Agra News: स्कूल चलो अभियान के तहत प्राथमिक विद्यालय खेड़िया के बच्चों ने निकाली जागरूकता रैली, नुक्कड़ नाटक से अभिभावकों को सरकारी स्कूलों में प्रवेश के लिए किया प्रेरित
अकोला ब्लॉक में शिक्षा के प्रति जागरूकता का अनूठा प्रयास, बालिका शिक्षा, नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण का दिया संदेश
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा, 23 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश सरकार के स्कूल चलो अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए आगरा के विकास खंड अकोला स्थित प्राथमिक विद्यालय खेड़िया के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने प्रेरणादायी पहल की। विद्यालय परिवार ने गांव में जागरूकता रैली निकालकर शिक्षा का महत्व बताया और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से अभिभावकों से अपने बच्चों का सरकारी विद्यालयों में नामांकन कराने तथा नियमित रूप से विद्यालय भेजने की अपील की।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ना, सरकारी विद्यालयों में नामांकन बढ़ाना और ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करना रहा।
रैली और नुक्कड़ नाटक ने ग्रामीणों का जीता दिल

जागरूकता रैली के दौरान छात्र-छात्राओं ने हाथों में शिक्षा से जुड़े प्रेरक संदेश लिखी तख्तियां लेकर पूरे गांव का भ्रमण किया। रास्ते में बच्चों ने विभिन्न स्थानों पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए, जिनमें शिक्षा का महत्व, बालिका शिक्षा, नियमित विद्यालय उपस्थिति और उज्ज्वल भविष्य जैसे विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
बच्चों के आत्मविश्वासपूर्ण अभिनय और संदेशों ने ग्रामीणों का ध्यान आकर्षित किया। उपस्थित लोगों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे शिक्षा के क्षेत्र में एक सराहनीय पहल बताया।
प्रधानाध्यापिका पूजा शर्मा ने किया लेखन और निर्देशन

इस प्रेरणादायी कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि विद्यालय की प्रधानाध्यापिका पूजा शर्मा ने स्वयं नुक्कड़ नाटक का लेखन और निर्देशन किया।
उन्होंने विद्यार्थियों को न केवल अभिनय के लिए तैयार किया, बल्कि शिक्षा के महत्व को सरल और प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाने का प्रयास भी किया। बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ प्रस्तुति देकर यह संदेश दिया कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार है और सरकारी विद्यालय इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
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बालिका शिक्षा और नियमित उपस्थिति पर दिया विशेष जोर
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अपने अभिनय के माध्यम से यह संदेश दिया कि बेटा और बेटी दोनों को समान रूप से शिक्षा का अवसर मिलना चाहिए। साथ ही अभिभावकों से आग्रह किया गया कि वे बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें, जिससे उनका शैक्षणिक और व्यक्तित्व विकास बेहतर हो सके।
नाटक में सरकारी विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं, योग्य शिक्षकों, नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकों, मध्यान्ह भोजन और अन्य शैक्षणिक योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
ग्रामीणों ने नामांकन बढ़ाने का दिया भरोसा
बच्चों की प्रस्तुति से प्रभावित ग्रामीणों ने विद्यालय परिवार के प्रयासों की सराहना की और अधिक से अधिक बच्चों का सरकारी विद्यालयों में प्रवेश कराने का आश्वासन दिया।
ग्रामीणों का कहना था कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करते हैं और अभिभावकों को अपने बच्चों के भविष्य के प्रति अधिक सजग बनाते हैं।
ग्राम प्रधान और पूर्व ग्राम प्रधान ने की विद्यालय की सराहना
कार्यक्रम में ग्राम प्रधान रामकुमार तथा पूर्व ग्राम प्रधान हरदौल सिंह ने विद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक वातावरण और शिक्षकों के समर्पण की प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि आज सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रशिक्षित शिक्षक और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अनेक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने बच्चों का अधिक से अधिक संख्या में सरकारी विद्यालयों में नामांकन कराएं और शिक्षा के इस जन अभियान को सफल बनाएं।
शिक्षकों ने निभाई सक्रिय भूमिका
स्कूल चलो अभियान के इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षकों ने सक्रिय सहयोग दिया।
इस अवसर पर प्रधानाध्यापिका पूजा शर्मा, पुष्पा अहिरवार, श्यामवीर सिंह, शालिनी सिंह, नेहा भदौरिया तथा दिनेश कुमार सहित विद्यालय परिवार के सभी सदस्यों ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया और अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने की दिशा में प्रभावी पहल
स्कूल चलो अभियान के अंतर्गत आयोजित यह जागरूकता कार्यक्रम केवल रैली या नुक्कड़ नाटक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीण समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सरकारी विद्यालयों में नामांकन को प्रोत्साहित करने का एक प्रभावी माध्यम बना।
विद्यालय परिवार का मानना है कि ऐसे जन-जागरूकता कार्यक्रमों से शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार होगा और अधिक से अधिक बच्चे विद्यालय से जुड़कर अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर कदम बढ़ाएंगे।


