आगरा

सेंट जॉन्स कॉलेज आगरा में मिशन शक्ति 5.0 के तहत “आईटी क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका” पर संगोष्ठी | तकनीकी क्षेत्र में महिलाओं की प्रेरक यात्रा

मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत सेंट जॉन्स कॉलेज आगरा में “आईटी क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन। एडा लवलेस से लेकर रोशनी नादर मल्होत्रा तक महिलाओं की तकनीकी यात्रा पर चर्चा, छात्राओं को डिजिटल इंडिया में नेतृत्व की प्रेरणा दी गई।

मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत सेंट जॉन्स कॉलेज में “आईटी क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका” पर संगोष्ठी — बेटियों ने दिखाया डिजिटल भारत का भविष्य

Saleem Sherwani

रिपोर्ट – एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा | दिनांक: 14 अक्टूबर 2025

“टेक्नोलॉजी में महिलाएं सिर्फ भाग नहीं ले रहीं, बल्कि भविष्य गढ़ रही हैं” — सेंट जॉन्स कॉलेज के मंच से गूंजा सशक्तिकरण का संदेश

आगरा।
समाज में महिलाओं की बदलती भूमिका और तकनीकी युग में उनके बढ़ते योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से, सेंट जॉन्स कॉलेज के बीसीए विभाग ने मिशन शक्ति 5.0 के तहत एक प्रभावशाली ज्ञानवर्धक संगोष्ठी का आयोजन किया।
कार्यक्रम का विषय था — “आईटी क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका”, जिसमें छात्राओं, शिक्षकों और तकनीकी विशेषज्ञों ने मिलकर महिलाओं की तकनीकी यात्रा और भविष्य की संभावनाओं पर विचार साझा किए।

इतिहास से भविष्य तक: तकनीकी दुनिया में महिलाओं की प्रेरक गाथा

संगोष्ठी की शुरुआत उस ऐतिहासिक यात्रा के स्मरण से हुई, जब 19वीं सदी में एडा लवलेस ने दुनिया का पहला कंप्यूटर प्रोग्राम लिखा था।
वक्ताओं ने बताया कि कैसे एक महिला ने उस युग में गणित और कोडिंग की दुनिया में अपनी पहचान बनाई — और वही विरासत आज रोशनी नादर मल्होत्रा जैसी भारतीय महिला नेताओं के रूप में आगे बढ़ रही है।
रोशनी नादर, जो एचसीएल टेक्नोलॉजीज़ की चेयरपर्सन हैं, इस बात का जीता-जागता उदाहरण हैं कि महिलाएं तकनीक और नेतृत्व दोनों में समान रूप से सक्षम हैं।

LG Electronics Share Price 2025 | EV, AI और OLED इनोवेशन से शेयर की ग्रोथ ट्रेंड

कनक चौहान और जाह्नवी शर्मा ने दी विचारोत्तेजक प्रस्तुति

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहीं बीसीए विभाग की छात्राएँ कनक चौहान और जाह्नवी शर्मा, जिन्होंने “महिलाओं की आईटी सेक्टर में भूमिका” पर अपने विचार अत्यंत प्रभावशाली ढंग से रखे।
उनकी प्रस्तुति ने दर्शाया कि महिलाएं अब सिर्फ कोडिंग या डाटा एंट्री तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, क्लाउड कंप्यूटिंग, मशीन लर्निंग, और टेक उद्यमिता (Tech Entrepreneurship) जैसे क्षेत्रों में नेतृत्व कर रही हैं।

कनक चौहान ने कहा —

“डिजिटल युग में महिलाएं केवल तकनीक का हिस्सा नहीं, बल्कि नवाचार की धुरी हैं। हमें अपनी क्षमता पर विश्वास करना होगा और हर कोड लाइन में अपनी पहचान दर्ज करनी होगी।”

