आगरा, 19 अक्टूबर 2025
आगरा। उत्तर प्रदेश सरकार किसानों की आय दोगुनी करने और खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में अब “नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल्स” (National Mission on Edible Oils) के तहत किसानों के लिए एक बड़ा तोहफ़ा दिया गया है। इस योजना के अंतर्गत जिला कृषि विभाग, आगरा को सरसों की प्रजाति पूसा मस्टर्ड 32 (Pusa Mustard 32) के कुल 25,000 मिनीकिट प्राप्त हुए हैं, जिन्हें किसानों में निःशुल्क वितरित किया जाएगा।
सरकार की पहल: आत्मनिर्भर तेल उत्पादन की ओर कदम
भारत में हर साल करोड़ों रुपये के खाद्य तेल का आयात किया जाता है। इस पर रोक लगाने और देश को खाद्य तेल उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से यह मिशन चलाया जा रहा है। पूसा मस्टर्ड 32 प्रजाति की सरसों उच्च उत्पादन क्षमता और रोग प्रतिरोधक गुणों के कारण किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है।
जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को नई प्रजातियों के प्रति जागरूक करना और उच्च गुणवत्ता वाले बीजों का प्रसार करना है। प्रत्येक मिनीकिट का वजन 2 किलोग्राम है और इसे प्रति किसान निःशुल्क प्रदान किया जाएगा।
कौन ले सकता है योजना का लाभ?
इस योजना का लाभ वही किसान उठा सकते हैं जिनके पास कम से कम 0.4 हेक्टेयर कृषि भूमि हो।
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प्रत्येक पात्र किसान को सिर्फ एक मिनीकिट (2 किग्रा) ही मिलेगा।
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किसानों को इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण करना आवश्यक है।
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पंजीकरण कृषि विभाग के पोर्टल agridarshan.up.gov.in पर किया जा सकता है।
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यदि आवेदन निर्धारित संख्या से अधिक आते हैं, तो लाभार्थियों का चयन ऑनलाइन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा ताकि वितरण पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष रहे।
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50% अनुदान पर बीज खरीदने की सुविधा
जिन किसानों को निःशुल्क मिनीकिट नहीं मिल पाता, उनके लिए विभाग ने 50% अनुदान पर बीज उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की है।
किसानों को ₹56.74 प्रति किलोग्राम की दर से भुगतान करना होगा।
बीज जिले के राजकीय कृषि बीज भंडारों पर उपलब्ध होंगे, जहाँ किसान पोस मशीन पर बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद बीज प्राप्त कर सकते हैं।
यह व्यवस्था किसानों की सुविधा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए की गई है ताकि किसी भी प्रकार की कालाबाज़ारी या बिचौलियों की भूमिका समाप्त की जा सके।
जिले में खाद की पर्याप्त उपलब्धता
कृषि विभाग ने बताया कि वर्तमान समय में आगरा जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। जिले में विभिन्न उर्वरकों की स्थिति इस प्रकार है –
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डीएपी + टीएसपी: 4,794 मेट्रिक टन
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एनपीकेएस: 18,243 मेट्रिक टन
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यूरिया: 22,713 मेट्रिक टन
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एमओपी: 14,885 मेट्रिक टन
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एसएसपी: 3,420 मेट्रिक टन
इसके अलावा प्राइवेट कंपनी कोरोमंडल की एक नई डीएपी रैक भी जिले में पहुंच चुकी है। इसमें से 760 मेट्रिक टन उर्वरक पीसीएफ समितियों को और 2,000 मेट्रिक टन निजी उर्वरक विक्रेताओं को भेजा जा रहा है।
इससे किसानों को रबी सीजन की फसल बोआई के लिए पर्याप्त उर्वरक आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।