रमेश चन्द्र कुंडे ने लाल डिग्गी से प्रभात फेरी को दिखाई हरी झंडी | चिरौली-बैनई गांवों का किया औचक निरीक्षण, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
एसी/एसटी आयोग सदस्य रमेश चन्द्र कुंडे ने लाल डिग्गी शाहगंज से बाल्मीकि जागरण मंच की प्रभात फेरी का शुभारंभ किया। चिरौली और बैनई गांवों में औचक निरीक्षण कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। कल सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक और जनसुनवाई करेंगे।

रमेश चन्द्र कुंडे ने लाल डिग्गी से “विशाल प्रभात फेरी” को दिखाई हरी झंडी — आगरा दौरे में चिरौली और बैनई गांवों का किया औचक निरीक्षण, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
ब्यूरो चीफ – एस. शेरवानी
आगरा, 07 अक्टूबर 2025 |
बाल्मीकि जागरण मंच के नेतृत्व में समाजिक एकता का संदेश
आगरा शहर की सड़कों पर मंगलवार की सुबह एक अनोखा दृश्य देखने को मिला।
लाल डिग्गी नगला मोहन, शाहगंज रोड पर जब बाल्मीकि जागरण मंच के नेतृत्व में “महर्षि वाल्मीकि जयंती प्रभात फेरी” का आयोजन हुआ, तो वातावरण “जय महर्षि वाल्मीकि” के नारों से गूंज उठा।
इस अवसर पर अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग, उत्तर प्रदेश सरकार के सदस्य रमेश चन्द्र कुंडे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
उन्होंने उत्साहपूर्ण माहौल में समाज के युवाओं और महिलाओं के साथ प्रभात फेरी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, और इस दौरान कहा —
“महर्षि वाल्मीकि समाज सुधार, समानता और शिक्षा के प्रतीक हैं। आज भी हमें उनके आदर्शों से सीख लेकर समाज में एकता, समरसता और आत्मसम्मान का भाव जगाना चाहिए।”
कार्यक्रम में शहरभर से बाल्मीकि समाज, सामाजिक संगठनों, महिलाओं, और स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति ने माहौल को भव्य और प्रेरणादायक बना दिया।
फेरी के दौरान भजन, नारे, झांकियां और वाल्मीकि जी के जीवन दर्शन से जुड़े दृश्य पूरे क्षेत्र में श्रद्धा और जागरूकता का संदेश देते नज़र आए।
ग्राम चिरौली और बैनई का औचक निरीक्षण — जमीनी हालात देखकर सख्त हुए कुंडे
प्रभात फेरी के बाद रमेश चन्द्र कुंडे ने प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाते हुए जनपद की दो महत्वपूर्ण ग्राम पंचायतों — चिरौली और बैनई का औचक निरीक्षण किया।
उनके साथ अपना दल (एस) के क्षेत्रीय अध्यक्ष महेश चौधरी और स्थानीय अधिकारी मौजूद रहे।
गांवों में पहुंचकर उन्होंने दलित बस्तियों और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया।
ग्रामीणों से सीधा संवाद करते हुए कुंडे जी ने पूछा कि क्या सरकारी योजनाओं का लाभ उन्हें समय पर मिल रहा है।
ग्रामीणों ने खुलकर अपनी समस्याएँ सामने रखीं —
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कई घरों में पीने के पानी की किल्लत,
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सड़क व नाली निर्माण अधूरा,
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आवास योजना की फाइलें लंबित,
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और वृद्धावस्था पेंशन में देरी जैसी समस्याएं बताईं।
इन शिकायतों पर श्री कुंडे ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और कहा —
“जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ कागज़ पर नहीं, ज़मीन पर दिखना चाहिए। गरीब और दलित वर्ग को योजनाओं से वंचित करना सीधी लापरवाही है, इसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 72 घंटे के भीतर प्राथमिक समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें, और हर योजना की अद्यतन रिपोर्ट आयोग को भेजें।
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“सरकारी योजनाएं तब तक अधूरी हैं, जब तक समाज के आखिरी व्यक्ति तक न पहुँचें” — कुंडे
औचक निरीक्षण के दौरान कुंडे जी ने लोगों से संवाद करते हुए कहा कि
“प्रदेश सरकार समाज के हर वर्ग को समान अवसर देना चाहती है। लेकिन योजनाओं की सफलता तभी है जब लाभार्थी खुद उसे महसूस करें। प्रशासनिक लापरवाही विकास की सबसे बड़ी रुकावट है।”
उन्होंने गांव की आंगनवाड़ी, प्राथमिक विद्यालय और हैंडपंपों की भी स्थिति देखी।
जहां सुधार की आवश्यकता थी, वहां तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
उन्होंने स्थानीय युवाओं से भी अपील की कि वे गांवों में सरकारी योजनाओं की निगरानी समिति के रूप में सक्रिय रहें, ताकि भ्रष्टाचार पर अंकुश लग सके।
जन संवाद में योजनाओं की विस्तृत जानकारी

