आगरा में 65 शिक्षकों ने सीखे रिसर्च टूल डिजाइन के गुर, डायट में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित
रिसर्च एवं इनोवेशन सेल के तत्वावधान में हुई कार्यशाला, प्रश्नपत्र निर्माण, स्कोरिंग की और प्रश्नावली तैयार करने का कराया गया अभ्यास
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), आगरा में रिसर्च एवं इनोवेशन सेल के तत्वावधान में जनपद के शिक्षकों के लिए एक दिवसीय रिसर्च टूल डिजाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्राचार्य विजय प्रताप सिंह के निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला में आगरा के सभी विकासखंडों से आए 65 शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को शोध से जुड़े उपकरण तैयार करने और उनका प्रभावी उपयोग करने की जानकारी देना रहा।
कार्यक्रम के प्रारंभ में वरिष्ठ प्रवक्ता विजय सिंह ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि कार्यशाला से प्राप्त ज्ञान को अपने विद्यालयों में उपयोग में लाना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों को प्रशिक्षण के दौरान सक्रिय रूप से भाग लेने और नई जानकारियों को शिक्षण कार्य से जोड़ने के लिए प्रेरित किया।
प्रश्नपत्र निर्माण और प्रश्नावली तैयार करने का कराया अभ्यास
कार्यशाला के विभिन्न सत्रों का संचालन दयालबाग विश्वविद्यालय की डॉ. निशा जैन एवं डॉ. नीतू सिंह ने किया। उन्होंने प्रश्नपत्र निर्माण, स्कोरिंग की और प्रश्नावली तैयार करने के विभिन्न चरणों की जानकारी दी। साथ ही प्रतिभागी शिक्षकों को इन विषयों पर व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया, जिससे वे रिसर्च टूल डिजाइन की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझ सकें।
डायट प्रवक्ता डॉ. प्रज्ञा शर्मा ने जनपद के सभी विकासखंडों के शिक्षकों से प्रश्नपत्रों का ब्लूप्रिंट तैयार कराया। इस गतिविधि के माध्यम से शिक्षकों को प्रश्नपत्र की रूपरेखा बनाने और उसके विभिन्न पहलुओं को व्यवस्थित करने का अभ्यास मिला।
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शिक्षकों को विद्यालयों में ज्ञान के उपयोग के लिए किया प्रेरित
कार्यशाला का तकनीकी संयोजन प्रवक्ता पुष्पेंद्र सिंह ने किया। वहीं डॉ. प्रज्ञा शर्मा एवं लक्ष्मी शर्मा ने कार्यक्रम के संयोजन की जिम्मेदारी निभाई। वरिष्ठ प्रवक्ता विजय सिंह और ललित पाल सिंह ने प्रतिभागी शिक्षकों का उत्साहवर्धन किया और कार्यशाला में सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का संचालन लक्ष्मी शर्मा ने किया। इस अवसर पर डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय, कल्पना सिन्हा, धर्मेंद्र गौतम, अनिल कुमार, रंजना पांडे, यशपाल सिंह, यशवीर सिंह, डॉ. दिलीप कुमार गुप्ता, रचना यादव और संजीव सत्यार्थी सहित अन्य उपस्थित रहे।
कार्यशाला के माध्यम से शिक्षकों को शोध उपकरणों की तैयारी, प्रश्नपत्रों की रूपरेखा और प्रश्नावली निर्माण से जुड़ी जानकारी एवं व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ।

