Agra Breaking: आगरा में जल शक्ति अभियान 2025 की समीक्षा बैठक — भूगर्भ जल सुधार और जल संरक्षण कार्यों की विस्तृत समीक्षा
आगरा में केंद्रीय नोडल अधिकारी रोहित कुमार की अध्यक्षता में जल शक्ति अभियान “कैच द रेन 2025” की समीक्षा बैठक सम्पन्न। भूगर्भ जल स्तर सुधार, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, सिंचाई योजना और जल जीवन मिशन पर हुई गहन चर्चा।

आगरा में “जल शक्ति अभियान: कैच द रेन-2025” की समीक्षा बैठक सम्पन्न — भूगर्भ जल सुधार, जल संरक्षण और ग्रामीण विकास पर हुआ गहन मंथन
केंद्रीय नोडल अधिकारी रोहित कुमार ने लिया प्रगति कार्यों का फीडबैक, दिए जल प्रबंधन को जन आंदोलन बनाने के निर्देश
रिपोर्ट: एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा | 28 अक्टूबर 2025
अभियान का उद्देश्य — “हर बूंद का सदुपयोग, हर वर्षा का संचयन”
भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे जल शक्ति अभियान “कैच द रेन-2025” का लक्ष्य देशभर में जल संरक्षण, भू-गर्भ जल स्तर में सुधार और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देना है। इसी क्रम में आज सर्किट हाउस, आगरा में केंद्रीय नोडल अधिकारी रोहित कुमार (निदेशक, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार) की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक का मुख्य उद्देश्य था — जनपद आगरा में वर्ष 2025 के प्री-मानसून और पोस्ट-मानसून के दौरान हुए भू-जल स्तर में परिवर्तन की समीक्षा करना और जल संरक्षण के लिए विभागवार प्रगति रिपोर्ट प्राप्त करना।
आंकड़ों में सुधार और चुनौतियाँ — भू-गर्भ जल स्तर का तुलनात्मक विश्लेषण
बैठक में प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 और 2025 के पोस्ट-मानसून डाटा का तुलनात्मक अध्ययन किया गया। इसमें यह पाया गया कि आगरा जिले के विभिन्न ब्लॉकों में जल स्तर में मिश्रित परिणाम सामने आए हैं — कुछ स्थानों पर सुधार हुआ, तो कुछ क्षेत्रों में गिरावट दर्ज की गई।
| ब्लॉक | वर्ष 2024 पोस्ट-मानसून (MBGL) | वर्ष 2025 (अगस्त तक) (MBGL) | परिवर्तन / स्थिति |
|---|---|---|---|
| अछनेरा | 6.75 | 9.61 | मामूली गिरावट (अत्यधिक दोहन) |
| बरौली अहीर | 38.00 | 39.03 | गिरावट |
| फतेहाबाद | 45.50 | 44.15 | सुधार |
| खेरागढ़ | 27.51 | 27.71 | स्थिर |
| खंदौली | 32.07 | 37.56 | गिरावट |
| बाह | 34.11 | 34.13 | स्थिर |
| फतेहपुर सीकरी | 7.05 | 7.18 | स्थिर |
| जगनेर | 6.15 | 6.29 | स्थिर |
| पिनाहट | 34.50 | 34.50 | कोई परिवर्तन नहीं |
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि कुछ ब्लॉकों में जल पुनर्भरण की प्रक्रिया सफल रही है, जबकि कुछ स्थानों पर भूगर्भ जल का अत्यधिक दोहन अब भी चिंता का विषय बना हुआ है।
FOR THE LATEST NEWS AND UPDATES SUBSCRIBE TO HINDI DAINIK SAMACHAR
जल संरक्षण परियोजनाओं में तेज़ी — विभागवार प्रगति रिपोर्ट