रमेश चन्द्र कुंडे ने दलित बस्तियों में उपस्थित लोगों को केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी, जिनमें —
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प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY)
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हर घर जल मिशन
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मुख्यमंत्री बालक-बालिका छात्रवृत्ति योजना
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आंबेडकर स्वरोजगार योजना
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एससी/एसटी उत्पीड़न निवारण योजना
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आजीविका मिशन (NRLM)
शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि इन योजनाओं का लाभ “बिचौलियों” के बिना सीधे पात्र लाभार्थी को मिले।
उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि यदि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी भ्रष्टाचार करता है, तो वे सीधे आयोग को सूचित करें — हर शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी।
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समीक्षा बैठक और जनसुनवाई की तैयारी

रमेश चन्द्र कुंडे ने घोषणा की कि कल, दिनांक 08 अक्टूबर 2025 (प्रातः 11 बजे), सर्किट हाउस सभागार, आगरा में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक और जनसुनवाई आयोजित की जाएगी।
इस बैठक में प्रदेश के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे —
पुलिस आयुक्त, नगर आयुक्त, सीएमओ, बेसिक शिक्षा अधिकारी, जल निगम, समाज कल्याण, पीडब्ल्यूडी, पंचायत राज, सूडा, डूडा, सूक्ष्म उद्योग, और मुख्य विकास अधिकारी।
बैठक में अनुसूचित जाति/जनजाति समाज से जुड़ी योजनाओं की प्रगति, उत्पीड़न से जुड़े मामलों और विभागीय क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि —
“जनसुनवाई का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि हर समस्या का समाधान तय समयसीमा में सुनिश्चित करना है।”
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“समाज की आवाज़ ही मेरा संकल्प है” — कुंडे
दौरे के समापन पर श्री कुंडे ने कहा —
“मैं किसी कुर्सी का अधिकारी नहीं, बल्कि समाज की आवाज़ का प्रतिनिधि हूँ। जब तक दलित, पिछड़ा और गरीब वर्ग सम्मानपूर्वक नहीं जी सकेगा, तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा।”
उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि अनुसूचित जाति आयोग केवल औपचारिक संस्था नहीं, बल्कि न्याय और समानता का माध्यम है।
आगरा दौरा बना सामाजिक चेतना और जवाबदेही का प्रतीक

रमेश चन्द्र कुंडे का यह दौरा न केवल सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही का भी उदाहरण बना।
लाल डिग्गी की प्रभात फेरी ने जहां समाज में आत्मगौरव जगाया, वहीं गांवों के निरीक्षण ने अधिकारियों को जिम्मेदारी का संदेश दिया।
आगरा का यह दौरा दलित समाज की आवाज़ को नई दिशा देने वाला साबित हुआ।
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