मिशन शक्ति 5.0: खेरागढ़ विद्यालय में बालिकाओं का आत्मविश्वास और सम्मान
मिशन शक्ति 5.0 के तहत खेरागढ़ के पूर्व माध्यमिक विद्यालय सौंन में बालिकाओं ने नाटक, नेतृत्व और जागरूकता कार्यक्रमों से आत्मविश्वास का संदेश दिया।
मिशन शक्ति 5.0: परिषदीय विद्यालय में मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा, 27 सितम्बर 2025
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सशक्तिकरण और सम्मान को मजबूत बनाने के उद्देश्य से शुरू किए गए मिशन शक्ति 5.0 अभियान के अंतर्गत खेरागढ़ ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय सौंन में 27 सितंबर 2025 को विविध कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। इस अवसर पर बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों ने मिलकर महिला सशक्तिकरण और बालिका शिक्षा के संदेश को समाज तक पहुँचाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ और विशेष अतिथि
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाध्यापक मलय कुमार दास ने की। उन्होंने अपने उद्घाटन संबोधन में कहा कि मिशन शक्ति जैसे अभियान समाज में नई चेतना का संचार कर रहे हैं और इससे बालिकाओं का आत्मविश्वास बढ़ रहा है।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महिला कल्याण विभाग की संरक्षण अधिकारी रितु वर्मा रहीं, जिन्होंने बच्चों और बालिकाओं को आत्मरक्षा, सुरक्षा उपायों और शिक्षा के महत्व पर प्रेरक संदेश दिया। कार्यक्रम का संचालन सहायक अध्यापिका वीनू वर्मा ने सराहनीय ढंग से किया।
बालिकाओं की प्रस्तुतियाँ बनी आकर्षण का केंद्र

विद्यालय के बच्चों ने मुख्य अतिथि और दर्शकों के समक्ष नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया, जिसमें समाज में महिलाओं की स्थिति, उनकी सुरक्षा और समान अधिकारों का मुद्दा उठाया गया। नाटक के माध्यम से बच्चों ने यह संदेश दिया कि महिलाओं को शिक्षा और सम्मान मिलना न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज की प्रगति के लिए आवश्यक है।
इसी क्रम में मीना मंच की बालिकाओं ने बालिका शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर केंद्रित नाटक प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति में बाल विवाह, लिंग भेदभाव और अशिक्षा जैसे मुद्दों को उजागर किया गया, जिसने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया।
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नियमित छात्राओं की माताओं का सम्मान

इस अवसर पर विद्यालय की उन छात्राओं की माताओं को मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया, जिनकी बेटियाँ प्रतिदिन विद्यालय में नियमित रूप से उपस्थिति दर्ज कराती हैं और संपूर्ण गणवेश में आती हैं। इस सम्मान से न केवल माताओं का मनोबल बढ़ा, बल्कि अन्य अभिभावकों को भी प्रेरणा मिली कि वे अपनी बेटियों की शिक्षा में निरंतर सहयोग दें।
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बालिका प्रधानाध्यापिका – आत्मविश्वास की मिसाल
कार्यक्रम का सबसे प्रेरक क्षण वह रहा जब कक्षा 8 की छात्रा पूनम को एक दिन के लिए विद्यालय का प्रधानाध्यापिका बनाया गया। पूनम ने विद्यालय की दिनभर की सभी जिम्मेदारियाँ संभालीं—कक्षाओं का निरीक्षण किया, अनुशासन पर ध्यान दिया और अध्यापकों से संवाद किया। उनकी नेतृत्व क्षमता देखकर सभी उपस्थित लोग प्रभावित हुए। यह पहल मिशन शक्ति के उस संदेश को जीवंत करती है कि बालिकाएँ अवसर मिलने पर हर भूमिका निभाने में सक्षम हैं।
शिक्षक और मीना मंच का योगदान
कार्यक्रम में नेहा राठी, जो मीना मंच की संदर्भ दाता हैं, ने बालिकाओं को संबोधित करते हुए विद्यालय में मीना मंच की उपयोगिता और इसके सकारात्मक परिणामों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने समझाया कि मीना मंच सिर्फ एक गतिविधि नहीं बल्कि बालिकाओं के आत्मविश्वास और नेतृत्व कौशल को निखारने का एक माध्यम है।
इसके अलावा सहायक अध्यापक प्रेम सिंह और नारायण सिंह ने कार्यक्रम की समस्त व्यवस्थाओं को सफलतापूर्वक संभालकर यह सुनिश्चित किया कि हर गतिविधि सुचारू रूप से संपन्न हो।
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कार्यक्रम का समापन
सभी गतिविधियों के बाद विद्यालय में जलपान की व्यवस्था की गई, जहाँ बच्चों और अभिभावकों ने आपसी संवाद किया और अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में शामिल बालिकाओं और अभिभावकों ने इसे बेहद प्रेरणादायक बताया।
निष्कर्ष
यह आयोजन स्पष्ट करता है कि मिशन शक्ति 5.0 केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि एक सामाजिक आंदोलन है, जो बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान और अवसर देने की दिशा में ठोस प्रयास कर रहा है। इस तरह के कार्यक्रम न सिर्फ बच्चों को जागरूक करते हैं बल्कि पूरे समाज को महिलाओं की शिक्षा और सुरक्षा के महत्व की ओर संवेदनशील बनाते हैं।
- यह आयोजन खेरागढ़ क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण और बालिका शिक्षा को नई दिशा देने वाला एक सराहनीय कदम बनकर उभरा है।
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