खेरागढ़ में राष्ट्रीय खेल दिवस पर खेल प्रतियोगिता
खेरागढ़ ब्लॉक में राष्ट्रीय खेल दिवस पर कबड्डी, खो-खो और लंबी कूद प्रतियोगिताओं का आयोजन, बच्चों ने दिखाया उत्साह और खेल प्रतिभा।
खेरागढ़ ब्लॉक में राष्ट्रीय खेल दिवस पर खेल प्रतियोगिताओं का हुआ भव्य आयोजन
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़) –
आगरा/खेरागढ़। राष्ट्रीय खेल दिवस 2025 के उपलक्ष्य में ब्लॉक खेरागढ़ के परिषदीय विद्यालयों में खेलों की धूम देखने को मिली। प्राथमिक विद्यालय गढ़ी कालिया एवं स्वामी देवी दास स्कूल के प्रांगण में आयोजित इन खेल प्रतियोगिताओं में बच्चों ने पूरे उत्साह और जोश के साथ हिस्सा लिया। कबड्डी, खो-खो और लंबी कूद जैसी पारंपरिक खेलों में बालक और बालिका वर्ग के खिलाड़ियों ने अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
राष्ट्रीय खेल दिवस क्यों विशेष है?
हर साल 29 अगस्त को मेजर ध्यानचंद जी की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाता है। भारत के महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को खेल जगत का “जादूगर” कहा जाता है। उनकी खेल प्रतिभा और समर्पण को सम्मान देने के लिए यह दिन पूरे देश में खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर पूरे देश में खेलकूद प्रतियोगिताओं और फिटनेस गतिविधियों का आयोजन किया जाता है ताकि बच्चों और युवाओं में खेल के प्रति रुचि और अनुशासन की भावना बढ़े।
खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ
खेरागढ़ ब्लॉक के इस कार्यक्रम का शुभारंभ शिक्षक दुर्गेश वर्मा, महेश मिश्रा एवं समाजसेवी कु. समरवीर चाहर द्वारा किया गया। उद्घाटन के बाद खेल मैदान में बच्चों का जोश देखने लायक था। दर्शक दीर्घा में बैठे शिक्षक, अभिभावक और स्थानीय लोग बच्चों का हौसला बढ़ा रहे थे।
कबड्डी प्रतियोगिता में बच्चों का जलवा
बालक वर्ग की कबड्डी प्रतियोगिता में सुमित की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया। वहीं अंकित की टीम ने दमदार मुकाबला कर दूसरा स्थान प्राप्त किया।
बालिका वर्ग में टीम उर्मी ने बेहतरीन तालमेल और खेल भावना दिखाकर पहला स्थान प्राप्त किया जबकि टीम अंशू ने दूसरा स्थान हासिल किया। बच्चों ने कबड्डी के मैदान में जो ऊर्जा और टीम भावना दिखाई, उसने सभी को प्रभावित किया।
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खो-खो में बच्चों की गति और फुर्ती
खो-खो प्रतियोगिता बच्चों के बीच सबसे रोमांचक रही। मैदान पर खिलाड़ियों की दौड़-भाग, तेज़ी और रणनीति ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया।
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बालिका वर्ग में टीम तमन्ना प्रथम स्थान पर रही।
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टीम खुशी ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर दर्शकों की तालियां बटोरीं।
इस प्रतियोगिता ने बच्चों में न केवल खेल भावना बल्कि तेज़ निर्णय लेने और सामूहिकता की क्षमता को भी उजागर किया।
लंबी कूद प्रतियोगिता ने बढ़ाया रोमांच
लंबी कूद प्रतियोगिता में बच्चों ने अपनी शारीरिक क्षमता और संतुलन का शानदार प्रदर्शन किया।
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अंकित प्रथम स्थान पर रहे।
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मयंक द्वितीय स्थान पर और
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मोहित तृतीय स्थान पर रहे।
यह मुकाबला बच्चों में आत्मविश्वास और अपनी सीमाओं को पार करने की प्रेरणा देता हुआ नज़र आया।
आयोजकों का योगदान
इस खेल प्रतियोगिता का आयोजन ब्लॉक पी. टी. आई. डॉ. योगेश चाहर की देखरेख में किया गया। उन्होंने बच्चों को खेलों में अनुशासन और समर्पण का महत्व समझाया। आयोजन में सहयोग देने वालों में योगेन्द्र सिंह, रामनिवास, बलराम, सुमन, राजकुमार, अवधेश, राकेश, नीरू, कन्हैया, अजय, रेखा और रामहंस जैसे कई शिक्षक और सहयोगी शामिल रहे।
पुरस्कार वितरण और प्रोत्साहन
प्रतियोगिता के पश्चात खिलाड़ियों को पुरस्कार वितरण और अल्पाहार की व्यवस्था समाजसेवी कु. समरवीर चाहर द्वारा की गई। उन्होंने सभी विजेताओं और प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि खेल जीवन में अनुशासन, धैर्य और स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ खेलों में भी उत्कृष्टता हासिल करने की प्रेरणा दी।
खेलों से मिली सीख
इस आयोजन से बच्चों ने यह सीखा कि खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि यह अनुशासन, मेहनत और टीमवर्क सिखाते हैं। बच्चों की हंसी-खुशी, जीत-हार के पलों में खेल भावना और आपसी सौहार्द देखने लायक था।
खेलों का महत्व और बच्चों का उज्ज्वल भविष्य
राष्ट्रीय खेल दिवस के इस अवसर पर खेलों ने एक बार फिर साबित किया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रतियोगिता के दौरान सभी ने खिलाड़ियों की हौंसला-अफजाई की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही बच्चों को शिक्षा में मन लगाकर पढ़ाई करने और खेलों के माध्यम से अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने का संदेश दिया गया।
निष्कर्ष
खेरागढ़ ब्लॉक में आयोजित राष्ट्रीय खेल दिवस कार्यक्रम बच्चों की प्रतिभा और ऊर्जा का जीवंत उदाहरण रहा। कबड्डी, खो-खो और लंबी कूद जैसी प्रतियोगिताओं ने न केवल बच्चों को अपनी क्षमताओं को साबित करने का मौका दिया, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास और अनुशासन का पाठ भी पढ़ाया। इस आयोजन ने यह स्पष्ट किया कि शिक्षा के साथ-साथ खेल भी बच्चों के भविष्य निर्माण में उतने ही आवश्यक हैं।
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