बेटियों की सुरक्षा का सबसे मजबूत कवच बनेगा HPV टीकाकरण: डीएम मनीष बंसल की अपील, 14 वर्ष आयु वर्ग की सभी बालिकाओं का टीकाकरण कराएं
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए आगरा में चलाया जा रहा विशेष अभियान, सरकार मुफ्त उपलब्ध करा रही लगभग ₹4,000 प्रति डोज कीमत वाली वैक्सीन
“आज की छोटी सी सावधानी, कल बेटियों के स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की गारंटी बन सकती है” – जिलाधिकारी मनीष बंसल
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा, 18 जून 2026।
बेटियों को भविष्य में होने वाली गंभीर और जानलेवा बीमारियों से सुरक्षित रखने की दिशा में आगरा जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण जन-जागरूकता अभियान शुरू किया है। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने जनपद के सभी अभिभावकों, शिक्षकों, धर्मगुरुओं, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों और जागरूक नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि वे 14 वर्ष आयु वर्ग की सभी बालिकाओं का एचपीवी (Human Papillomavirus) टीकाकरण अवश्य कराएं।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक टीकाकरण कार्यक्रम नहीं, बल्कि बेटियों को भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने का एक सशक्त और प्रभावी अभियान है। यदि समय रहते एचपीवी वैक्सीन लगवा दी जाए तो महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
महिलाओं में तेजी से बढ़ रही सर्वाइकल कैंसर की चुनौती
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर वर्तमान समय में महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसरों में से एक है। यह बीमारी धीरे-धीरे विकसित होती है और प्रारंभिक चरण में इसके लक्षण स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देते, जिसके कारण कई बार इसका पता देर से चलता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार भारत में हर वर्ष हजारों महिलाएं सर्वाइकल कैंसर की चपेट में आती हैं और बड़ी संख्या में महिलाओं की मृत्यु भी इसी बीमारी के कारण होती है। चिंता की बात यह है कि यह कैंसर लंबे समय तक शरीर में बिना किसी स्पष्ट संकेत के विकसित हो सकता है।
उन्होंने कहा कि यदि समय पर बचाव के उपाय अपनाए जाएं तो इस बीमारी को काफी हद तक रोका जा सकता है और एचपीवी टीकाकरण इसी दिशा में सबसे प्रभावी कदम माना जाता है।
क्या है HPV और कैसे बनता है कैंसर का कारण?
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार HPV यानी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस एक सामान्य वायरस है, जो कई प्रकार के संक्रमण का कारण बन सकता है। इसके कुछ विशेष प्रकार महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के लिए जिम्मेदार माने जाते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि एचपीवी संक्रमण से बचाव के लिए विकसित की गई वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) सहित दुनिया की अनेक स्वास्थ्य एजेंसियां किशोरियों को एचपीवी टीकाकरण कराने की सिफारिश करती हैं।
सरकार मुफ्त उपलब्ध करा रही महंगी वैक्सीन
जिलाधिकारी ने बताया कि बाजार में उपलब्ध एचपीवी वैक्सीन की कीमत लगभग ₹4,000 प्रति डोज तक होती है, जो कई परिवारों के लिए आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
लेकिन भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार ने बेटियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए 14 वर्ष आयु वर्ग की पात्र किशोरियों को यह वैक्सीन पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि सरकार की यह पहल लाखों परिवारों को आर्थिक राहत देने के साथ-साथ बेटियों को गंभीर बीमारी से बचाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
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किन बालिकाओं को मिलेगा टीकाकरण का लाभ?
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह विशेष अभियान उन सभी किशोरियों के लिए संचालित किया जा रहा है—
- जिनकी आयु 14 वर्ष है।
- जिन्होंने अभी अपना 15वां जन्मदिन पूरा नहीं किया है।
- जो जनपद आगरा की निवासी हैं।
- जिनका पंजीकरण यू-विन पोर्टल अथवा स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में उपलब्ध है।
विशेषज्ञों का मानना है कि किशोरावस्था में लगाया गया यह टीका सबसे अधिक प्रभावी सुरक्षा प्रदान करता है और भविष्य में सर्वाइकल कैंसर की संभावना को काफी हद तक कम कर देता है।
कहां उपलब्ध है टीकाकरण की सुविधा?
