साइक्लिस्ट प्रमोद कटारा ने बच्चों को दी स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा | आगरा के विद्यालय में हुआ प्रेरक संवाद
आगरा के प्रसिद्ध साइक्लिस्ट प्रमोद कटारा ने फतेहाबाद के भलोखरा विद्यालय में बच्चों को स्वास्थ्य, फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। 90,000 किमी की साइकिल यात्रा और 33 विश्व रिकॉर्ड वाले साइक्लिस्ट ने साझा की प्रेरक कहानियाँ।

फतेहाबाद के विद्यालय में पहुँचे विश्वविख्यात साइक्लिस्ट प्रमोद कटारा, बच्चों को दी फिटनेस, पर्यावरण और जीवन मूल्यों की प्रेरणा
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़) – आगरा।
फतेहाबाद (आगरा), 25 अक्टूबर 2025।
आगरा जनपद के फतेहाबाद विकासखंड स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय भलोखरा कंपोजिट में आज का दिन बच्चों के लिए बेहद खास रहा।
विद्यालय में आज बच्चों से मिलने पहुँचे ताजनगरी के गौरव, विश्वविख्यात साइक्लिस्ट प्रमोद कुमार कटारा, जिन्होंने अपने अनुभवों और जीवन यात्रा से बच्चों को नई दिशा और नई प्रेरणा दी।
बच्चों के बीच ऊर्जा, जिज्ञासा और सीख का संगम
जैसे ही साइक्लिस्ट प्रमोद कटारा विद्यालय प्रांगण में पहुँचे, बच्चे उत्साह से झूम उठे।
बच्चों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत किया।
विद्यालय के शिक्षकों और स्टाफ ने उन्हें सम्मानित पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
प्रमोद कटारा ने बच्चों से हँसी-खुशी बातचीत की और कहा कि
“जीवन में सबसे बड़ी साइकिल हमारी सोच है — अगर सोच संतुलित और सकारात्मक होगी, तो रास्ते खुद बन जाएंगे।”
TVS Apache RTX 300 Launch 2025 | Price, Engine Power, Specifications & Features
फिटनेस और पर्यावरण को जीवन का आधार बनाएं — प्रमोद कटारा
साइक्लिस्ट ने बच्चों को बताया कि उनका उद्देश्य सिर्फ रिकॉर्ड बनाना नहीं है, बल्कि समाज में स्वास्थ्य जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण और अनुशासनपूर्ण जीवनशैली का संदेश देना है।
उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को मोबाइल और टीवी की दुनिया से निकलकर प्राकृतिक जीवन और फिटनेस की संस्कृति को अपनाने की आवश्यकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि
-
नियमित व्यायाम करने से मन और मस्तिष्क दोनों सक्रिय रहते हैं।
-
साइकिल चलाना केवल शारीरिक क्रिया नहीं बल्कि पर्यावरण के लिए एक वरदान है।
-
एक व्यक्ति की अच्छी आदतें पूरे समाज को बदल सकती हैं।
90,000 किलोमीटर की साइकिल यात्रा और 33 विश्व रिकॉर्ड का सफर

प्रमोद कटारा ने अब तक 90,000 किलोमीटर साइकिल यात्रा पूरी की है, जो भारत के हर राज्य में पर्यावरण और जागरूकता का संदेश लेकर गई।
वे लगातार 198 दिनों तक प्रतिदिन 100 किलोमीटर साइकिल चलाने का रिकॉर्ड बना चुके हैं — जो अपने आप में एक मिसाल है।
उन्होंने अब तक 70 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मेडल वर्चुअल साइक्लिंग में हासिल किए हैं और 33 विश्व रिकॉर्ड बना चुके हैं।
ये रिकॉर्ड लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हैं।
वल्र्ड रिकॉर्ड यूनिवर्सिटी ने उनके योगदान को मान्यता देते हुए उन्हें डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया है।
इसके अलावा, राजस्थान के मुख्य चुनाव आयुक्त ने उन्हें मतदाता जागरूकता अभियान में सहयोग के लिए सम्मानित किया।
FOR THE LATEST NEWS AND UPDATES SUBSCRIBE TO HINDI DAINIK SAMACHAR
प्रेरणा की कहानियाँ जिन्होंने बच्चों का मन छू लिया
प्रमोद कटारा ने बच्चों को अपनी साइकिल यात्राओं के अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे वे धूप, बारिश और ठंड में भी बिना रुके सफर करते रहे।
उन्होंने कहा,
“कभी-कभी रास्ता लंबा लगता है, पर जब मंज़िल का उद्देश्य समाज के लिए हो, तो थकान भी प्रेरणा बन जाती है।”
उन्होंने बच्चों को यह भी बताया कि पर्यावरण की रक्षा करना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
हर बच्चा यदि रोज एक पेड़ लगाने और अपने आस-पास सफाई रखने का संकल्प ले, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर पृथ्वी छोड़ी जा सकती है।
अनुशासन, परिश्रम और सकारात्मक सोच पर बल
कार्यक्रम के दौरान प्रमोद कटारा ने छात्रों को कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता पाने के लिए तीन बातें सबसे ज़रूरी हैं —
अनुशासन, निरंतरता और सकारात्मक सोच।
उन्होंने कहा —
“अगर आप रोज थोड़ा-थोड़ा आगे बढ़ते रहेंगे, तो एक दिन वही ‘थोड़ा’ आपको सबसे आगे खड़ा कर देगा।”
उन्होंने बच्चों को यह भी प्रेरित किया कि वे सोशल मीडिया और मोबाइल गेम्स से समय निकालकर किताबें पढ़ें, खेलों में भाग लें और अपने माता-पिता का आदर करें।
विद्यालय परिवार और शिक्षकों ने व्यक्त किया आभार

कार्यक्रम में विद्यालय के नोडल शिक्षक अनिल कुमार, इ.प्र.अ. राजीव कुमार, धर्मेश चन्द्रा, उम्मेद सिंह, सुरेन्द्र पाल सहित सभी शिक्षकगण और छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने कहा कि
“प्रमोद कटारा जैसे व्यक्तित्व बच्चों के लिए जीवंत प्रेरणा हैं। उनके अनुभव जीवन के हर मोड़ पर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करेंगे।”
विद्यालय परिवार ने उनका सम्मान करते हुए उन्हें समाज और बच्चों के बीच फिटनेस जागरूकता फैलाने के लिए धन्यवाद दिया।
समाज में संदेश — ‘फिट इंडिया, ग्रीन इंडिया’
प्रमोद कटारा का यह दौरा केवल विद्यालय तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे समुदाय के लिए एक संदेश बन गया —
कि स्वस्थ शरीर, स्वच्छ पर्यावरण और सजग मन ही एक सशक्त भारत की नींव है।
बच्चों ने वादा किया कि वे रोज साइकिल चलाएँगे, पेड़ लगाएंगे और दूसरों को भी प्रेरित करेंगे।
CHECK ALSO:
Agra Agriculture News: आलू की बुवाई शुरू: किसानों के लिए खुशखबरी, निःशुल्क मिनिकिट और पर्याप्त उर्वरक स्टॉक उपलब्ध
UP Scholarship 2025: प्रमुख सचिव सुभाष चंद्र शर्मा की अध्यक्षता में छात्रवृत्ति योजना समीक्षा बैठक सम्पन्न | 27 से 31 अक्टूबर तक खुलेगा पोर्टल
आगरा में छठ पूजा की तैयारी: विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल व डीएम बंगारी ने छठ घाटों का किया निरीक्षण