उनकी बातों ने दर्शकों के बीच जोश और गर्व का माहौल बना दिया।

संगोष्ठी बनी संवाद और प्रेरणा का मंच

सत्र में शिक्षकों और छात्रों के बीच एक संवादात्मक चर्चा हुई, जिसमें यह सवाल उभरा — “क्या आज भी तकनीक में महिलाएं कम प्रतिनिधित्व रखती हैं?”
इस प्रश्न पर संकाय सदस्यों ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम महिलाओं को सिर्फ ‘यूजर’ नहीं, बल्कि ‘क्रिएटर’ के रूप में देखें।
बीसीए विभाग के शिक्षकों ने बताया कि कॉलेज का उद्देश्य छात्राओं में वह आत्मविश्वास जगाना है जिससे वे स्टार्टअप्स, रिसर्च, और इनोवेशन में अग्रणी बन सकें।

FOR THE LATEST NEWS AND UPDATES SUBSCRIBE TO HINDI DAINIK SAMACHAR

लैंगिक समानता और डिजिटल सशक्तिकरण पर केंद्रित विचार

सत्र के दौरान यह भी चर्चा हुई कि भारत के डिजिटल भविष्य को मजबूत बनाने के लिए महिलाओं की भागीदारी आवश्यक है।
टेक्नोलॉजी क्षेत्र में बढ़ती लैंगिक समानता, डिजिटल साक्षरता, और महिला उद्यमिता जैसे विषयों पर गहन विचार हुआ।
शिक्षकों ने कहा कि जब महिलाएं टेक्नोलॉजी में शामिल होती हैं, तो समाज का संतुलन, दृष्टिकोण और नवाचार का स्तर स्वतः बढ़ जाता है।

संकाय सदस्यों का संदेश: “हर बेटी भविष्य की टेक लीडर बन सकती है”

कार्यक्रम के अंत में संकाय सदस्यों ने छात्राओं को संदेश दिया कि भारत अब डिजिटल युग के स्वर्णिम दौर में प्रवेश कर चुका है।
ऐसे में महिलाओं की भूमिका केवल भागीदारी की नहीं, बल्कि नेतृत्व की होनी चाहिए।
उन्होंने कहा —

“हर लड़की में एक इनोवेटर छिपी है, हर कोड में एक कहानी है, और हर तकनीकी प्रयास में एक नया भारत आकार ले रहा है।”

सत्र का समापन छात्राओं की जोशीली तालियों और आत्मविश्वास भरे चेहरों के साथ हुआ।

Tata Motors Demerger Record Date 2025: Investors के लिए बड़ी अपडेट और पूरी गाइड

डिजिटल भारत में महिलाओं का बढ़ता योगदान

यह संगोष्ठी केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया सार्थक कदम साबित हुई।
मिशन शक्ति 5.0 के तहत सेंट जॉन्स कॉलेज ने यह दिखाया कि महिलाओं की तकनीकी शिक्षा सिर्फ रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार बन रही है।
छात्राओं ने यह संकल्प लिया कि वे आगे चलकर न केवल आईटी क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करेंगी, बल्कि अपने ज्ञान और कौशल से समाज में बदलाव लाएँगी।

निष्कर्ष:

सेंट जॉन्स कॉलेज की यह पहल मिशन शक्ति 5.0 के उद्देश्य — “महिलाओं को आत्मनिर्भर, सुरक्षित और सशक्त बनाना” — का सशक्त उदाहरण है।
तकनीकी शिक्षा और नवाचार के माध्यम से महिलाओं का यह उत्थान ही भारत को डिजिटल युग में सशक्त राष्ट्र बनाएगा।

CHECK ALSO:

मंडलीय सरस मेला 2025 आगरा: विधायक डॉ. जी.एस. धर्मेश और मंडलायुक्त शैलेन्द्र कुमार सिंह ने किया शुभारंभ, महिलाएं बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

मिशन शक्ति 5.0: बैकुण्ठी देवी कन्या महाविद्यालय में महिला सशक्तिकरण पर हुआ प्रेरक कविता पाठ कार्यक्रम

आगरा: जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू भदौरिया की अध्यक्षता में सिंचाई बन्धु बैठक सम्पन्न, नहर सफाई व किसानों के हित में दिए सख्त निर्देश

AGRA NEWS, LATEST AGRA NEWS, HINDI DAINIK SAMACHAR

Related Articles

Back to top button