आगरा शिक्षकोत्सव: 800 शिक्षकों का सम्मान, जिलाधिकारी ने किया निपुण चैटवोट ऐप का शुभारंभ
आगरा के सूरसदन प्रेक्षागृह में शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर शिक्षकोत्सव कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी और सीडीओ प्रतिभा सिंह की मौजूदगी में 800 शिक्षकों को सम्मानित किया गया तथा निपुण चैटवोट ऐप का शुभारंभ हुआ।
आगरा में शिक्षकोत्सव: 800 शिक्षकों का हुआ सम्मान, निपुण चैटवोट ऐप का शुभारंभ
आगरा.04.09.2025.
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़) –
आगरा।
शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर सूरसदन प्रेक्षागृह, आगरा में एक भव्य शिक्षकोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी और मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) श्रीमती प्रतिभा सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में जनपद के 800 शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही, शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए निपुण चैटवोट एप का शुभारंभ भी किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत: माँ सरस्वती की वंदना
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। शिक्षकों, अधिकारियों और अतिथियों की मौजूदगी में वातावरण पूरी तरह श्रद्धा और उत्साह से भरा हुआ था।
800 शिक्षकों का हुआ सम्मान
इस अवसर पर 800 शिक्षकों को उनके प्रशंसनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। इन शिक्षकों ने शिक्षा और पठन-पाठन के क्षेत्र में न केवल उत्कृष्ट कार्य किया बल्कि कई ऐसे प्रयास किए जिन्हें समाज में एक आदर्श माना जा सकता है।
सम्मानित किए गए शिक्षकों की उपलब्धियों में शामिल थे:
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विद्यालयों में सकारात्मक वातावरण का निर्माण
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आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों का नामांकन बढ़ाना
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शैक्षिक गतिविधियों और पाठ्य सहगामी क्रियाओं को बढ़ावा देना
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विद्यालय भवनों का संरक्षण और सौंदर्यीकरण
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विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास
निपुण चैटवोट ऐप का शुभारंभ
जिलाधिकारी ने बटन दबाकर निपुण चैटवोट ऐप का शुभारंभ किया। यह ऐप शिक्षकों और छात्रों दोनों के लिए बेहद उपयोगी है।
इस ऐप की प्रमुख विशेषताएं:
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विभिन्न विषयों पर एनिमेटेड वीडियो
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आधुनिक शिक्षण विधियों की जानकारी
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ई-कंटेंट और वीडियो स्क्रिप्ट
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तकनीकी विधियों के माध्यम से आसान शिक्षण प्रक्रिया
यह ऐप छात्रों को पढ़ाई में निपुण बनाने के साथ ही शिक्षकों को भी नवीनतम तकनीकी साधनों का प्रयोग करने में मदद करेगा।
जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी का संबोधन
जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं और शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा:
“भारतीय संस्कृति में गुरु को ईश्वर तुल्य माना गया है। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती को शिक्षक दिवस के रूप में मनाना हमारे लिए गौरव की बात है। आपके मार्गदर्शन से भविष्य के खिलाड़ी, इंजीनियर, वैज्ञानिक और राजनेता तैयार होंगे। आप समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश में शिक्षा का उन्नयन तेजी से हो रहा है। सरकारी विद्यालयों में बेहतर सुविधाएं और मजबूत ढांचा उपलब्ध कराया गया है। आज भी देश के अनेक सफल लोग सरकारी स्कूलों से पढ़कर ऊँचाइयों तक पहुँचे हैं।
सीडीओ प्रतिभा सिंह के विचार
सीडीओ ने कहा:
“शिक्षक हमारे जीवन निर्माण में माता-पिता के समान ही महत्वपूर्ण हैं। वे हमें न केवल ज्ञान देते हैं, बल्कि अच्छे संस्कार, अनुशासन और चरित्र निर्माण की शिक्षा भी देते हैं। हर शिक्षक को यह जिम्मेदारी समझनी चाहिए कि वह अपने विद्यार्थियों को सत्यनिष्ठा और समर्पण के साथ मार्गदर्शन दे।”
उन्होंने शिक्षकों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन हर परिस्थिति में उनके साथ है और किसी भी चुनौती का सामना मिलकर किया जाएगा।
कार्यक्रम का महत्व
यह कार्यक्रम केवल सम्मान का मंच नहीं था, बल्कि शिक्षा में नए आयाम जोड़ने और तकनीकी नवाचार को अपनाने का संदेश भी था।
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शिक्षकों का सम्मान समाज में उनकी प्रतिष्ठा को और मजबूत करता है।
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निपुण चैटवोट ऐप आधुनिक शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम है।
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प्रशासन और शिक्षकों की साझेदारी से शिक्षा की गुणवत्ता और भी बेहतर होगी।
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कार्यक्रम में उपस्थित अतिथि
कार्यक्रम में जिलाधिकारी और सीडीओ के अलावा कई वरिष्ठ अधिकारी और शिक्षा से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे:
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जितेंद्र कुमार गोंड
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नगर शिक्षा अधिकारी सुमित कुमार
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डॉ. इंद्र प्रकाश सोलंकी
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सभी बीईओ
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सम्मानित शिक्षकगण
निष्कर्ष
आगरा का यह शिक्षकोत्सव कार्यक्रम न केवल शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या को यादगार बना गया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि शिक्षा क्षेत्र में निरंतर प्रयास और नवाचार से ही आने वाली पीढ़ी को उज्ज्वल भविष्य दिया जा सकता है।
शिक्षक दिवस का यह उत्सव न केवल शिक्षकों का सम्मान है, बल्कि यह समाज को यह संदेश भी देता है कि गुरु ही वह दीपक हैं जो अज्ञान रूपी अंधकार को मिटाकर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं।

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