जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी की समीक्षा बैठक, दिए कड़े निर्देश
आगरा में जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने आईजीआरएस व जनसुनवाई की समीक्षा बैठक की, अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में हुई आईजीआरएस व जनसुनवाई संबंधी समीक्षा बैठक, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़) –
आगरा, 01 सितम्बर 2025।
कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य था – आईजीआरएस (Integrated Grievance Redressal System), मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, संपूर्ण समाधान दिवस, थाना दिवस और अन्य पोर्टलों पर प्राप्त जन शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता को सुनिश्चित करना।
बैठक में जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि शासन और प्रशासन का असली चेहरा शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया से सामने आता है। अगर शिकायतें समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से हल नहीं होंगी, तो शासन की साख पर प्रश्नचिह्न लगेंगे। इसलिए हर अधिकारी की जिम्मेदारी है कि शिकायतों को केवल निपटाना ही नहीं बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि भी सुनिश्चित करना जरूरी है।
आईजीआरएस पोर्टल की समीक्षा – नाराज हुए जिलाधिकारी
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि कई विभागीय अधिकारी नियमित रूप से आईजीआरएस पोर्टल चेक नहीं करते। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई और निर्देश दिया कि –
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प्रत्येक अधिकारी रोजाना पोर्टल में लॉगिन करें।
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प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से पढ़कर उसका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें।
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आख्या (रिपोर्ट) साफ, स्पष्ट और पठनीय होनी चाहिए।
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मौके पर जाकर मुआयना किया जाए और उसकी जानकारी भी रिपोर्ट में दर्ज हो।
उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान के दौरान अधिकारी सिर्फ फाइल पर हस्ताक्षर करके काम पूरा न समझें, बल्कि व्यक्तिगत तौर पर शिकायतकर्ता से संवाद स्थापित करें।
शिकायतकर्ता की संतुष्टि ही असली लक्ष्य
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा –
“शिकायत का निस्तारण तभी सार्थक है, जब शिकायतकर्ता समाधान से संतुष्ट हो।”
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायत का समाधान करने के बाद संबंधित अधिकारी शिकायतकर्ता से दूरभाष (फोन कॉल) पर संपर्क करें और उसका फीडबैक लें। इस बातचीत का समय और विवरण भी रिपोर्ट में दर्ज किया जाए।
अगर शिकायतकर्ता असंतुष्ट रहता है, तो वह शिकायत अधूरी मानी जाएगी। जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि किसी भी शिकायत पर “शिकायतकर्ता से संपर्क न किए जाने” की शिकायत बिल्कुल नहीं आनी चाहिए।
फीडबैक रिपोर्ट – संतोषजनक लेकिन सुधार की गुंजाइश
बैठक में बताया गया कि 26 अगस्त 2025 से 31 अगस्त 2025 के बीच शासन स्तर से प्राप्त फीडबैक में आगरा जिले का प्रदर्शन संतोषजनक रहा।
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कुल 65 प्रकरणों पर फीडबैक प्राप्त हुआ।
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इनमें से 48 शिकायतकर्ता संतुष्ट रहे।
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वहीं 17 शिकायतकर्ता असंतुष्ट पाए गए।
जिलाधिकारी ने असंतुष्ट फीडबैक पर कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि –
अधिकारी अपनी अधीनस्थ टीम से रिपोर्ट गहराई से पढ़ने के बाद ही पोर्टल पर अपलोड करें।
असंतुष्ट फीडबैक के मामलों का तुरंत विश्लेषण करके सुधार करें।
हर शिकायत को “केस स्टडी” के रूप में देखें और यह सुनिश्चित करें कि आगे वही गलती न दोहराई जाए।
जिलाधिकारी के प्रमुख निर्देश
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गुणवत्ता पर जोर – शिकायत निस्तारण केवल संख्या बढ़ाने का खेल न हो, बल्कि उसका परिणाम जमीन पर दिखे।
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नियमित मॉनिटरिंग – हर अधिकारी रोजाना पोर्टल में लॉगिन करें और लंबित शिकायतों को समय पर हल करें।
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फीडबैक सिस्टम – शिकायतकर्ता से संपर्क कर समाधान के बाद उनकी राय लेना अनिवार्य है।
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जिम्मेदारी तय – अगर किसी विभाग में लगातार असंतुष्ट फीडबैक आते हैं तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
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जनता से सीधा संवाद – समाधान की प्रक्रिया में शिकायतकर्ता को शामिल करें ताकि उसे लगे कि उसकी बात सुनी और समझी गई।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
इस समीक्षा बैठक में जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया। इनमें प्रमुख रूप से –
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मुख्य विकास अधिकारी – श्रीमती प्रतिभा सिंह
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एडीएम (वित्त एवं राजस्व) – श्रीमती शुभांगी शुक्ला
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एडीएम (न्यायिक) – धीरेन्द्र सिंह
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एडीएम (प्रोटोकॉल) – प्रशान्त तिवारी
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प्रशिक्षु आईएएस/संयुक्त मजिस्ट्रेट – शिवम कुमार व स्वाति शर्मा
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सीएमओ – डॉ. अरुण श्रीवास्तव
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एआरटीओ – आलोक अग्रवाल
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बीएसए – जितेंद्र कुमार गोंड
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जिला पंचायत राज अधिकारी – मनीष कुमार
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डीसी मनरेगा – रामायण यादव
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पीडी डीआरडीए – रेणु कुमारी
इसके अतिरिक्त सभी एसडीएम, तहसीलदार, बीडीओ और अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।
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क्यों महत्वपूर्ण है यह बैठक?
जन शिकायतें किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की रीढ़ होती हैं। अगर जनता की समस्याएं समय पर हल होती हैं तो शासन की साख मजबूत होती है, जनता का विश्वास बढ़ता है और प्रशासनिक तंत्र प्रभावी बनता है।
आगरा जिले में प्रतिदिन सैकड़ों शिकायतें आईजीआरएस और अन्य पोर्टलों के माध्यम से दर्ज होती हैं। इन शिकायतों का समय पर और सही समाधान न केवल शासन की प्राथमिकता है, बल्कि यह जनता के साथ सीधा संवाद स्थापित करने का माध्यम भी है।
जिलाधिकारी की यह बैठक प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और पारदर्शी एवं जिम्मेदार बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
निष्कर्ष
आगरा जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने अधिकारियों को साफ संदेश दिया है कि – “गुणवत्ता से समझौता न करें, शिकायतों को केवल निस्तारित करने के बजाय उन्हें हल करें और शिकायतकर्ता को संतुष्ट करें।”
यह बैठक एक तरह से अधिकारियों के लिए चेतावनी भी है और प्रेरणा भी। चेतावनी इसलिए कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और प्रेरणा इसलिए कि अधिकारी जनता की सेवा भावना से काम करें।
अगर इस दिशा में गंभीर प्रयास किए जाते हैं, तो निश्चित ही आने वाले समय में आगरा जिला शिकायत निस्तारण की गुणवत्ता के मामले में प्रदेश में मिसाल कायम कर सकता है।
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