Agra News: शिक्षा व्यवस्था पर डीएम मनीष बंसल सख्त, मॉडल स्कूल निर्माण में लापरवाही पर यूपीपीसीएल इंजीनियर को लगाई फटकार
डीटीएफ समीक्षा बैठक में दिए बड़े निर्देश—हर बीईओ (Beo) रोज़ करेंगे एक स्कूल का निरीक्षण, बच्चों के साथ खाएगा मिड-डे मील, 31 जुलाई तक डीबीटी और पाठ्यपुस्तक वितरण पूरा करने के आदेश
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा, 28 जुलाई 2026। जनपद की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मनीष बंसल ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत जिला टास्क फोर्स (डीटीएफ) की समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालयों के निर्माण, छात्र नामांकन, निपुण भारत मिशन, अपार आईडी, पाठ्यपुस्तक वितरण, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी), विद्यालय निरीक्षण, मिड-डे मील और शैक्षिक गुणवत्ता सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी का रुख पूरी तरह सख्त दिखाई दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिक्षा से जुड़े किसी भी कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और तय समयसीमा में सभी लक्ष्य पूरे किए जाएं।
मॉडल कम्पोजिट विद्यालयों के निर्माण में धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालयों के निर्माण कार्यों की प्रगति अपेक्षा से काफी धीमी पाई गई। साथ ही निर्माण कार्यों में गुणवत्तापूर्ण सामग्री के उपयोग को लेकर भी शिकायतें सामने आईं।
इस पर जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल के अधिशाषी अभियंता को तत्काल बैठक में तलब किया और निर्माण कार्यों में लापरवाही पर कड़ी फटकार लगाई।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं तथा गुणवत्ता के साथ किसी प्रकार का समझौता न किया जाए। यदि भविष्य में निर्माण कार्यों में अनियमितता या मानकों की अनदेखी पाई गई तो संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
हर बीईओ (Beo) रोज़ करेंगे एक स्कूल का निरीक्षण
जिलाधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को निर्देश दिए कि वे प्रतिदिन कम से कम एक विद्यालय का अनिवार्य निरीक्षण करें।
उन्होंने कहा कि निरीक्षण केवल औपचारिकता न हो, बल्कि विद्यालय की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए। निरीक्षण के दौरान शिक्षण व्यवस्था, छात्र उपस्थिति, साफ-सफाई, मिड-डे मील, पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता और विद्यालय की अन्य व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की जाए।
उन्होंने प्रत्येक निरीक्षण के बाद फोटो और निरीक्षण रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि जिला स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग की जा सके।
बच्चों के साथ बैठकर मिड-डे मील खाने के निर्देश
बैठक में जिलाधिकारी ने एक महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा कि सभी बीईओ निरीक्षण के दौरान बच्चों के साथ बैठकर मिड-डे मील ग्रहण करें।
इसका उद्देश्य विद्यालयों में परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और व्यवस्थाओं का वास्तविक आकलन करना है।
उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी भोजन की गुणवत्ता या व्यवस्थाओं में कमी पाई जाती है तो तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाए।
अपार आईडी बनाने में पीछे रहने वाले निजी स्कूलों पर होगी कार्रवाई
समीक्षा में पाया गया कि कई निजी विद्यालयों में छात्रों की अपार आईडी (APAAR ID) बनाने की प्रगति अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंची है।
इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को निर्देश दिए कि ऐसे विद्यालयों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि अपार आईडी नई शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए प्रत्येक पात्र छात्र की आईडी समय पर तैयार कराई जाए।
कम नामांकन पर बीईओ होंगे व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार
विद्यालयों में छात्र नामांकन की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी क्षेत्र में निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले नामांकन कम पाया गया तो संबंधित बीईओ की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी पात्र बच्चा विद्यालय से बाहर न रहे और प्रत्येक बच्चे का समयबद्ध नामांकन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का अधिकार तभी सार्थक होगा, जब हर बच्चा विद्यालय पहुंचे और उसे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले।
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31 जुलाई तक पूरा करें पाठ्यपुस्तक वितरण और डीबीटी
बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों का शत-प्रतिशत वितरण प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
इसके साथ ही डीबीटी योजना के अंतर्गत अभिभावकों के बैंक खातों में धनराशि का अंतरण 31 जुलाई तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि बच्चों को समय पर पुस्तकें और आर्थिक सहायता मिलना उनके शिक्षण कार्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।
उत्कृष्ट कार्य करने वालों को किया सम्मानित




बैठक में समीक्षा के साथ-साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों और अधिकारियों को सम्मानित भी किया गया।
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने प्राथमिक विद्यालय छीपीटोला के शैक्षिक स्टाफ को “उत्कृष्ट विद्यालय सम्मान” प्रदान किया।
इसके अलावा जिले में सर्वाधिक विद्यालय निरीक्षण करने वाले तीन एआरपी को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

उन्होंने कहा कि बेहतर कार्य करने वालों को सम्मानित करने से अन्य शिक्षकों और अधिकारियों को भी प्रेरणा मिलती है तथा शिक्षा व्यवस्था में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का वातावरण बनता है।
शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर दिया विशेष जोर
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल विद्यालय भवन बनाना नहीं, बल्कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विद्यालयों में नियमित उपस्थिति, बेहतर शिक्षण वातावरण, समय पर पाठ्यपुस्तक वितरण, प्रभावी मिड-डे मील, डिजिटल रिकॉर्ड, अपार आईडी और निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को पूरी गंभीरता के साथ लागू किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार तभी संभव है, जब अधिकारी नियमित फील्ड विजिट करें, समस्याओं को मौके पर समझें और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें।
बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक रविंदरपाल सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राकेश सिंह, डायट प्राचार्य अनिरुद्ध सिंह, सभी खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) तथा बेसिक शिक्षा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से शिक्षा सुधार को मिशन मोड में आगे बढ़ाने की अपील करते हुए कहा कि जिले का प्रत्येक विद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर सुविधाओं और प्रभावी शैक्षणिक वातावरण का उदाहरण बनना चाहिए।


