यादों, सम्मान और नई उड़ान के साथ संपन्न हुआ डायट आगरा का फेयरवेल समारोह, धर्मेंद्र बने मिस्टर फेयरवेल और वंशिता चुनी गईं मिस फेयरवेल
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा। 27 मई 2026।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) आगरा में भावनाओं, उपलब्धियों, यादों और नई शुरुआत के रंगों से सजा एक यादगार फेयरवेल समारोह आयोजित किया गया। डीएलएड बैच-2023 के प्रशिक्षुओं को सम्मानपूर्वक विदाई देने के लिए डीएलएड बैच-2024 के प्रशिक्षुओं द्वारा इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें पूरे संस्थान का वातावरण उत्साह, आत्मीयता और भावनात्मक जुड़ाव से सराबोर दिखाई दिया।
यह आयोजन केवल एक औपचारिक विदाई कार्यक्रम नहीं था, बल्कि दो वर्षों तक साथ बिताए गए शैक्षणिक अनुभवों, सीखने-सिखाने की संस्कृति, मित्रता, संघर्षों, उपलब्धियों और भविष्य की नई संभावनाओं का उत्सव भी बन गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. नताशा यादव तथा उप शिक्षा निदेशक एवं प्राचार्य अनिरुद्ध यादव द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही पूरे सभागार में शिक्षा, संस्कार और नई ऊर्जा का संदेश प्रसारित हुआ।
शिक्षा केवल डिग्री नहीं, व्यक्तित्व निर्माण की यात्रा है

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. नताशा यादव ने प्रशिक्षुओं को भावनात्मक संदेश देते हुए कहा कि किसी भी प्रशिक्षण संस्थान में बिताया गया समय जीवन की सबसे महत्वपूर्ण पूंजी बन जाता है।
उन्होंने कहा कि डीएलएड का यह दो वर्षीय प्रशिक्षण केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ऐसे दौर का प्रतिनिधित्व करता है जहाँ व्यक्ति अपने व्यक्तित्व, सोच, सामाजिक दृष्टिकोण और पेशेवर मूल्यों को विकसित करता है।
उन्होंने कहा—
“संस्थान छोड़ने के बाद भी आपका जुड़ाव समाप्त नहीं होता। एक पुरातन छात्र के रूप में संस्था से आपका रिश्ता जीवनभर बना रहता है। यहां से प्राप्त मूल्य और संस्कार ही आपके व्यक्तित्व की वास्तविक पहचान बनते हैं।”
उन्होंने प्रशिक्षुओं से अपील की कि वे भविष्य में शिक्षक बनने के बाद केवल पढ़ाने का कार्य न करें बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक भी बनें।
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सीनियर-जूनियर संबंध ही संस्थान की संस्कृति को मजबूत बनाते हैं
उप शिक्षा निदेशक एवं प्राचार्य अनिरुद्ध यादव ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा संस्थानों की वास्तविक पहचान वहां की शैक्षणिक संस्कृति और आपसी सहयोग से बनती है।
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ प्रशिक्षुओं का दायित्व केवल अपने प्रशिक्षण को पूरा करना नहीं होता बल्कि आने वाले जूनियर छात्रों को मार्गदर्शन देना और उन्हें सकारात्मक वातावरण देना भी उनकी जिम्मेदारी होती है।
उन्होंने कहा—
“सीनियर यदि अपने व्यवहार, अनुभव और सकारात्मक सोच से जूनियर्स का मार्गदर्शन करें तो संस्थान की संस्कृति और मजबूत होती है।”
उन्होंने डीएलएड बैच-2023 की उपलब्धियों, शैक्षणिक गतिविधियों और विभिन्न आयोजनों में उनकी सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि इस बैच ने संस्थान को कई यादगार क्षण दिए हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बनाया समारोह को यादगार
फेयरवेल समारोह के दौरान प्रशिक्षुओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन को विशेष आकर्षण प्रदान किया।
कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई, जिसके बाद स्वागत गीत और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
प्रशिक्षुओं ने नृत्य, समूह प्रस्तुति, भावनात्मक मंचन और संगीत कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
इस दौरान कई प्रस्तुतियां ऐसी रहीं जिन्होंने सभी को भावुक कर दिया और प्रशिक्षण के दो वर्षों की यादों को फिर से जीवंत कर दिया।
पुराने अनुभवों और यादों ने किया भावुक
कार्यक्रम में शिक्षकों और प्रशिक्षुओं ने अपने प्रशिक्षण काल के अनुभव साझा किए।
उन्होंने बताया कि किस प्रकार शुरुआत में एक-दूसरे से अनजान लोग समय के साथ मित्र, सहयोगी और परिवार की तरह बन गए।
प्रशिक्षुओं ने अपने शिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्थान में उन्हें केवल विषय ज्ञान ही नहीं बल्कि जीवन जीने की प्रेरणा भी मिली।
धर्मेंद्र बने मिस्टर फेयरवेल, वंशिता ने जीता मिस फेयरवेल का खिताब
कार्यक्रम का सबसे प्रतीक्षित और उत्साहपूर्ण क्षण वह रहा जब डीएलएड बैच-2023 के प्रशिक्षुओं में से धर्मेंद्र को मिस्टर फेयरवेल और वंशिता अंगद को मिस फेयरवेल चुना गया।
यह चयन प्रशिक्षुओं के व्यक्तित्व, व्यवहार, नेतृत्व क्षमता, सक्रिय भागीदारी और संस्थान में उनके योगदान के आधार पर किया गया।
जैसे ही विजेताओं के नामों की घोषणा हुई, पूरा सभागार तालियों की गूंज से भर गया। साथी प्रशिक्षुओं और शिक्षकों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
संचालन और आयोजन ने छोड़ी विशेष छाप
कार्यक्रम का संचालन प्रशिक्षु चारु अग्रवाल एवं हर्षवर्धन द्वारा प्रभावशाली एवं जीवंत शैली में किया गया।
पूरे कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन, प्रस्तुतियों का क्रम और आयोजन की व्यवस्था ने सभी उपस्थित लोगों को प्रभावित किया।
शिक्षकों और स्टाफ की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर प्रवक्ता अनिल कुमार, यशवीर सिंह, डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय, डॉ. प्रज्ञा शर्मा, लक्ष्मी शर्मा, संजीव कुमार सत्यार्थी, पुष्पेंद्र सिंह, यशपाल सिंह, अबु मुहम्मद आसिफ, डॉ. दिलीप कुमार गुप्ता, धर्मेंद्र प्रसाद गौतम, हिमांशु सिंह, रंजना पाण्डेय सहित समस्त डायट स्टाफ मौजूद रहा।
कार्यक्रम के अंत में कक्षाध्यापक रंजना पांडे द्वारा सभी अतिथियों, प्रशिक्षुओं एवं सहयोगियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
नई शुरुआत का संदेश देकर हुआ समापन
कार्यक्रम के समापन पर प्रशिक्षुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा गया कि विदाई किसी रिश्ते का अंत नहीं बल्कि जीवन की नई शुरुआत होती है।
डायट आगरा का यह फेयरवेल समारोह केवल एक आयोजन नहीं बल्कि सीख, संस्कार, संबंध और सपनों को आगे बढ़ाने का प्रेरणादायक अवसर बन गया।
“संस्थान की यादें हमेशा साथ रहेंगी, और यही अनुभव भविष्य में सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचने का आधार बनेंगे।”


