आगरा: नदी में साइकिल समेत बहे दो मासूम, घंटों से जारी रेस्क्यू ऑपरेशन
आगरा के कागारौल थाना क्षेत्र में बड़ा हादसा, अकोला खारी नदी के तेज बहाव में दो मासूम साइकिल समेत बह गए। प्रशासन, पुलिस और रेस्क्यू टीम लगातार खोजबीन में जुटी। गांव में मातम पसरा।
आगरा: नदी में साइकिल समेत बह गए दो मासूम, घंटों से जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन, गांव में पसरा मातम
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा/कागारौल। ताजनगरी आगरा के कागारौल थाना क्षेत्र में सोमवार की शाम ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। जैगारा गांव के पास अकोला खारी नदी का पानी उफान पर था। शाम करीब 4 बजे दो मासूम बच्चे, जो रोज की तरह साइकिल से रास्ता पार कर रहे थे, अचानक तेज बहाव में बह गए। ग्रामीणों की आंखों के सामने यह मंजर घटित हुआ और पूरा गांव सदमे में डूब गया।
हादसे का पल-पल का घटनाक्रम
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दोनों बच्चे साइकिल पर बैठकर नदी रपट को पार कर रहे थे। पिछले कुछ दिनों से बारिश के कारण नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया था और पानी सड़क तक आ गया था। बच्चे जैसे ही बीच में पहुंचे, अचानक तेज बहाव में फंस गए और देखते ही देखते नदी की लहरों ने उन्हें बहा लिया। ग्रामीणों ने चीख-पुकार सुनकर उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन पानी का वेग इतना तेज था कि मासूम पलक झपकते ही नजरों से ओझल हो गए।
प्रशासन और जनप्रतिनिधि अलर्ट
घटना की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। तुरंत पुलिस-प्रशासन को खबर दी गई। थोड़ी ही देर में मौके पर क्षेत्रीय विधायक चौधरी बाबूलाल चौधरी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य अरविंद चाहर, एसडीएम किरावली, थाना कागारौल पुलिस, एसीपी सैंया, पीएसी और रेस्क्यू टीम पहुंच गई।
रेस्क्यू टीम ने नदी में स्ट्रीमर और नाव उतार दीं और दोनों मासूमों की तलाश शुरू कर दी। प्रशासन ने आसपास के गांवों से भी मदद ली। पुलिस ने नदी किनारे बड़ी संख्या में जवान तैनात किए ताकि कोई और व्यक्ति जोखिम लेकर पानी के करीब न जाए।
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ग्रामीणों की पीड़ा और गुस्सा
हादसे के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है। दोनों मासूमों के परिवारजन रो-रोकर बेहाल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नदी पर रपटे से गुजरते समय कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। न तो चेतावनी बोर्ड लगाए गए थे और न ही बैरिकेडिंग की गई थी।
लोगों का आरोप है कि हर साल बरसात के दिनों में नदी का पानी बढ़ता है और खतरा पैदा होता है, लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं देता। ग्रामीणों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए स्थायी समाधान निकाला जाए।
रेस्क्यू जारी लेकिन सुराग नहीं
खबर लिखे जाने तक घंटों की मशक्कत के बाद भी दोनों मासूमों का कोई सुराग नहीं लग पाया है। रेस्क्यू टीम लगातार नदी में तलाश कर रही है। प्रशासन ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।
दर्दनाक हादसे से सबक
यह हादसा सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं है बल्कि प्रशासनिक लापरवाही की भी ओर इशारा करता है। अगर समय रहते नदी के पास सुरक्षा इंतजाम होते तो शायद यह दर्दनाक घटना टाली जा सकती थी।
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