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में एचपीवी टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध है। इनमें शामिल हैं—
- जिला अस्पताल
- एसएन मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध इकाइयां
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC)
- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC)
- शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (UPHC)
- उप स्वास्थ्य केंद्र (Sub Centre)
इसके अतिरिक्त प्रत्येक माह के तीसरे शुक्रवार को विशेष टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाते हैं, जहां एएनएम द्वारा पात्र बालिकाओं को एचपीवी टीका लगाया जाता है।
यू-विन पोर्टल पर कराएं पंजीकरण
जिलाधिकारी ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों का पंजीकरण यू-विन (U-WIN) पोर्टल पर अवश्य कराएं।
यदि ऑनलाइन पंजीकरण में कोई कठिनाई हो तो निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर स्वास्थ्य कर्मियों की सहायता से भी पंजीकरण कराया जा सकता है।
टीकाकरण के समय निम्न दस्तावेज साथ ले जाना आवश्यक होगा—
- आधार कार्ड
- जन्म प्रमाण पत्र
- राशन कार्ड
- स्कूल पहचान पत्र
- मोबाइल नंबर
शिक्षकों और विद्यालयों की भूमिका होगी महत्वपूर्ण
डीएम मनीष बंसल ने कहा कि विद्यालयों के शिक्षक और प्रधानाचार्य इस अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने शिक्षण संस्थानों से अपील की कि वे छात्राओं और उनके अभिभावकों को एचपीवी टीकाकरण के महत्व के बारे में जानकारी दें तथा पात्र बालिकाओं को टीकाकरण के लिए प्रेरित करें।
विद्यालय स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर इस अभियान को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
धर्मगुरुओं और सामाजिक संगठनों से भी सहयोग की अपील
जिलाधिकारी ने समाज के प्रभावशाली वर्गों से भी आगे आने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि धर्मगुरु, सामाजिक संगठन, स्वयंसेवी संस्थाएं और जनप्रतिनिधि यदि इस अभियान का संदेश आम लोगों तक पहुंचाएं तो अधिक से अधिक परिवार जागरूक होंगे और पात्र बालिकाएं टीकाकरण से लाभान्वित हो सकेंगी।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया क्यों जरूरी है यह टीका
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार एचपीवी टीकाकरण केवल वर्तमान की सुरक्षा नहीं बल्कि भविष्य के स्वास्थ्य में निवेश है।
विशेषज्ञों का कहना है कि—
- यह सर्वाइकल कैंसर के खतरे को कम करता है।
- महिलाओं के दीर्घकालिक स्वास्थ्य की सुरक्षा करता है।
- गंभीर बीमारी के इलाज पर होने वाले भारी खर्च से बचाता है।
- किशोरियों को भविष्य में बेहतर स्वास्थ्य प्रदान करता है।
बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए जरूरी कदम
जिलाधिकारी ने कहा कि हर माता-पिता अपनी बेटी को सुरक्षित, स्वस्थ और सफल देखना चाहते हैं। ऐसे में एचपीवी टीकाकरण एक ऐसा कदम है जो भविष्य में उनकी बेटी को गंभीर बीमारी से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने कहा कि आज लिया गया यह निर्णय आने वाले वर्षों में परिवारों को मानसिक, शारीरिक और आर्थिक परेशानियों से बचा सकता है।
सर्वाइकल कैंसर मुक्त आगरा बनाने का लक्ष्य
जिला प्रशासन ने इस अभियान के माध्यम से जनपद में अधिकतम पात्र बालिकाओं तक एचपीवी टीकाकरण पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कहा कि यदि समाज के सभी वर्ग मिलकर इस अभियान में सहयोग करें तो आगरा को सर्वाइकल कैंसर मुक्त बनाने का सपना साकार किया जा सकता है।
उन्होंने अंत में सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा—
“एचपीवी का टीका केवल एक वैक्सीन नहीं, बल्कि बेटियों के सुरक्षित भविष्य का सुरक्षा कवच है। आइए, हम सभी मिलकर यह सुनिश्चित करें कि जनपद की कोई भी पात्र बालिका इस महत्वपूर्ण टीकाकरण से वंचित न रहे।”
“एचपीवी का टीका, सुरक्षा का संकल्प — सर्वाइकल कैंसर से बचाव का सबसे सशक्त विकल्प।”
“आइए, मिलकर स्वस्थ, सुरक्षित एवं सर्वाइकल कैंसर मुक्त आगरा के निर्माण में अपना योगदान दें।”


