Agra Breaking News: आगरा-अलीगढ़ मंडल की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा, ACS अमित कुमार घोष सख्त
आगरा व अलीगढ़ मंडल की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा बैठक में ACS अमित कुमार घोष ने टीकाकरण, अस्पताल व्यवस्थाओं व मानव संसाधन सुधार के दिए कड़े निर्देश।

आगरा–अलीगढ़ मंडल की स्वास्थ्य सेवाओं की व्यापक समीक्षा
अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष की अध्यक्षता में मंडलीय बैठक, टीकाकरण से लेकर अस्पताल प्रबंधन तक हर बिंदु पर सख्त निर्देश
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा, 21 जनवरी 2026।
आगरा। उत्तर प्रदेश शासन के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष (आईएएस) की अध्यक्षता में आगरा एवं अलीगढ़ मंडल की स्वास्थ्य सेवाओं, योजनाओं और कार्यक्रमों की गहन समीक्षा बैठक मंडलायुक्त सभागार में संपन्न हुई। बैठक में डॉ. पिंकी जोवल (आईएएस), मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण द्वारा विभागीय प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई, जबकि श्रीमती रितु माहेश्वरी, सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल रहीं।
बैठक का उद्देश्य शासन द्वारा संचालित स्वास्थ्य योजनाओं की जमीनी हकीकत जानना, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का आकलन करना तथा कमियों को समयबद्ध तरीके से दूर करना रहा। बैठक की शुरुआत मुख्य चिकित्सा अधिकारी आगरा डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव द्वारा अतिथियों के स्वागत से हुई।
मंडल स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की गहन पड़ताल
बैठक में बताया गया कि शासन की मंशा के अनुरूप राज्य स्तर के वरिष्ठ अधिकारी विभिन्न मंडलों में जाकर जिला अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का भौतिक निरीक्षण कर रहे हैं। इससे पहले लखनऊ, अयोध्या और कानपुर मंडलों में भी इसी प्रकार की समीक्षाएं हो चुकी हैं। आगरा एवं अलीगढ़ मंडल की यह बैठक उसी क्रम का हिस्सा रही, जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, मानव संसाधन, बुनियादी सुविधाएं और योजनाओं के प्रभाव का विस्तृत विश्लेषण किया गया।
खसरा और टीकाकरण कार्यक्रम पर कड़ा रुख
डॉ. पिंकी जोवल ने समीक्षा के दौरान खसरा एवं नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को अत्यंत गंभीर विषय बताया। उन्होंने जानकारी दी कि आगरा और अलीगढ़ मंडल में कुल 1174 खसरा के मामले पंजीकृत किए गए हैं। वर्ष की अंतिम तिमाही में अधिकांश जनपदों में सुधार देखने को मिला है, लेकिन फिरोजाबाद जनपद में स्थिति अब भी संतोषजनक नहीं पाई गई।
उन्होंने बताया कि 60 से 70 प्रतिशत खसरा मामलों में बच्चों को टीका नहीं लगाया गया था, जो स्वास्थ्य तंत्र की बड़ी चूक को दर्शाता है। इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि:
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एएनएम स्तर तक व्यक्तिगत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए
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प्रत्येक खसरा केस की समय रहते पहचान और इलाज हो
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टीकाकरण कवरेज बढ़ाने के लिए माइक्रो-प्लान तैयार किया जाए
सभी जनपदों के अधिकारियों को चेताया गया कि टीकाकरण में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
10 दिन और 1 माह की सख्त समयसीमा

अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने बैठक के दौरान विशेष रूप से विकसित चेकलिस्ट और डैशबोर्ड के आधार पर समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि:
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टीकाकरण अभियान में अपेक्षित सुधार 10 दिन के भीतर दिखना चाहिए
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स्वास्थ्य सेवाओं की समग्र व्यवस्था में सुधार के लिए 01 माह की समयसीमा दी जा रही है
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि इस मंडलीय समीक्षा बैठक की अनुपालन बैठक शीघ्र आयोजित की जाए। तय समय में सुधार न होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अस्पतालों में अनिवार्य सुविधाओं की समीक्षा

