आगरा DM ने की उर्वरक समीक्षा बैठक, कमी नहीं जिले में
आगरा जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने उर्वरक वितरण समीक्षा बैठक की। यूरिया, डीएपी, एनपीकेएस पर्याप्त उपलब्ध, किसानों को मिलेगा लाभ।
आगरा में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में उर्वरक समीक्षा बैठक, किसानों को नहीं होगी किसी भी उर्वरक की कमी
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)-
आगरा समाचार
आगरा। किसानों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण उर्वरक वितरण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधि, थोक विक्रेता, सहकारिता विभाग के सचिव और कृषि विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि आगामी कृषि सत्र में जिले के किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध हो सके।
किसानों के लिए पर्याप्त खाद उपलब्ध
बैठक में बताया गया कि वर्तमान समय में आगरा जिले में उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
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यूरिया – 14893 मैट्रिक टन
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डीएपी – 9884 मैट्रिक टन
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एनपीकेएस – 11374 मैट्रिक टन
इन संख्याओं से यह स्पष्ट होता है कि जिले में किसी भी उर्वरक की कमी नहीं है और किसानों को समय पर आवश्यक खाद उपलब्ध कराई जाएगी।
जिलाधिकारी ने दिए कड़े निर्देश
जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बैठक के दौरान कहा कि –
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जिले में आवंटित उर्वरकों का वितरण केवल जिले के किसानों को ही किया जाए।
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किसी भी प्रकार का डायवर्जन (अन्यत्र भेजना) बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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बिक्री केंद्रों पर रेट बोर्ड, स्टॉक रजिस्टर और बिक्री रजिस्टर प्रतिदिन अद्यतन होना चाहिए।
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प्रत्येक किसान को खाद खरीदते समय कैश मेमो देना अनिवार्य होगा।
उन्होंने आगे कहा कि सभी न्याय पंचायत स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी, जो प्रतिदिन उर्वरक केंद्रों का निरीक्षण करेंगे ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो।
किसानों को डीएपी का विकल्प उपलब्ध कराने पर जोर
बैठक में उपस्थित कंपनी प्रतिनिधियों को जिलाधिकारी ने यह निर्देश दिया कि वे किसानों को केवल डीएपी पर निर्भर न रहने की सलाह दें। इसके स्थान पर एनपीकेएस जैसे विकल्प को बढ़ावा दें और इसके लिए जागरूकता अभियान चलाएं।
उन्होंने कहा कि किसानों को आधुनिक तकनीक और उर्वरक के विभिन्न विकल्पों के बारे में बताना कंपनियों की जिम्मेदारी है।
POS मशीन का अनिवार्य प्रयोग
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जनपद में कार्यरत सभी उर्वरक विक्रेताओं को POS (Point of Sale) मशीन का उपयोग करना अनिवार्य होगा।
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पीपीएल, आईपीएल, श्रीराम फर्टिलाइजर, इफको और चंबल कंपनी ने विक्रेताओं को POS मशीनें उपलब्ध करानी शुरू कर दी हैं।
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जो भी फुटकर विक्रेता अभी तक POS मशीन प्राप्त नहीं कर पाए हैं, उन्हें यह मशीन कंपनियों से निःशुल्क प्राप्त करनी होगी।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अब कोई भी फुटकर विक्रेता एलओ मशीन का प्रयोग नहीं करेगा।
किसानों के हितों की सुरक्षा
जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों को किसी भी स्थिति में ठगा नहीं जाना चाहिए। यदि किसी भी केंद्र पर शिकायत मिलती है कि किसानों से अधिक दाम वसूले जा रहे हैं या उन्हें खाद बिना बिल दिए बेची जा रही है तो संबंधित विक्रेता और कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने जोर देकर कहा –
“जनपद को आवंटित उर्वरक केवल और केवल जनपद के किसानों तक ही पहुँचे। इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों अनिवार्य हैं।”
सहकारिता समितियों को मिलेगा 50% उर्वरक
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जनपद में आने वाली निजी कंपनियों के उर्वरक का 50% हिस्सा सहकारिता समितियों को भेजा जाएगा। इसका उद्देश्य यह है कि किसानों को सरकारी तंत्र के माध्यम से भी आसानी से खाद उपलब्ध हो सके और निजी विक्रेताओं की मनमानी पर रोक लगाई जा सके।
बैठक में उपस्थित अधिकारी और प्रतिनिधि
इस बैठक में अनेक महत्वपूर्ण अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें –
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उप कृषि निदेशक
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जिला कृषि अधिकारी
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सहायक आयुक्त (सहकारिता)
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सहायक निबंधक (सहकारिता)
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जिला प्रबंधक, पीसीएफ आगरा
साथ ही जनपद में कार्यरत 09 उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधि और 13 थोक विक्रेता भी मौजूद रहे।
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किसानों के लिए बड़ी राहत
इस समीक्षा बैठक से यह संदेश साफ हो गया कि आने वाले समय में किसानों को खाद के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
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पर्याप्त स्टॉक पहले से ही जिले में मौजूद है।
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वितरण प्रक्रिया पर जिलाधिकारी की कड़ी निगरानी रहेगी।
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POS मशीन से पारदर्शिता बढ़ेगी।
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सहकारिता समितियों को 50% उर्वरक मिलने से किसानों के लिए अतिरिक्त विकल्प तैयार होंगे।
किसानों की प्रतिक्रिया
बैठक के बाद किसानों ने राहत की सांस ली। उनका कहना था कि अक्सर खरीफ और रबी सीजन में खाद की कमी और ब्लैक मार्केटिंग की शिकायतें सामने आती थीं। लेकिन इस बार जिलाधिकारी द्वारा उठाए गए कदमों से ऐसी स्थिति नहीं बनेगी।
किसानों ने कहा –
“अगर वास्तव में हर केंद्र पर रेट बोर्ड लगेगा और हमें कैश मेमो मिलेगा तो ब्लैक मार्केटिंग और अवैध वसूली की संभावना खत्म हो जाएगी।”
निष्कर्ष
आगरा जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में हुई यह उर्वरक वितरण समीक्षा बैठक किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। इस बैठक से साफ है कि –
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जनपद में खाद का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
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पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए POS मशीन, रेट बोर्ड और कैश मेमो अनिवार्य किए गए हैं।
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किसानों को डीएपी के विकल्प के बारे में भी जागरूक किया जाएगा।
किसानों के लिए यह कदम न केवल खेती को सुचारू बनाएगा बल्कि उनकी आर्थिक सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगा।
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