आगराइंडियाउत्तर प्रदेश

जगनेर श्री ग्वाल बाबा मेले की तैयारियां तेज, बैठक संपन्न

जगनेर में श्री ग्वाल बाबा मेले की तैयारियों पर बैठक हुई। सांस्कृतिक कार्यक्रम, सफाई, बिजली और व्यवस्था को लेकर अहम निर्णय लिए गए।

जगनेर में श्री ग्वाल बाबा मेले की तैयारियां शुरू, कमेटी की बैठक में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और व्यवस्थाओं पर जोर

एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़) –

आगरा/जगनेर।
जगनेर कस्बे में हर वर्ष होने वाला श्री ग्वाल बाबा मेला इस बार और भी भव्य स्वरूप में आयोजित होने जा रहा है। मेले की तैयारियों को लेकर रविवार दोपहर ग्वाल बाबा वाटिका पर श्री ग्वाल बाबा मेला कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेले के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम, साफ-सफाई, बिजली व्यवस्था, परिक्रमा मार्ग की तैयारियों और शांति व्यवस्था जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर विशेष जोर

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि मेले में इस बार लगातार सात दिनों तक निशुल्क सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ बाहर से आने वाले कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे। मेला कमेटी के अध्यक्ष गुड्डू उपाध्याय ने बताया कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य न केवल लोगों का मनोरंजन करना है बल्कि भारतीय परंपरा और संस्कृति को भी जीवित रखना है।

नगर पंचायत से सहयोग की अपील

बैठक के दौरान मेला कमेटी ने नगर पंचायत से मेले की तैयारी में पूरा सहयोग देने की मांग की। खासकर नगर में साफ-सफाई, विद्युत पोलों पर रोशनी, परिक्रमा मार्ग में पर्याप्त लाइटिंग और पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात रखी गई।

गुड्डू उपाध्याय ने स्पष्ट कहा कि लाखों श्रद्धालु मेले में शामिल होते हैं, ऐसे में किसी भी तरह की अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए। नगर पंचायत यदि सफाई और बिजली की व्यवस्था सही ढंग से कर दे तो मेले की शोभा और बढ़ जाएगी।

परिक्रमा मार्ग को लेकर उत्साह

मेला प्रबंधक रामकुमार उपाध्याय ने बताया कि छठ पूजा के साथ ही जगनेर ग्वाल मंदिर की परिक्रमा शुरू होगी। इस परिक्रमा में लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं और मंदिर की परिक्रमा करने का विशेष महत्व माना जाता है। श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखते ही बनता है। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि परिक्रमा मार्ग पर पूरी तरह सफाई और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

बैठक में हुई चर्चाएं

बैठक में मौजूद सभी सदस्यों ने मेले को भव्य बनाने पर अपने-अपने विचार रखे।

  • छत्रपाल सिंह (पूर्व प्रधान) ने कहा कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ठहरने और पीने के पानी की उचित व्यवस्था होनी चाहिए।

  • अनिल अग्रवाल ने सुझाव दिया कि भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में पुलिस और स्वयंसेवक तैनात किए जाएं ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।

  • हरिओम उपाध्याय (मंत्री) ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के मंच और कलाकारों की सुविधा के लिए अलग टीम गठित करने की बात रखी।

  • ब्रजकिशोर मित्तल, मुकेश परमार और दामोदर प्रसाद ने सुझाव दिया कि मेले में स्वच्छता और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए।

सुरक्षा पर भी रही गहन चर्चा

बैठक में यह तय किया गया कि मेले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन को भी सहयोग के लिए पत्र लिखा जाएगा। मेले में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है, ऐसे में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।

साथ ही, स्वयंसेवकों की अलग टीम तैयार की जाएगी जो श्रद्धालुओं की मदद करने के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन में भी प्रशासन का सहयोग करेगी।

आगरा: धनौलीकलां गौशाला से तेंदुआ शावक का रेस्क्यू

बैठक में शामिल रहे गणमान्य लोग

इस बैठक में कई गणमान्य और सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। इनमें योगेश कुमार, शिवशंकर उपाध्याय, मुकेश सरपंच, राजेश राना, किशन मंगल, महेंद्र पाठक, मुकेश गुर्जर, गजेंद्र शर्मा, रिंकू उपाध्याय, अन्नू शर्मा, रजनेश प्रजापति, हरिओम पाठक, छोटू पचौरी, छुट्टन गर्ग, पवन शर्मा आदि शामिल रहे। सभी ने अपने विचार रखे और मेले को सफल बनाने का संकल्प लिया।

मेले की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता

जगनेर का श्री ग्वाल बाबा मेला सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं है बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक संगम भी है। श्रद्धालु यहां आकर न केवल भगवान के दर्शन करते हैं बल्कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भारतीय लोककला, संगीत और नृत्य का आनंद भी उठाते हैं। यही कारण है कि यह मेला न केवल स्थानीय लोगों बल्कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र है।

FOR THE LATEST NEWS AND UPDATES SUBSCRIBE TO HINDI DAINIK SAMACHAR

व्यापारियों और स्थानीय लोगों की भूमिका

हर वर्ष की तरह इस बार भी मेले में बड़ी संख्या में व्यापारी अपनी दुकानें लगाएंगे। स्थानीय स्तर पर मेले से छोटे व्यापारियों और दुकानदारों की अच्छी-खासी आय होती है। बैठक में इस पर भी चर्चा हुई कि व्यापारियों के लिए उचित स्थान निर्धारित किए जाएंगे ताकि अव्यवस्था न फैले और श्रद्धालुओं को खरीदारी में भी सुविधा हो।

साफ-सफाई और पर्यावरण संरक्षण पर फोकस

बैठक में यह भी तय किया गया कि मेले में पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा जाएगा। प्लास्टिक के प्रयोग पर रोक लगाने और श्रद्धालुओं को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने की योजना पर भी चर्चा हुई। मेला कमेटी ने यह सुनिश्चित करने का निर्णय लिया कि मेले के दौरान हर जगह डस्टबिन लगाए जाएं और सफाई कर्मचारियों की तैनाती की जाए।

श्रद्धालुओं में उत्साह

जगनेर और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं में पहले से ही ग्वाल बाबा मेले को लेकर उत्साह है। सोशल मीडिया पर भी लोग मेले को लेकर चर्चा कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि ग्वाल बाबा के दर्शन से हर मनोकामना पूरी होती है और यही कारण है कि हर साल लाखों की संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं।

निष्कर्ष

बैठक का माहौल पूरी तरह सकारात्मक और उत्साहपूर्ण रहा। सभी ने मिलकर संकल्प लिया कि इस बार का श्री ग्वाल बाबा मेला पहले से भी अधिक भव्य और सुव्यवस्थित होगा। साफ-सफाई, बिजली, सुरक्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की योजनाओं से यह साफ है कि श्रद्धालुओं को इस बार एक नए अनुभव का आनंद मिलेगा।

श्री ग्वाल बाबा मेला सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक है।

CHECK ALSO:

आगरा में अवैध बसों पर बड़ी कार्रवाई, 12 बसें बंद

 

AGRA NEWS, HINDI DAINIK SAMACHAR

Related Articles

Back to top button