उद्गम पोर्टल पर नजर आएगा डायट आगरा प्रवक्ता का नवाचार | CM योगी ने किया शुभारंभ
शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्गम पोर्टल लांच किया। इसमें डायट आगरा के प्रवक्ता डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय के नवाचार को शामिल किया गया है। यह नवाचार शिक्षकों और छात्रों के लिए बड़ी उपलब्धि साबित होगा।
उद्गम पोर्टल पर दिखेगा डायट आगरा प्रवक्ता का नवाचार, मुख्यमंत्री योगी ने किया शुभारंभ
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ) –
आगरा। शिक्षक दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए “उद्गम पोर्टल” लांच किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शुरू किए गए इस पोर्टल का उद्देश्य परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों को आधुनिक तकनीक और नवाचारों से जोड़ना है। खास बात यह है कि इस पोर्टल में आगरा डायट के रसायन विज्ञान प्रवक्ता डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय के अनूठे शैक्षिक नवाचार को भी शामिल किया गया है।
यह चयन न केवल जनपद आगरा के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि प्रदेश के लाखों छात्रों और शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
उद्गम पोर्टल क्या है और क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर प्रदेश राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) के तत्वावधान में शुरू किया गया उद्गम पोर्टल शिक्षकों और प्रशिक्षकों के नवाचारों का डिजिटल भंडार है।
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इस पोर्टल पर शिक्षक अपनी रचनात्मक परियोजनाएं, अभिनव शिक्षण विधियां और शैक्षिक प्रयोग अपलोड कर सकते हैं।
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एक “आइडिया बैंक” तैयार किया जाएगा, जिसमें श्रेष्ठ नवाचारों को संरक्षित किया जाएगा।
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इन विचारों को प्रदेश भर के अन्य शिक्षक भी अपनाकर अपने विद्यालयों में उपयोग कर सकेंगे।
डॉ. मनोज वार्ष्णेय का चयन आगरा के लिए गर्व का क्षण
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पुष्पा कुमारी, प्राचार्य डायट आगरा।

डॉ. वार्ष्णेय का नवाचार विशेष रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं में छात्रों की सफलता सुनिश्चित करने पर केंद्रित है। उनका यह प्रयास शिक्षा को अधिक व्यावहारिक, रोचक और परिणामोन्मुख बनाने में मदद करेगा।
प्रदेशभर से चुने गए 30 श्रेष्ठ नवाचारों में डॉ. वार्ष्णेय के साथ –
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डायट बदायूं के डॉ. अमित शर्मा
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डायट बुलंदशहर के नदीम अख्तर खान
के नवाचार भी शामिल हैं।
नवाचारों की पुस्तिका का विमोचन
शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न केवल उद्गम पोर्टल लॉन्च किया बल्कि इन नवाचारों को संकलित करते हुए “उद्गम पुस्तिका” का भी विमोचन किया। इस पुस्तक में आगरा, रामपुर, अयोध्या, गोरखपुर, लखनऊ, इटावा, कौशांबी, प्रतापगढ़, चित्रकूट, आजमगढ़, बहराइच सहित प्रदेश के कई जिलों के शिक्षकों के कार्य शामिल हैं।
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शिक्षकों और छात्रों के लिए फायदे
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अब शिक्षक अपने नवाचार सीधे पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे।
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दूसरे जिलों के शिक्षक इन्हें अपनाकर अपने कक्षाओं में लागू कर पाएंगे।
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छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अधिक प्रभावी और तकनीकी आधारित शिक्षा उपलब्ध होगी।
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शिक्षा की गुणवत्ता और सुलभता दोनों में सुधार होगा।
डॉ. वार्ष्णेय का संदेश
डॉ. वार्ष्णेय ने कहा –
“यह मेरे लिए शिक्षक दिवस का विशेष उपहार है। इस उपलब्धि का श्रेय मैं अपने प्राचार्य, शिक्षा अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों, एसआरजी-एआरपी टीम, ऑनलाइन टीम और अपने परिवार को देता हूँ। उनके सामूहिक सहयोग से ही मेरा नवाचार राज्य स्तर पर स्थान बना सका। मैं विशेष रूप से निदेशक एनसीईआरटी, संयुक्त शिक्षा निदेशक और प्रतियोगिता समन्वयक गुंजन रौतेला सहित अपने सभी मार्गदर्शकों का आभार व्यक्त करता हूँ।”
निष्कर्ष
उद्गम पोर्टल सिर्फ एक तकनीकी प्लेटफ़ॉर्म नहीं, बल्कि यह शिक्षकों के अनुभव और रचनात्मकता का साझा मंच है। डॉ. वार्ष्णेय जैसे प्रवक्ताओं का नवाचार साबित करता है कि शिक्षा केवल कक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों के भविष्य और उनकी सफलता की दिशा तय करता है।
आगरा का नाम इस पोर्टल पर दर्ज होना न केवल जिले के लिए उपलब्धि है बल्कि यह अन्य शिक्षकों को भी प्रेरित करेगा कि वे अपने अनुभव और विचारों से शिक्षा जगत को और समृद्ध बनाएं।
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