मिशन शक्ति 5.0: कागारौल विद्यालय में छात्रा इरमशाह बनीं एक दिन की प्रधानाध्यापिका
आगरा के कागारौल विद्यालय में मिशन शक्ति 5.0 के तहत छात्रा इरमशाह को एक दिन की प्रधानाध्यापिका बनाया गया। बालिका शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर जोर।
मिशन शक्ति 5.0: पूर्व माध्यमिक विद्यालय कागारौल-1 में मिशन शक्ति 5.0 का शुभारंभ, छात्रा इरमशाह बनीं एक दिन की प्रधानाध्यापिका
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
खेरागढ़ / कागारौल, आगरा, 22 सितम्बर 2025
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मिशन शक्ति 5.0 कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त बनाना है। इसी क्रम में खेरागढ़ ब्लॉक क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय कागारौल-प्रथम में इस अभियान का शुभारंभ हुआ।
यह आयोजन न सिर्फ एक सरकारी पहल का हिस्सा था बल्कि समाज को यह संदेश देने का भी प्रयास था कि बालिकाएँ शिक्षा और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी जिम्मेदारी को निभा सकती हैं।
छात्रा इरमशाह बनीं एक दिन की प्रधानाध्यापिका

कार्यक्रम की सबसे खास पहल रही छात्रा इरमशाह को एक दिन के लिए विद्यालय का प्रधानाध्यापक बनाया जाना।
प्रधानाध्यापिका की कुर्सी संभालते ही इरमशाह ने पूरे विद्यालय की गतिविधियों का जायज़ा लिया।
उन्होंने:
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कक्षाओं की शिक्षण व्यवस्था पर निगरानी रखी।
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मध्यान्ह भोजन (Mid-Day Meal) की गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच की।
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विद्यालय परिसर की सफाई पर ध्यान दिया।
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छात्रों को नियमित उपस्थिति, यूनिफॉर्म, गृहकार्य और पढ़ाई में गंभीरता बरतने की अपील की।
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बच्चों को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार नागरिक बनने की सीख दी।
इरमशाह का यह अनुभव अन्य छात्राओं के लिए भी प्रेरणा बना। उन्होंने कहा कि अगर बालिकाओं को अवसर और विश्वास दिया जाए तो वे किसी भी जिम्मेदारी को कुशलता से निभा सकती हैं।
MISSION SHAKTI 5.0: आगरा में मिशन शक्ति 5.0 का शुभारंभ | महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण अभियान
रचनात्मक गतिविधियों से बच्चों ने दिया संदेश

मिशन शक्ति कार्यक्रम को जीवंत बनाने के लिए विद्यालय में अनेक गतिविधियाँ आयोजित हुईं।
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पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में छात्राओं ने महिला सशक्तिकरण, स्वच्छता और शिक्षा से जुड़े चित्र बनाए।
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नारे लेखन (Slogan Writing) में बालिकाओं ने अपने विचारों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया।
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बाल संगोष्ठी (Child Seminar) के दौरान छात्रों ने महिला सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और शिक्षा पर भाषण दिए।
इन गतिविधियों ने बच्चों के भीतर छिपे आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को उजागर किया।
विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों का सहयोग
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के प्रधानाध्यापक सत्य पाल सिंह और शिक्षकगण इंद्र प्रकाश, सीमा रानी सहित समस्त स्टाफ का विशेष योगदान रहा।
प्रधानाध्यापक सत्य पाल सिंह ने कहा:
“एक बालिका शिक्षित होती है तो वह केवल अपने परिवार ही नहीं, बल्कि समाज और आने वाली पीढ़ियों को भी शिक्षित करती है। इसलिए हम सभी का कर्तव्य है कि हम बालिकाओं की शिक्षा और आत्मनिर्भरता में सहयोग करें।”
उन्होंने आगे कहा कि सभी शिक्षक मिलकर बच्चों की शैक्षिक प्रगति और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता बढ़ाने का प्रयास करें।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अनूठी पहल
मिशन शक्ति 5.0 केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह महिलाओं और बालिकाओं की मानसिक, सामाजिक और शैक्षिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम है।
इस पहल के जरिए:
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बालिकाओं को नेतृत्व और निर्णय लेने का अवसर मिल रहा है।
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शिक्षा के साथ-साथ सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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समाज में यह संदेश जा रहा है कि महिला शिक्षा ही राष्ट्र की प्रगति की आधारशिला है।
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कार्यक्रम का सामाजिक महत्व

कागारौल विद्यालय में हुआ यह आयोजन पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बना।
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छात्राओं को आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का अनुभव मिला।
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शिक्षकों को बच्चों की रचनात्मक क्षमता और सोच का परिचय हुआ।
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अभिभावकों में यह संदेश गया कि बेटियाँ भी हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं।
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