बैठक के दौरान जनपद के विभिन्न विभागों द्वारा किए गए जल संरक्षण कार्यों का विस्तृत PPT प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया गया।
लघु सिंचाई विभाग:
-
अब तक 2800 वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं।
-
2025-26 के लिए 1512 वाटर बॉडी, सोक पिट, ट्रेंच और वॉटरशेड निर्माण कार्य पूरे किए गए हैं।
-
1734 कार्य अभी प्रगति पर हैं, जिन्हें 31 मार्च 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा।
मनरेगा विभाग:
-
283 तालाब जीर्णोद्धार के लक्ष्य के सापेक्ष 154 कार्य पूर्ण तथा 115 कार्य प्रगति पर हैं।
-
बरसात समाप्ति के बाद शेष कार्य भी पूर्ण कर लिए जाएंगे।
पंचायती राज विभाग:
-
1960 सोक पिट के लक्ष्य में से 781 पूर्ण, 776 कार्य प्रगति पर।
-
रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग के तहत 615 में से 154 कार्य पूर्ण, 183 कार्य प्रगति पर।
कृषि विभाग:
-
खेत तालाब योजना के तहत किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
-
भूमि समतलीकरण और माइक्रो सिंचाई सिस्टम (ड्रिप, स्प्रिंकलर, रेनगन) के माध्यम से जल दक्षता पर जोर दिया जा रहा है।
वन विभाग:
-
वृक्षारोपण अभियान के तहत हजारों पौधों का रोपण किया गया।
-
वर्षा जल संरक्षण हेतु जैव विविधता पार्कों में जल संरचना तैयार की गई।
सिंचाई विभाग:
-
20 ड्रेनों की सफाई का कार्य पूरा किया गया।
-
वर्षा जल निकासी प्रणाली को और बेहतर बनाने पर चर्चा हुई।
नोडल अधिकारी का फोकस — “जन भागीदारी ही असली सफलता की कुंजी”

केंद्रीय नोडल अधिकारी रोहित कुमार ने समीक्षा के दौरान कहा —
“जल संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि यह समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब हर नागरिक ‘कैच द रेन’ को अपनाएगा, तभी जल संकट से स्थायी समाधान निकलेगा।”
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांवों और शहरों में स्कूलों, पंचायतों, युवा संगठनों और किसान समितियों के माध्यम से जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए। साथ ही, उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्रों पर किसानों की ट्रेनिंग में धीमी प्रगति पर नाराजगी भी व्यक्त की।
31 मार्च 2026 तक सभी कार्य पूरे करने का लक्ष्य
बैठक में तय किया गया कि सभी जल संरक्षण से जुड़े कार्य — जैसे वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, तालाब पुनर्जीवन, सोक पिट निर्माण, रूफटॉप रेन वाटर सिस्टम — को मार्च 2026 तक पूरा किया जाएगा।
केंद्रीय नोडल अधिकारी ने कहा कि कल वे व्यक्तिगत रूप से जनपद के विभिन्न स्थलों का भौतिक निरीक्षण करेंगे और जमीनी स्थिति का मूल्यांकन करेंगे।
बैठक में मौजूद प्रमुख अधिकारी
इस समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी, एडीएम नमामि गंगे जुबैर बेग, उप निदेशक कृषि मुकेश कुमार, डीसी मनरेगा रामायण यादव, अधिशासी अभियंता सिंचाई नीरज कुमार, सीनियर जियो फिजिसिस्ट शशांक शेखर, जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार, और लघु सिंचाई विभाग के वीरेन्द्र कुमार समेत कई अधिकारी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
“कैच द रेन – 2025” केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि यह भविष्य की जल सुरक्षा की दिशा में सबसे बड़ा सामाजिक अभियान है।
आगरा में चल रहे इन कार्यों से यह संदेश स्पष्ट है कि अगर जनभागीदारी और प्रशासनिक समर्पण साथ आ जाएं, तो आने वाले वर्षों में भूगर्भ जल संकट पर काबू पाया जा सकता है।
CHECK ALSO:
Breaking: आगरा में शुरू हुआ विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) अभियान | 3696 बूथों पर चलेगा मतदाता सूची सुधार कार्य
मॉस्को में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे सांसद राजकुमार चाहर, एशियन संसदीय समिति की बैठक में उठाएंगे सामाजिक और सांस्कृतिक एकता के मुद्दे
भारतीय शिक्षा बोर्ड की मंडलीय बैठक सम्पन्न, शिक्षा में भारतीय संस्कृति और वैदिक मूल्यों को अपनाने का आह्वान
BREAKING: आगरा पेयजल पुनर्गठन योजना की समीक्षा बैठक, मंडलायुक्त ने दिए समयबद्ध कार्य पूर्ण करने के निर्देश
सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर जयवीर सिंह ने दिया एकता का संदेश | एक भारत आत्मनिर्भर भारत अभियान आगरा से हुआ शुरू
Agra News 2025: आगरा में ब्राह्मण परिषद की मिसाल — दिवाली के बाद 11,000 लक्ष्मी-गणेश मूर्तियों का वैदिक विधि से विसर्जन




