आगरा में राज्य महिला आयोग की जन सुनवाई: महिलाओं के उत्पीड़न मामलों में कड़ी कार्रवाई
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने आगरा में महिला उत्पीड़न से संबंधित जन सुनवाई संपन्न की। घरेलू हिंसा, दहेज, उत्पीड़न मामलों की समीक्षा और अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने आगरा में महिला उत्पीड़न से संबंधित व्यापक जन सुनवाई और समीक्षा बैठक की
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा, 13 अक्टूबर 2025 |
आज आगरा में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने सर्किट हाउस सभागार में महिला उत्पीड़न से संबंधित जन सुनवाई का आयोजन किया। इसके पूर्व उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर पिछले निर्देशों के अनुपालन की विस्तृत समीक्षा की और आगामी कार्यवाहियों के लिए ठोस निर्देश दिए।
जन सुनवाई का उद्देश्य और प्रशासनिक दृष्टिकोण

जन सुनवाई का प्रमुख उद्देश्य महिलाओं और बेटियों के घरेलू उत्पीड़न, पति एवं ससुराल के शोषण, दहेज, मारपीट, फर्जी शादी और अन्य महिला अपराध संबंधी शिकायतों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करना है।
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बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि आगरा जिले में सड़कों या सार्वजनिक स्थानों पर किसी प्रकार की छेड़छाड़ या बदतमीजी की कोई शिकायत नहीं मिली।
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सभी शिकायतें घर के अंदर महिलाओं के उत्पीड़न से संबंधित थीं।
डॉ. बबीता सिंह चौहान ने कहा,
“योगी जी की सरकार बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पूर्ण प्रतिबद्ध है। किसी अपराधी की हिम्मत नहीं कि महिलाओं और बेटियों की तरफ आंख उठाकर देखे। सभी बेटियां सुरक्षित हैं, और यदि किसी ने उनकी सुरक्षा को चुनौती दी तो वह बख्शा नहीं जाएगा।”
उन्होंने पुलिस और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि घरेलू हिंसा और महिला उत्पीड़न के मामलों में कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
समीक्षा बैठक के प्रमुख बिंदु

1. पिछली जन सुनवाई की समीक्षा
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पुलिस विभाग ने बताया कि पिछली जन सुनवाई में 66 शिकायतों में से 65 का निस्तारण किया जा चुका है, और केवल 1 मामला लंबित है।
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अध्यक्ष ने निस्तारित मामलों की गुणवत्तापूर्ण समीक्षा की और पुलिस विभाग की सराहना की।
2. कौशल विकास और महिला उद्यमिता
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दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल मिशन के तहत 435 महिलाओं के लक्षित प्रशिक्षण में से 190 महिलाओं को टूरिज्म, हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर और इलेक्ट्रिकल सेक्टर में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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इनमें से 57 महिलाएं आवासीय प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।
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अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि जागरूकता और प्रचार-प्रसार के माध्यम से और अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण और उद्यमशीलता से जोड़ा जाए।
3. महिला सम्मान और पेंशन योजनाएँ
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रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष में प्राप्त 1188 आवेदन में से 188 लंबित हैं।
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अध्यक्ष ने समस्त लंबित आवेदन शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए।
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स्वास्थ्य, शिक्षा, कन्या सुमंगला योजना, पति मृत्यु उपरांत महिला पेंशन और अन्य लाभार्थी योजनाओं की समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए।
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जन सुनवाई में सुनाए गए प्रमुख व्यक्तिगत प्रकरण
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मोना निवासी कुम्हारपाड़ा आगरा:
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वैष्णोदेवी हादसे में बेटी की मृत्यु और एक पैर गंवाना।
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पति ने मुआवजा राशि मिलने के बाद उसे घर से निकाल दिया।
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अध्यक्ष ने तुरंत संबंधित थाने से जांच कर मुआवजा दिलाने और बेटी को कन्या सुमंगला योजना में पंजीकृत करने के निर्देश दिए।
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श्रीमती सोनी, थाना दक्षिण, जिला फिरोजाबाद:
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पति ने दूसरी महिला से फर्जी कागजात तैयार कर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में शादी कर ली।
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अध्यक्ष ने गंभीरता से जांच कर कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए।
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अन्य महिला फरियादियों के मामले:
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घरेलू हिंसा, पति/ससुराल द्वारा उत्पीड़न, दहेज की मांग, मारपीट आदि।
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अध्यक्ष ने इन मामलों का त्वरित निस्तारण और पुलिस को कड़े निर्देश दिए।
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आगामी त्योहारों के दौरान सुरक्षा उपाय

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पुलिस विभाग से बाजारों और भीड़ वाले क्षेत्रों में गस्त और चौकसी बढ़ाने के निर्देश।
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महिलाओं और बेटियों को यूनिवर्सल इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर 112 के माध्यम से तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
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अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि सभी बेटियां सुरक्षित हैं और किसी भी प्रकार की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
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सिटी मजिस्ट्रेट: वेद सिंह चौहान
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एसीपी शमसाबाद और प्रभारी महिला: सुश्री अमीषा
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जिला कार्यक्रम अधिकारी: मनोज मौर्या
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एसीएमओ: डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति
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एडीपीआरओ: संदीप वर्मा
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जिला प्रबंधक कौशल विकास: अमित धाकरे
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अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारियों की पूरी टीम
निष्कर्ष और महत्व
डॉ. बबीता सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित यह जन सुनवाई और समीक्षा बैठक आगरा जिले में महिलाओं की सुरक्षा, अधिकारों और सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण पहल है।
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महिलाओं और बेटियों के घरेलू उत्पीड़न के मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया गया।
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कौशल प्रशिक्षण और उद्यमशीलता कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।
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आगामी त्योहारों में सुरक्षा, चौकसी और जागरूकता बढ़ाई जाएगी।
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हेल्पलाइन सेवाओं के माध्यम से किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध होगी।
यह जन सुनवाई सशक्त और सुरक्षित आगरा की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।
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