डायट आगरा में पांच दिवसीय एकीकृत सम्पूर्ण मॉड्यूल प्रशिक्षण सम्पन्न | NEP 2020 और NCF 2023 पर जोर
डायट आगरा में पांच दिवसीय एकीकृत सम्पूर्ण मॉड्यूल प्रशिक्षण सम्पन्न। शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, NCF 2023 और निपुण भारत मिशन के अनुरूप प्रशिक्षण दिया गया। समापन पर शिक्षकों को नई शैक्षिक तकनीकों व मॉड्यूल का व्यावहारिक ज्ञान मिला।
डायट आगरा में पांच दिवसीय एकीकृत सम्पूर्ण मॉड्यूल प्रशिक्षण का सफल समापन
आगरा, 3 सितम्बर।
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) आगरा में 29 अगस्त से 2 सितम्बर 2025 तक चल रहे कक्षा पाँच तक के शिक्षकों हेतु पाँच दिवसीय एकीकृत सम्पूर्ण मॉड्यूल प्रशिक्षण का समापन आज प्राचार्य पुष्पा कुमारी की अध्यक्षता में हुआ।
इस अवसर पर प्राचार्य ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए कहा कि “हर शिक्षक का उद्देश्य केवल पढ़ाना नहीं, बल्कि बच्चों को निपुण बनाना होना चाहिए। शिक्षा तभी सार्थक होगी जब यह बच्चों की जिज्ञासा को पोषित करे और उन्हें आत्मनिर्भर बनाए।”
प्रशिक्षण का उद्देश्य
इस विशेष प्रशिक्षण का मकसद शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020), राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF 2023) और निपुण भारत मिशन की मूल भावना से परिचित कराना था।
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शिक्षकों को नई शैक्षिक पद्धतियों से जोड़ना
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प्राथमिक शिक्षा को और अधिक बच्चा-केंद्रित, रचनात्मक और अनुभवात्मक बनाना
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बच्चों में मूलभूत साक्षरता (Foundational Literacy) और संख्यात्मक ज्ञान (Numeracy) को सुदृढ़ करना
प्रशिक्षण की मुख्य विशेषताएँ
1. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर चर्चा
संदर्भदाता डॉ. प्रज्ञा शर्मा और लक्ष्मी शर्मा ने NEP 2020 को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि –
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मातृभाषा के माध्यम से शिक्षा बच्चों के विकास के लिए सबसे उपयुक्त है।
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शिक्षा को खेल-आधारित और गतिविधि-आधारित बनाने पर ज़ोर दिया गया।
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स्थानीय परिवेश को जोड़कर बच्चों की सीखने की रुचि और अधिक बढ़ाई जा सकती है।
2. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2023 (NCF-2023)
डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय ने बताया कि –
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NCF 2023 शिक्षा को बहुविषयक (Multidisciplinary) और जीवन से जुड़ा हुआ (Life-oriented) बनाने पर केंद्रित है।
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“प्लेफुल लर्निंग” और “गतिविधि-आधारित शिक्षण” बच्चों की स्वाभाविक जिज्ञासा को प्रोत्साहित करते हैं।
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सतत एवं समग्र मूल्यांकन (CCE) से छात्रों की वास्तविक प्रगति का पता चलता है।
3. निपुण भारत मिशन पर जोर
अबु मु. आसिफ और रंजना पांडे ने बताया कि –
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इस मिशन का मुख्य उद्देश्य है कि कक्षा 3 तक हर बच्चा पढ़ने, लिखने और गणना करने में दक्ष हो।
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शिक्षकों को बच्चों की अधिगम (Learning Level) की पहचान करनी होगी।
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आवश्यकता पड़ने पर “उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching)” अपनाकर कमजोर बच्चों को अतिरिक्त सहयोग दिया जाएगा।
शिक्षकों को मिले नए दृष्टिकोण
इस पाँच दिवसीय प्रशिक्षण में शिक्षकों को –
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प्रभावी पाठ योजना (Lesson Plan) बनाने,
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स्थानीय संसाधनों का उपयोग करने,
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सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने,
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education),
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हिंदी, गणित, अंग्रेजी और संस्कृत के लिए नवीन शिक्षण तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया।
शिक्षकों ने सीखा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन से जुड़कर ही बच्चों को बेहतर तरीके से सीखने के अवसर दिए जा सकते हैं।
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प्रशिक्षण का महत्व और प्रभाव
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यह प्रशिक्षण शिक्षकों को नई शिक्षा नीति की व्यावहारिक समझ प्रदान करता है।
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बच्चों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास और जिज्ञासा बढ़ाने के लिए शिक्षण पद्धति को नया रूप देता है।
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इससे कक्षा पाँच तक की शिक्षा में गुणवत्ता सुधार और बच्चों के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।
समापन कार्यक्रम
समापन सत्र में –
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प्राचार्य पुष्पा कुमारी ने सभी प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र दिए।
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प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय ने कहा कि “यह मॉड्यूल शिक्षकों को केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि प्रेरणा भी देता है कि वे अपने कक्षाकक्ष को और अधिक प्रभावी बना सकें।”
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कार्यक्रम में प्रवक्ता यशवीर सिंह, कल्पना सिन्हा, हिमांशु सिंह, डॉ. दिलीप कुमार गुप्ता, यशपाल सिंह सहित अन्य अधिकारी और शिक्षक उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
यह पाँच दिवसीय एकीकृत सम्पूर्ण मॉड्यूल प्रशिक्षण, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, NCF 2023 और निपुण भारत मिशन की भावना को धरातल पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल शिक्षकों की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में भी व्यापक सुधार होगा।
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