अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर फतेहाबाद के भलोखरा विद्यालय में दिखाई गई प्रेरणादायक फिल्म | बालिकाओं में आत्मविश्वास और शिक्षा की नई रोशनी
फतेहाबाद के भलोखरा विद्यालय में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर बालिकाओं के लिए प्रेरणादायक लघुचित्र फिल्म का प्रदर्शन हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास, शिक्षा और आत्मनिर्भरता की भावना को सशक्त बनाना था।

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर भलोखरा विद्यालय में दिखाई गई प्रेरणादायक फिल्म — बेटियों के आत्मविश्वास की जगी नई रोशनी
ब्यूरो रिपोर्ट: एस. शेरवानी
आगरा/फतेहाबाद, 11 अक्टूबर 2025
हर वर्ष की तरह इस बार भी अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस (International Girl Child Day 2025) को पूरे देशभर में हर्ष और उत्साह के साथ मनाया गया।
इसी क्रम में आगरा जनपद के फतेहाबाद ब्लॉक स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय भलोखरा कंपोजिट में एक विशेष आयोजन किया गया,
जिसका उद्देश्य बालिकाओं में शिक्षा, आत्मविश्वास, नेतृत्व और आत्मनिर्भरता की भावना को सशक्त बनाना था।
विद्यालय में छात्राओं के लिए एक प्रेरणादायक लघुचित्र (short film) प्रदर्शित की गई जिसने बच्चों के मन-मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव छोड़ा।
फिल्म ने यह सशक्त संदेश दिया कि –
“हर बालिका में अपार क्षमता होती है, बस उसे अपने सपनों पर विश्वास रखना चाहिए।”
फिल्म बनी आत्मविश्वास का स्रोत

फतेहाबाद के इस विद्यालय में दिखाई गई लघुचित्र फिल्म में एक ऐसी बालिका की कहानी दिखाई गई
जो कठिन परिस्थितियों में भी शिक्षा के माध्यम से अपनी किस्मत बदलती है।
गरीबी, सामाजिक बंधनों और परिवारिक जिम्मेदारियों के बावजूद उसने अपने सपनों को नहीं छोड़ा
और दृढ़ निश्चय के साथ डॉक्टर बनने का लक्ष्य हासिल किया।
फिल्म ने विद्यालय की सभी छात्राओं के भीतर “मैं भी कर सकती हूँ” की भावना को जगाया।
बच्चियों ने बड़ी ध्यानपूर्वक फिल्म देखी और उसके बाद अपने विचार साझा करते हुए कहा
कि अब वे अपने जीवन में शिक्षा और आत्मनिर्भरता को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगी।
कक्षा 8 की छात्रा पायल ने कहा —
“फिल्म देखकर लगा कि अगर हम ठान लें, तो कोई भी मुश्किल बड़ी नहीं होती।
अब मैं भी अपनी पढ़ाई पूरी कर सरकारी अधिकारी बनना चाहती हूँ।”
नोडल शिक्षक अनिल कुमार का प्रेरक संबोधन
विद्यालय के नोडल शिक्षक अनिल कुमार ने बालिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि
बालिका सिर्फ परिवार का नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार होती है।
उन्होंने कहा —
“आज की बेटियाँ हर क्षेत्र में आगे हैं। जरूरत सिर्फ इस बात की है कि उन्हें सही दिशा, शिक्षा और प्रोत्साहन दिया जाए।
शिक्षित बालिका ही सशक्त भारत की नींव रख सकती है।”
उन्होंने मिशन शक्ति अभियान और “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” कार्यक्रमों की चर्चा करते हुए
सरकार द्वारा बालिकाओं की शिक्षा और सुरक्षा के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी भी दी।
साथ ही उन्होंने छात्राओं को आत्मरक्षा, डिजिटल सुरक्षा, साइबर जागरूकता और आत्मसम्मान के महत्व पर जागरूक किया।
FOR THE LATEST NEWS AND UPDATES SUBSCRIBE TO HINDI DAINIK SAMACHAR
महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक छोटा लेकिन बड़ा कदम

