आगरा: जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला औद्यानिक समिति बैठक सम्पन्न
आगरा में जिलाधिकारी अरविन्द मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में जिला औद्यानिक समिति बैठक सम्पन्न। 2025-26 हेतु कृषि व बागवानी लक्ष्यों पर हुआ अनुमोदन।
आगरा में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की बैठक सम्पन्न: जिलाधिकारी अरविन्द मल्लप्पा बंगारी ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा कलेक्ट्रेट सभागार में 3 सितंबर 2025 को जिलाधिकारी अरविन्द मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में जिला औद्यानिक समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य वित्तीय वर्ष 2024-25 के तहत प्राप्त लक्ष्यों की समीक्षा करना और वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए नए लक्ष्यों का अनुमोदन करना था।
बैठक में कृषि और उद्यान विभाग से जुड़े अधिकारियों के साथ-साथ प्रगतिशील कृषकों ने भी अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई। इस बैठक को न सिर्फ प्रशासनिक स्तर पर बल्कि किसानों की भागीदारी और उनके सुझावों को शामिल करने की दृष्टि से भी बेहद अहम माना जा रहा है।
2024-25 के कार्यों की समीक्षा
जिला उद्यान अधिकारी ने बैठक में विस्तार से बताया कि बीते वित्तीय वर्ष में विभाग को जो लक्ष्य दिए गए थे, उनमें से अधिकांश की पूर्ति सफलतापूर्वक की गई है।
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फैन्सिंग (बाड़बंदी कार्यक्रम) के तहत किसानों को सुरक्षा और उत्पादन को बढ़ावा देने के प्रयास किए गए।
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संकर शाकभाजी और पुष्प उत्पादन में किसानों को नई तकनीकें उपलब्ध कराई गईं।
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मसाला क्षेत्र विस्तार और मौन पालन (मधुमक्खी पालन) को प्रोत्साहन देकर किसानों की आमदनी बढ़ाने का प्रयास किया गया।
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बागवानी में मशीनीकरण और कृषक प्रशिक्षण के लिए भी कार्यशालाएँ एवं गोष्ठियाँ आयोजित की गईं।
इन सभी कार्यों की जिलाधिकारी ने पुष्टि करते हुए विभाग की सराहना की और आगे और अधिक प्रभावी तरीके से काम करने के निर्देश दिए।
2025-26 के नए लक्ष्य
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्राप्त लक्ष्यों पर चर्चा की गई और उन्हें समिति के समक्ष अनुमोदित किया गया।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
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संकर शाकभाजी उत्पादन का विस्तार
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फूलों की खेती (फ्लोरिकल्चर) को बढ़ावा
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मसाले की खेती को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहन
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मधुमक्खी पालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनाना
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सब्जियों की खेती हेतु मचान निर्माण
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हल्दी उत्पादन को बढ़ावा देना
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“पर ड्रॉप मोर क्रॉप” योजना के तहत माइक्रो इरिगेशन को शत प्रतिशत लागू करना
किन्नू उत्पादन पर जोर
बैठक में उपस्थित प्रगतिशील कृषकों ने किन्नू उत्पादन का सुझाव दिया। उनका मानना है कि आगरा और आसपास के क्षेत्रों की मिट्टी व जलवायु किन्नू के लिए उपयुक्त है और इससे किसानों को बेहतर लाभ हो सकता है।
जिलाधिकारी अरविन्द मल्लप्पा बंगारी ने इस सुझाव को गंभीरता से लेते हुए विभाग को निर्देश दिया कि उच्च स्तर से किन्नू उत्पादन का लक्ष्य प्राप्त कर उसे जनपद में लागू किया जाए। इससे किसानों को वैकल्पिक फसल का विकल्प मिलेगा और कृषि आय में वृद्धि होगी।
“पर ड्रॉप मोर क्रॉप” पर विशेष बल
जिलाधिकारी ने “पर ड्रॉप मोर क्रॉप” योजना को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पानी की बचत और सिंचाई के आधुनिक साधनों का उपयोग करना समय की मांग है। आगरा जैसे क्षेत्र में जहां जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है, वहां यह योजना किसानों के लिए जीवनरेखा साबित हो सकती है।
आलू बीज वितरण पर सुझाव
प्रगतिशील कृषक मोहन सिंह चाहर ने बैठक में सुझाव दिया कि आलू बीज वितरण के तहत कुफरी बहार किस्म की उपलब्धता पिछले वर्ष की तुलना में अधिक मात्रा में कराई जाए। यह किस्म किसानों के बीच लोकप्रिय है और इसके उत्पादन से बाजार में बेहतर दाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
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कृषकों की भागीदारी और सुझावों का महत्व
इस बैठक में प्रगतिशील कृषक मोहन सिंह चाहर, लाखन त्यागी और उदयवीर सहित अन्य किसानों ने अपने सुझाव रखे। यह पहल प्रशासन और किसानों के बीच सीधे संवाद का एक मजबूत उदाहरण है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सरकार की योजनाएँ तभी सफल होंगी जब किसानों की राय और उनकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर उन्हें लागू किया जाए।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, उप कृषि निदेशक, जिला पंचायत राज अधिकारी, एलडीएम, पीओ डूडा, नाबार्ड के जिला प्रबंधक, लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता समेत कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
निष्कर्ष
जिलाधिकारी अरविन्द मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में सम्पन्न यह बैठक आगरा जिले की कृषि एवं बागवानी नीतियों के लिए दिशा तय करने वाली साबित होगी। किसानों और प्रशासन का यह संयुक्त प्रयास न केवल कृषि उत्पादन बढ़ाने में मदद करेगा बल्कि किसानों की आमदनी को दोगुना करने के लक्ष्य की दिशा में भी बड़ा कदम है।




