आगरा में राष्ट्रीय कार्यशाला सम्पन्न | प्रो. एस.पी. सिंह बघेल की उपस्थिति में वैक्सीन कोल्ड चेन और संचार रणनीति पर मंथन
आगरा में केंद्रीय मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल की उपस्थिति में राष्ट्रीय कार्यशाला सम्पन्न। वैक्सीन कोल्ड चेन प्रबंधन, क्षमता निर्माण और संचार रणनीति के डिजिटलीकरण पर हितधारकों ने विचार-विमर्श किया।
केंद्रीय मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल की उपस्थिति में आगरा में राष्ट्रीय कार्यशाला सम्पन्न
संचार रणनीति, वैक्सीन कोल्ड चेन प्रबंधन और पशुपालन क्षेत्र के आधुनिकीकरण पर मंथन
आगरा, 03 सितम्बर 2025
रिपोर्ट – एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
कार्यशाला का आयोजन और उद्देश्य
आगरा के होटल कोर्टयार्ड में एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य था – हितधारकों के विचार-विमर्श के माध्यम से संचार रणनीति का विकास करना। इस आयोजन की विशेषता रही केंद्रीय मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल की गरिमामयी उपस्थिति, जिन्होंने इसे पशुपालकों से सीधे संवाद का एक अनमोल अवसर बताया।
यह कार्यशाला पशुपालन और डेयरी विभाग (DAHD), मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय तथा संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) भारत के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) का हिस्सा है। यह समझौता मई 2024 में हुआ था, जिसका मुख्य उद्देश्य है –
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वैक्सीन कोल्ड चेन प्रबंधन को सुदृढ़ करना
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क्षमता निर्माण (Capacity Building) को बढ़ावा देना
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संचार योजनाओं का डिजिटलीकरण करना
एमओयू की विशेषताएँ
पशुपालन और डेयरी विभाग (DAHD) तथा UNDP के बीच हुए इस समझौते के तहत कई महत्त्वपूर्ण बिंदु तय किए गए –
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वैक्सीन कोल्ड चेन सिस्टम को मजबूत बनाना, ताकि रोग नियंत्रण में अधिक प्रभावी कदम उठाए जा सकें।
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डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचार रणनीति विकसित करना, जिससे जानकारी सीधे किसानों और पशुपालकों तक पहुँचे।
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क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के जरिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पशुपालन विभागों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना।
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पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में नई तकनीक, वैकल्पिक समाधान और इनोवेशन को अपनाने की दिशा में सहयोग करना।
केंद्रीय मंत्री का संबोधन
केंद्रीय मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने कहा कि यह आयोजन पशुपालकों और हितधारकों को एक साझा मंच प्रदान करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य है – देश के हर पशुपालक तक योजनाओं और नवाचारों को पहुँचाना।
उन्होंने कहा –
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यह कार्यशाला किसानों और पशुपालकों तक नवीनतम तकनीक और नवाचार पहुँचाने का माध्यम है।
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भारत सरकार संचार और विस्तार सेवाओं को मजबूत बनाकर सभी योजनाओं को देश के हर कोने तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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पशुपालन क्षेत्र को आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि आय बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभानी होगी।
प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
इस अवसर पर कई वरिष्ठ अधिकारी और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख थे –
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सुश्री वर्षा जोशी, अतिरिक्त सचिव (CDD), भारत सरकार
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डॉ. एंजेला लुइसिगी, निवासी प्रतिनिधि, UNDP भारत
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अमित कुमार घोष, प्रधान सचिव, पशुपालन विभाग, उत्तर प्रदेश
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डीएएचडी के वरिष्ठ अधिकारी
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विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के निदेशक और प्रतिनिधि
इन सभी ने अपने विचार प्रस्तुत किए और यह चर्चा की कि कैसे डिजिटल संचार, प्रशिक्षण और वैक्सीन प्रबंधन प्रणाली पशुपालन क्षेत्र में क्रांति ला सकती है।
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पशुपालन विभाग के व्हाट्सएप चैनल का शुभारंभ
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने पशुपालन और डेयरी विभाग के आधिकारिक व्हाट्सएप चैनल का शुभारंभ किया। इस चैनल का उद्देश्य है –
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योजनाओं की जानकारी सीधे किसानों और पशुपालकों तक पहुँचाना।
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प्रशिक्षण, टीकाकरण और नई तकनीकों से जुड़े अपडेट साझा करना।
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पशुपालन क्षेत्र को डिजिटल रूप से और अधिक पारदर्शी बनाना।
भविष्य की दिशा
इस कार्यशाला से यह साफ है कि आने वाले समय में भारत में पशुपालन और डेयरी क्षेत्र पूरी तरह डिजिटल और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित होगा।
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किसानों और पशुपालकों को सीधे डिजिटल कम्युनिकेशन से जोड़कर योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।
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कोल्ड चेन प्रबंधन से बीमारियों पर नियंत्रण आसान होगा और पशुधन की उत्पादकता बढ़ेगी।
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क्षमता निर्माण कार्यक्रमों से ग्रामीण स्तर पर अधिक रोज़गार और आय के अवसर मिलेंगे।
निष्कर्ष
आगरा में आयोजित यह राष्ट्रीय कार्यशाला न केवल एक नीतिगत बैठक थी, बल्कि यह संकेत भी देती है कि आने वाले वर्षों में पशुपालन क्षेत्र भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी बनेगा।
केंद्रीय मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल के नेतृत्व और UNDP जैसे अंतर्राष्ट्रीय सहयोग से यह क्षेत्र नए डिजिटल और वैज्ञानिक युग में प्रवेश करने जा रहा है।
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