विद्यालय के प्रधानाध्यापक और अध्यापकों ने मिलकर कहा कि यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं था,
बल्कि यह बालिकाओं के मानसिक और सामाजिक विकास की दिशा में एक ठोस पहल है।
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर इस तरह की गतिविधियाँ बालिकाओं को न केवल प्रेरित करती हैं
बल्कि उनमें आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की जड़ें भी गहरी करती हैं।
शिक्षकों ने बालिकाओं से कहा कि वे अपने अधिकारों को जानें, अपनी राय रखें
और किसी भी प्रकार के अन्याय या भेदभाव का डटकर सामना करें।
उन्होंने छात्राओं को यह भी बताया कि आज के दौर में विज्ञान, खेल, प्रशासन, सेना और तकनीकी क्षेत्र में
बालिकाएँ पुरुषों के बराबर योगदान दे रही हैं।
छात्राओं के विचार: प्रेरणा और आत्मबल का संगम
फिल्म देखने के बाद छात्राओं में गजब का उत्साह था।
कक्षा 7 की छात्रा रिया ने कहा —
“फिल्म से सीखा कि कठिन परिस्थितियाँ ही हमें मजबूत बनाती हैं।
अब मैं और मेहनत करूंगी ताकि अपने माता-पिता को गर्व महसूस करा सकूं।”
एक अन्य छात्रा ने कहा —
“हम बेटियाँ किसी से कम नहीं। हमें सिर्फ अपने ऊपर भरोसा रखना है और हर कदम पर आगे बढ़ना है।”
विद्यालय परिसर इस दौरान उत्साह, तालियों और मुस्कुराहटों से गूंज उठा।
विद्यालय परिवार का संकल्प: हर बेटी को मिलेगा अवसर

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार ने सामूहिक संकल्प लिया कि वे बालिकाओं की शिक्षा और विकास के लिए
निरंतर कार्य करते रहेंगे।
विद्यालय प्रशासन ने घोषणा की कि आने वाले महीनों में बालिकाओं के लिए नेतृत्व प्रशिक्षण, आत्मरक्षा शिविर, विज्ञान प्रदर्शनियाँ और करियर गाइडेंस वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा।
नोडल शिक्षक अनिल कुमार ने कहा कि यह लघुचित्र फिल्म सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं थी,
बल्कि यह बालिकाओं को उनके सपनों को सच करने की प्रेरणा देने वाली “जीवन की पाठशाला” थी।
निष्कर्ष: हर बालिका, एक संभावनाओं का ब्रह्मांड
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर भलोखरा विद्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम
समाज को यह याद दिलाने का माध्यम बना कि हर बालिका एक परिवर्तन की शक्ति है।
जब बेटियाँ शिक्षित, आत्मनिर्भर और जागरूक बनती हैं —
तो समाज में समानता, प्रगति और संवेदना का नया अध्याय शुरू होता है।
यह कार्यक्रम न केवल बालिकाओं के लिए एक प्रेरक अवसर था
बल्कि एक ऐसा उदाहरण भी बन गया जिससे अन्य विद्यालय भी सीख ले सकते हैं।
CHECK ALSO:
मिशन शक्ति 5.0 में आगरा की छात्रा गुलाल बनी एक दिन की जिलाधिकारी | महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल
AGRA NEWS: आगरा के शिक्षक अजय कुमार शर्मा का NCERT चयन | कक्षा 4 की नई EVS पुस्तक “हमारा अद्भुत संसार” का हुआ कस्टमाइजेशन
AGRA NEWS: मण्डलायुक्त शैलेन्द्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में मण्डलीय समीक्षा बैठक सम्पन्न | कर वसूली, कृषक योजना और दीपावली सुरक्षा पर दिए निर्देश
KHERAGARH: विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2025: खेरागढ़ के विद्यालय में बच्चों को दी गई मानसिक सशक्तिकरण और सकारात्मक सोच की सीख