सचिव एवं मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवल ने जिला अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य केंद्रों में निम्नलिखित व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की:
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सिटीजन चार्टर और शिकायत/सुझाव पेटिका
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मरीजों के लिए प्रतीक्षा कक्ष, स्वच्छ पेयजल
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महिला व पुरुष के लिए अलग-अलग शौचालय
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हेल्थ एटीएम, एक्स-रे मशीन, आईसीयू और पीडियाट्रिक ओपीडी
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क्रिटिकल और इमरजेंसी वार्ड में आवश्यक उपकरण
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अग्निशमन सुरक्षा मानक, साइन बोर्ड और जियो-टैगिंग
जनपद एटा, मैनपुरी, मथुरा और हाथरस में सिटीजन चार्टर और सुझाव पेटिका की स्थिति असंतोषजनक मिलने पर 24 घंटे के भीतर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने और फोटो सहित अनुपालन रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए। अनुपालन न होने पर प्रतिकूल प्रविष्टि और वेतन आहरण रोकने जैसी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
मानव संसाधनों के युक्तिकरण के निर्देश

बैठक में सामने आया कि कई स्वास्थ्य इकाइयों में कहीं आवश्यकता से अधिक स्टाफ तैनात है तो कहीं गंभीर कमी है। इसे देखते हुए निर्देश दिए गए कि:
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डॉक्टर, फार्मासिस्ट, एएनएम और आउटसोर्स कर्मियों का युक्तिकरण (Rationalization) किया जाए
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15 दिन के भीतर एसओपी तैयार कर शासन को भेजी जाए
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आवश्यकता आधारित तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि सेवाएं प्रभावी बन सकें
मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर
अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने निर्देश दिए कि सभी स्वास्थ्य कर्मी ड्यूटी के समय निर्धारित यूनिफॉर्म में रहें, बायोमेडिकल वेस्ट का सही निस्तारण किया जाए, ऑक्सीजन, जांच सुविधाएं और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता हर समय बनी रहे। अस्पतालों में साफ-सफाई, रंगाई-पुताई और मरीजों व तीमारदारों के लिए सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।
उन्होंने सभी सीएमओ को निर्देश दिए कि वे प्रत्येक माह कम से कम दो आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का स्थलीय निरीक्षण अनिवार्य रूप से करें।
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निरीक्षण रिपोर्ट और फीडबैक की समीक्षा
बैठक में राज्य स्तर की टीमों द्वारा तैयार निरीक्षण रिपोर्ट पर भी चर्चा की गई, जिसमें जिला अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों, सीएचसी, पीएचसी और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की स्थिति का मूल्यांकन किया गया था। रिपोर्ट में दवाओं की उपलब्धता, स्वच्छता, मानव संसाधन, मरीजों की सुविधाएं और लाभार्थियों से प्राप्त फीडबैक शामिल था। अधिकांश स्थानों पर मरीजों ने सेवाओं पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन जहां कमियां पाई गईं, वहां एक माह में सुधारात्मक कार्ययोजना लागू करने के निर्देश दिए गए।
कड़ा संदेश: लापरवाही बर्दाश्त नहीं

बैठक के अंत में स्पष्ट किया गया कि जिन जनपदों में शिकायतें और कमियां सामने आई हैं, वहां के मुख्य चिकित्साधिकारी और चिकित्सा अधीक्षकों को तय समयसीमा में सुधार करना होगा। पुनः निरीक्षण में कमियां पाए जाने पर कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में आगरा और अलीगढ़ मंडल के सभी सीएमओ, सीएमएस, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सहित राज्य स्तर के वरिष्ठ अधिकारी भौतिक एवं वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे। यह समीक्षा बैठक प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत, पारदर्शी और जनहितकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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