रोटरी क्लब ऑफ आगरा नियो ने पथ प्रदर्शक गुरुजन सम्मान समारोह में 26 शिक्षकों को किया सम्मानित
आगरा में रोटरी क्लब ऑफ आगरा नियो द्वारा आयोजित पथ प्रदर्शक गुरुजन सम्मान समारोह में 26 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र की जानी-मानी हस्तियां शामिल रहीं।
रोटरी क्लब ऑफ आगरा नियो ने मनाया पथ प्रदर्शक गुरुजन सम्मान समारोह, 26 उत्कृष्ट शिक्षकों का हुआ अभिनंदन

आगरा।
शिक्षक सिर्फ़ ज्ञान देने वाले नहीं होते, वे वह मार्गदर्शक होते हैं जो एक बच्चे के जीवन की दिशा बदल सकते हैं। इसी प्रेरणा को आधार बनाते हुए रोटरी क्लब ऑफ आगरा नियो ने एक अनोखी पहल करते हुए शहर के 26 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया।
यह भव्य आयोजन रीगल बैंकट डी जेल, क्रॉस रोड मॉल, सिकंदरा में हुआ, जहां शिक्षा जगत और चिकित्सा क्षेत्र की जानी-मानी हस्तियां एक मंच पर नज़र आईं। इस समारोह को नाम दिया गया—“पथ प्रदर्शक गुरुजन सम्मान समारोह”।
शिक्षा और चिकित्सा का अद्भुत संगम
कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि शिक्षकों का सम्मान किसी राजनीतिक मंच से नहीं बल्कि शहर के प्रतिष्ठित डॉक्टर्स ने किया। यह दृश्य बेहद भावुक कर देने वाला था जब डॉक्टरों ने अपने हाथों से शिक्षकों को शॉल ओढ़ाकर, माल्यार्पण कर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
इस अनूठे संगम ने यह संदेश दिया कि शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों ही समाज की मजबूत नींव हैं, और जब ये दोनों एक साथ आएं तो समाज और भी सशक्त होता है।
कार्यक्रम की प्रमुख हस्तियां
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मुख्य अतिथि: प्रो. सरोज सिंह (पूर्व प्राचार्या, एस.एन. मेडिकल कॉलेज)
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मुख्य वक्ता: डॉ. जे.एन. टंडन (वरिष्ठ चिकित्सक)
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विशिष्ट अतिथि: डॉ. मीना सिंह, डॉ. अरुण चतुर्वेदी, डॉ. अजय दोनोरिया, डॉ. पंकज नगायच, डॉ. पवन गुप्ता
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अध्यक्षता: डॉ. योगेश सिंघल
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संयोजक: पवित्र शर्मा (सचिव, रोटरी क्लब ऑफ आगरा नियो)
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संचालन: डॉ. पूजा नगायच
इन हस्तियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को गरिमामयी बना दिया।
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किन शिक्षकों को मिला सम्मान?
सम्मान पाने वालों में कई ऐसे शिक्षक थे, जिन्होंने न केवल शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया बल्कि विद्यार्थियों के जीवन को भी बेहतर बनाने में योगदान दिया। सम्मानित शिक्षकों में शामिल हैं:
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कर्ण सिंह धाकड़
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वीरेश कुमार
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मो. रेहान
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अलका अग्रवाल
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सुमा कुमारी
इनमें से कुछ शिक्षकों को हाल ही में सूरसदन, आगरा में जिलाधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की मौजूदगी में भी सम्मानित किया गया था।
समारोह की भावनात्मक झलकियाँ
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जब बच्चों और अभिभावकों की मौजूदगी में शिक्षकों को शॉल पहनाकर सम्मानित किया गया तो पूरा माहौल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
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कार्यक्रम में शिक्षकों के योगदान को सिर्फ उनके अध्यापन तक सीमित नहीं रखा गया बल्कि समाज में उनकी भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया।
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कई शिक्षक भावुक भी हुए और कहा कि यह सम्मान उन्हें और ज्यादा जिम्मेदार बनाता है।
डॉ. आर.के. सिंह का प्रेरणादायी संदेश
समारोह के अंत में डॉ. आर.के. सिंह ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा:
“शिक्षक समाज के दीपस्तंभ हैं। यह वही मार्गदर्शक हैं जो बच्चों के जीवन को उजाला देते हैं। हम सभी का कर्तव्य है कि ऐसे गुरुजनों का सम्मान करें और उन्हें उचित मान-सम्मान दें।”
क्यों है यह आयोजन खास?
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शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र के लोगों का एक ही मंच पर आना अपने आप में अनूठा रहा।
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सम्मान केवल रस्म अदायगी नहीं बल्कि शिक्षकों की मेहनत और उनके समर्पण को सार्वजनिक रूप से स्वीकारना था।
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यह कार्यक्रम इस बात का प्रतीक बना कि शिक्षक और डॉक्टर समाज के वास्तविक ‘नेशन बिल्डर्स’ हैं।
- यह आयोजन सिर्फ एक सम्मान समारोह नहीं बल्कि एक प्रेरणा स्रोत था, जिसने साबित किया कि जब समाज अपने शिक्षकों का सम्मान करता है, तो शिक्षा का स्तर और भी ऊंचा होता है।
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