
Tata Capital Share Price 2025: निवेशकों के लिए बड़ा अवसर या सावधानी का संकेत? जानिए पूरी डिटेल में
भारत के वित्तीय बाजार में Tata Capital का नाम अब एक मज़बूत और विश्वसनीय ब्रांड के रूप में उभर चुका है। टाटा समूह की इस वित्तीय कंपनी ने रिटेल से लेकर कॉर्पोरेट लेंडिंग तक, हर सेगमेंट में अपनी मज़बूत पकड़ बना ली है। इसी वजह से अब निवेशकों की नज़र Tata Capital के शेयर प्राइस और इसके संभावित IPO की दिशा में टिकी हुई है।
Tata Capital का मौजूदा परफॉर्मेंस
हालांकि Tata Capital अभी स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड नहीं है, लेकिन इसके संभावित IPO (Initial Public Offering) को लेकर बाजार में लगातार हलचल बनी हुई है। टाटा समूह के निवेशक इसे अगले बड़े अवसर के रूप में देख रहे हैं, क्योंकि कंपनी की वित्तीय स्थिति (financial health) और loan book growth काफी स्थिर मानी जा रही है।
2024-25 के वित्तीय वर्ष में कंपनी की बैलेंस शीट में उल्लेखनीय सुधार देखा गया। कंपनी ने retail lending, vehicle finance, home loans और digital consumer loans के क्षेत्र में अपनी पकड़ को और मजबूत किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Tata Capital का AUM (Assets Under Management) लगभग ₹2.5 लाख करोड़ के पार पहुंच चुका है — जो इसे भारत की अग्रणी NBFCs में शामिल करता है।
Tata Capital की Growth Strategy
Tata Capital का विज़न स्पष्ट है — “हर भारतीय के लिए सुलभ और भरोसेमंद वित्तीय सेवा”।
कंपनी ने हाल के वर्षों में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भारी निवेश किया है, जिससे ग्राहकों को अब कुछ ही क्लिक में लोन अप्रूवल और डिस्बर्समेंट मिल रहा है। इसके अलावा, Tata Capital अपने ग्राहक आधार को बढ़ाने के लिए AI आधारित क्रेडिट एनालिटिक्स और फ्रॉड डिटेक्शन सिस्टम्स का भी इस्तेमाल कर रही है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि डिजिटल फाइनेंस सेक्टर में टाटा कैपिटल की यह रणनीति आने वाले 3-5 वर्षों में कंपनी को एक्सपोनेंशियल ग्रोथ दिला सकती है।
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Tata Capital के फंडामेंटल और निवेशकों की रुचि
Tata Capital का सबसे बड़ा बल है — टाटा ग्रुप का भरोसा। कंपनी का नेट NPA (Non-Performing Asset) रेशियो बेहद कम है, जिससे इसकी asset quality मजबूत बनी हुई है।
इसके अलावा, इसका Capital Adequacy Ratio (CAR) भी नियामक सीमा से कहीं ऊपर है, जो यह दर्शाता है कि कंपनी का लोन वितरण सुरक्षित और संतुलित है।
निवेशकों के बीच यह चर्चा है कि जैसे ही कंपनी IPO लाती है, उसका शेयर प्राइस टाटा मोटर्स, टाटा टेक्नोलॉजीज या टाटा एलेक्सी जैसे अन्य टाटा ब्रांड्स की तरह तेजी से ऊपर जा सकता है।
भविष्य की संभावनाएं
भारत में NBFC सेक्टर आने वाले वर्षों में मजबूत ग्रोथ दिखाने वाला है। RBI द्वारा डिजिटलीकरण और लोन एसेसिबिलिटी पर फोकस बढ़ाने से, Tata Capital जैसी कंपनियों को सीधा लाभ मिलेगा।
अगर कंपनी अपनी loan disbursement growth को इसी गति से बनाए रखती है, तो 2026 तक यह देश की टॉप 3 NBFCs में शामिल हो सकती है।
Tata Capital में निवेशकों के लिए क्या है अवसर?
हालांकि Tata Capital अभी लिस्टेड नहीं है, लेकिन इसके संभावित IPO की खबरें निवेशकों में उत्साह पैदा कर रही हैं। जिन लोगों ने पहले Tata Technologies IPO में निवेश किया था, उन्होंने कम समय में 150% से अधिक का रिटर्न देखा — यही उम्मीद अब Tata Capital से भी की जा रही है।
यदि कंपनी आने वाले महीनों में पब्लिक ऑफरिंग लाती है, तो इसके शेयरों की डिमांड बहुत अधिक रहने की संभावना है। निवेशकों के लिए यह लंबी अवधि का भरोसेमंद विकल्प हो सकता है, क्योंकि Tata Capital का बिज़नेस मॉडल स्थिर और भविष्य उन्मुख है।
निष्कर्ष
Tata Capital फिलहाल भारतीय वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में एक मज़बूत NBFC के रूप में अपनी पहचान बना चुकी है। डिजिटल इनोवेशन, टाटा ग्रुप की विश्वसनीयता और बढ़ते ग्राहक आधार के चलते इसका भविष्य उज्जवल दिख रहा है।
यदि आप दीर्घकालिक निवेशक हैं, तो Tata Capital का IPO आने पर इसे ध्यान से अवश्य देखें — यह एक संभावित “मल्टीबैगर” साबित हो सकता है।




