्यक्रम में शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच पर विशेष जोर दिया गया।
महाविद्यालय परिवार ने यह संदेश दिया कि आधुनिक शिक्षा तभी सार्थक है, जब उसके साथ संस्कार, संवेदनशीलता और समाज के प्रति उत्तरदायित्व भी जुड़ा हो।
इनकी रही विशेष उपस्थिति
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. रेखा सुमन ने किया।
इस अवसर पर डॉ. विशाल भास्कर, डॉ. हुकम सिंह, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. विजय आनंद गौतम, मोतीलाल इंटर कॉलेज के प्रवक्ता ब्रजकिशोर दंडोतिया सहित महाविद्यालय का समस्त शिक्षण एवं गैर-शिक्षण स्टाफ, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, अभिभावक एवं अतिथि उपस्थित रहे।
युवाओं को मिला नई शुरुआत का प्रेरक संदेश
राजकीय महाविद्यालय सैंया में आयोजित यह प्रतिभा अलंकरण एवं दीक्षारंभ समारोह केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान, नवप्रवेशित छात्रों के स्वागत और गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के प्रति जागरूकता का प्रेरणादायक मंच बनकर उभरा। समारोह ने यह संदेश दिया कि प्रतिभा का सम्मान और शिक्षा का प्रसार ही समाज और राष्ट्र की प्रगति की मजबूत नींव है।


