आगरा जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी की सख्ती: गड्ढा मुक्त सड़क और यातायात सुधार
आगरा जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में बैठक, बिना अनुमति सड़क खुदाई व गड्ढा युक्त सड़कों पर FIR की चेतावनी, सुगम यातायात पर जोर।
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़) –
आगरा।
शहर के नागरिकों को सुगम और सुरक्षित यातायात उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी लगातार सक्रिय हैं। इसी क्रम में 20 अगस्त 2025 को कलेक्ट्रेट सभागार में एक उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का मुख्य एजेंडा था – गड्ढा मुक्त सड़कें, यातायात की सुगमता, सड़क खुदाई से जुड़ी शिकायतें और निर्माण सामग्री से होने वाली बाधाएं।
इस बैठक में नगर निगम, आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए), मेट्रो प्रोजेक्ट, जल निगम, पीडब्ल्यूडी, जलकल संस्थान समेत कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान साफ शब्दों में कहा कि “शहर के नागरिकों को परेशानी में डालने वाली किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई विभाग बिना अनुमति के सड़क खोदता है या प्रोटोकॉल का पालन नहीं करता तो उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जाएगी।”
बिना अनुमति सड़क खुदाई पर सख्ती
आगरा शहर में अक्सर देखने को मिलता है कि अलग-अलग विभाग अपनी योजनाओं के तहत सड़कों पर खुदाई कर देते हैं। कभी बिजली विभाग, कभी जल निगम और कभी मेट्रो प्रोजेक्ट अपनी-अपनी आवश्यकताओं के अनुसार सड़क काटते हैं। लेकिन कई बार यह कार्य बिना उचित अनुमति और प्रोटोकॉल का पालन किए बिना किया जाता है। परिणामस्वरूप सड़कों की हालत खराब हो जाती है और आमजन को यातायात में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आगे से यदि किसी विभाग को सड़क खुदाई करनी है तो उसे अपर जिलाधिकारी (नगर) के माध्यम से पहले अनुमति लेनी होगी। इसके साथ ही संबंधित विभाग को यह सुनिश्चित करना होगा कि खुदाई के बाद सड़क को यथावत और सुरक्षित रूप से बहाल किया जाए।
गड्ढा मुक्त सड़कों का बड़ा लक्ष्य
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि अब शहर में कहीं भी गड्ढा युक्त सड़कें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उन्होंने मेट्रो प्रोजेक्ट और पीडब्ल्यूडी समेत सभी संबंधित विभागों को आदेश दिया कि तुरंत सर्वे करके गड्ढों की पहचान करें और मरम्मत का कार्य तत्काल प्रभाव से शुरू करें।
गड्ढा मुक्त सड़कें न सिर्फ यातायात को सुगम बनाएंगी, बल्कि शहर की सुंदरता और सुरक्षा भी बढ़ाएंगी। बरसात के मौसम में गड्ढों से दुर्घटनाओं की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए जिलाधिकारी ने इस मुद्दे पर ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपनाने का संकेत दिया।
निर्माण सामग्री और मिट्टी से बाधित यातायात
अक्सर देखा गया है कि सड़क किनारे निर्माण सामग्री, रेत, बजरी, मिट्टी आदि खुले में डाल दी जाती है। इससे न सिर्फ यातायात बाधित होता है, बल्कि प्रदूषण और दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ती है।
जिलाधिकारी ने इस पर गहरी नाराज़गी व्यक्त की और निर्देश दिए कि यदि कोई व्यक्ति या विभाग निर्माण सामग्री को सड़क पर फैलाता है और प्रोटोकॉल का पालन नहीं करता तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें संबंधित अधिकारी या ठेकेदार पर एफआईआर तक दर्ज की जाएगी।
विभागों को कड़े निर्देश
बैठक में जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने सभी विभागों को समन्वय बनाकर काम करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि शहर में चल रहे विकास कार्य महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इनकी आड़ में जनता को असुविधा नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने विशेष रूप से नगर निगम, एडीए, जल निगम, पीडब्ल्यूडी, जलकल संस्थान और मेट्रो प्रोजेक्ट के अधिकारियों को निर्देशित किया कि आपसी तालमेल के साथ कार्य करें और सड़क खुदाई जैसे कार्यों की जानकारी समय रहते अन्य विभागों के साथ साझा करें।
FOR THE LATEST NEWS AND UPDATES SUBSCRIBE TO HINDI DAINIK SAMACHAR
बैठक में उपस्थित अधिकारी
बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इनमें नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल, एडीए उपाध्यक्ष श्रीमती एम. अरुनमोली, डीएफओ राजेश कुमार, अपर जिलाधिकारी (नगर) यमुनाधर चौहान, अपर जिलाधिकारी (प्रोटोकॉल) प्रशांत तिवारी, मेट्रो परियोजना निदेशक अरविंद कुमार राय, पीडब्ल्यूडी अधिशासी अभियंता आर.एस. वर्मा सहित जलकल और जल निगम के अधिकारी शामिल थे।
नागरिकों की उम्मीदें
इस बैठक के बाद शहरवासियों को उम्मीद है कि अब सड़कें गड्ढा मुक्त होंगी और यातायात की स्थिति सुधरेगी। लंबे समय से नागरिक सड़क खुदाई और गड्ढों की समस्या से परेशान हैं। कहीं मेट्रो का काम, कहीं पानी की पाइपलाइन और कहीं बिजली की केबल – हर जगह सड़कें खोदी जाती रही हैं। लेकिन अब जिलाधिकारी के इस सख्त रुख से हालात में सुधार की उम्मीद है।
CHECK ALSO:
साहसी मां रीमा ने बचाई बेटी, 25 हजार की सहायता व सम्मान






