AGRA NEWS: समर्थ व विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान: आगरा संवाद का दूसरा दिन संपन्न, जनभागीदारी से बनेगा रोडमैप
आगरा में समर्थ व विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान का दूसरा दिन संपन्न हुआ। संवाद में उद्योग, किसान, व्यापारी, ग्रामीण व युवाओं ने अपने सुझाव दिए। जनभागीदारी से बनेगा विजन डॉक्यूमेंट, जो यूपी और आगरा के विकास की दिशा तय करेगा।
समर्थ व विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान: आगरा संवाद का दूसरा दिन संपन्न, जनभागीदारी से बनेगा भविष्य का रोडमैप
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा, 9 सितंबर 2025।
आगरा। उत्तर प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी अभियान “समर्थ व विकसित उत्तर प्रदेश @2047” के तहत दो दिवसीय चर्चा, परिचर्चा और संवाद कार्यक्रम का दूसरा दिन मंगलवार को आगरा में संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रदेश व जनपद के विकास से जुड़े मुद्दों पर गहन मंथन हुआ। उद्यमियों, व्यापारियों, किसानों, ग्रामीणों, महिला समूहों, युवाओं और प्रबुद्ध नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी राय साझा की।
अधिकारियों ने साफ किया कि 2047 तक यूपी को “विकसित राज्य” बनाने का रोडमैप जनभागीदारी और सुझावों पर आधारित होगा। यानी यह विजन डॉक्यूमेंट केवल ऊपर से थोपा नहीं जाएगा, बल्कि आमजन के अनुभव और विचार इसमें शामिल किए जाएंगे।
औद्योगिक विकास पर पहला सत्र

दूसरे दिन का प्रथम सत्र संयुक्त आयुक्त उद्योग अनुज कुमार की प्रस्तुति से शुरू हुआ। उन्होंने आगरा की औद्योगिक क्षमता और संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यहां का लेदर और फुटवियर उद्योग, हैंडीक्राफ्ट, स्टोन इनले वर्क, सिल्वर ज्वेलरी और होटल-रेस्टोरेंट सेक्टर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि –
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ओडीओपी (One District One Product) के तहत आगरा के पेठा, फुटवियर, मार्बल और स्टोन इनले वर्क को मान्यता मिली है।
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जल्द ही प्लास्टिक ब्रश और सिल्वर ज्वेलरी प्रोडक्ट्स को भी शामिल किया जाएगा।
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एयरपोर्ट और बेहतर कनेक्टिविटी आगरा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगी।
कर संग्रह और अर्थव्यवस्था पर दूसरा सत्र

दूसरे सत्र में राज्यकर विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर प्रमोद दूबे ने विगत 8 वर्षों की उपलब्धियों को साझा किया। उन्होंने कहा कि आगरा में अब तक 77 हजार सक्रिय पंजीकरण हो चुके हैं। पंजीकरण की संख्या तीन गुना और राजस्व संग्रह दोगुना हुआ है।
पूर्व आईएएस प्रदीप भटनागर ने कहा कि विकसित देशों में प्रति व्यक्ति आय लगभग 1 लाख रुपये प्रति माह है, जबकि प्रदेश में यह केवल 10 हजार रुपये है। उन्होंने कहा –
“हमें 2047 तक 10 गुना वृद्धि लानी होगी। इसके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और इंफ्रास्ट्रक्चर के हर स्तर पर काम करना होगा।”
ग्रामीण और आमजन के मुद्दों पर तीसरा सत्र

तृतीय सत्र तहसील फतेहाबाद के ग्राम पंचायत वाजिदपुर के आयुष्मान आरोग्य मंदिर उपकेंद्र में आयोजित किया गया। यह सत्र पूरी तरह से आमजन और ग्रामीणों को समर्पित था।
यहां महिलाओं, युवाओं और ग्रामीणों ने अपनी राय रखते हुए कहा कि –
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मनरेगा मजदूरी दर बढ़ाई जाए और भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाए।
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ग्राम सचिवालय स्तर पर ही समस्याओं का निस्तारण हो।
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शिक्षा, स्वास्थ्य और बैंकिंग सुविधाएं गांवों तक आसानी से उपलब्ध हों।
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साफ-सफाई और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे ग्राम स्तर पर पहुंचे।
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किसानों और उद्यमियों के सुझाव

कार्यक्रम के दौरान किसान संगठनों और एफपीओ प्रतिनिधियों ने जैविक खेती को बढ़ावा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि –
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रासायनिक खादों पर सब्सिडी घटाकर जैविक खेती पर सब्सिडी दी जाए।
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कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध हो।
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सिंचाई के साधनों को सशक्त बनाया जाए और नहरों-नदियों में रसायनों के प्रवाह को रोका जाए।
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किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण देकर उन्हें आधुनिक कृषि से जोड़ा जाए।
वहीं व्यापारी और उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों ने एक्सपोर्ट बढ़ाने, एमएसएमई को प्रोत्साहन और पारदर्शी नीति की मांग रखी।
“नीतियां ऊपर से नहीं, नीचे से बनेंगी” – डॉ. केवी राजू
मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार डॉ. केवी राजू ने स्पष्ट किया कि यह संवाद केवल औपचारिकता नहीं है। उन्होंने कहा –
“हम चाहते हैं कि नीतियां ऊपर से थोपी न जाएं, बल्कि नीचे से लोगों की भागीदारी और सुझावों पर आधारित हों। हर नागरिक क्यूआर कोड, वेबसाइट या डीएम व सीडीओ को लिखित रूप में अपने विचार साझा कर सकता है। हर सार्थक सुझाव विजन डॉक्यूमेंट का हिस्सा बनेगा।”
प्रमुख सचिव ने किया आह्वान

प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने कहा कि विकसित आगरा @2047 के लिए शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग, पर्यटन, नगरीय और ग्रामीण विकास, कृषि और सुशासन जैसे सभी क्षेत्रों में जनभागीदारी जरूरी है। उन्होंने अपील की कि नागरिक अधिक से अधिक संख्या में सुझाव दें ताकि आगरा और यूपी दोनों को 2047 तक समर्थ और आत्मनिर्भर राज्य बनाया जा सके।
निष्कर्ष
इस दो दिवसीय संवाद का मकसद साफ है—जनभागीदारी से विकास का रोडमैप तैयार करना। यह पहला मौका है जब नीतियों और योजनाओं के मसौदे के लिए सीधे आमजन से राय ली जा रही है। ग्रामीणों से लेकर उद्योग जगत तक, सभी के विचार इस डॉक्यूमेंट का हिस्सा होंगे। यही दस्तावेज़ आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश और विशेषकर आगरा के विकास की दिशा तय करेगा।
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