यूपी सरकार-यूके FCDO छात्रवृत्ति एमओयू 2025
यूपी सरकार और यूके FCDO के बीच चिवनिंग-अटल बिहारी बाजपेयी छात्रवृत्ति एमओयू, हर साल 5 छात्र UK में मास्टर डिग्री के लिए पाएंगे अवसर।
यूपी सरकार और यूके FCDO के बीच छात्रवृत्ति योजना का एमओयू, हर साल 5 मेधावी छात्रों को UK में मास्टर डिग्री का अवसर
(एस. शेरवानी, ब्यूरो चीफ़) –
आगरा/लखनऊ, 19 अगस्त 2025
उत्तर प्रदेश सरकार और यूनाइटेड किंगडम के फॉरेन कॉमनवेल्थ डेवलपमेंट ऑफिस (FCDO UK) के बीच ऐतिहासिक समझौता हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में “चिवनिंग-भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी उत्तर प्रदेश राज्य सरकार छात्रवृत्ति योजना” के संचालन हेतु एक MoU (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए गए।
यह पहल प्रदेश के मेधावी छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उच्च शिक्षा, शोध और नेतृत्व के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने का अवसर प्रदान करेगी।
छात्रवृत्ति योजना की मुख्य बातें
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योजना का शुभारंभ शैक्षणिक सत्र 2025-26 से होगा।
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हर वर्ष उत्तर प्रदेश के पाँच मेधावी छात्रों का चयन किया जाएगा।
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छात्रों को यूनाइटेड किंगडम के मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों में एक वर्षीय मास्टर डिग्री के लिए छात्रवृत्ति मिलेगी।
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योजना तीन वर्षों (2025-26, 2026-27, 2027-28) तक चलेगी। इसके बाद 2028-29 से इसका नवीनीकरण किया जाएगा।
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छात्रवृत्ति में शामिल होंगे:
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पूर्ण शिक्षण शुल्क
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परीक्षा एवं शोध शुल्क
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रहने और खाने के लिए मासिक भत्ता
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भारत से यूके तक आने-जाने का इकोनॉमी क्लास हवाई टिकट
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व्यय का वितरण
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि योजना के अंतर्गत प्रति छात्र का कुल खर्च लगभग £38,048 से £42,076 (यानी 45 से 48 लाख रुपये) होगा।
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इसमें से लगभग £19,800 (23 लाख रुपये) का वहन उत्तर प्रदेश सरकार करेगी।
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शेष राशि का प्रबंध FCDO UK द्वारा किया जाएगा।
यह साझेदारी न केवल शैक्षिक सहयोग को मजबूत करेगी, बल्कि भारत-यूके संबंधों को भी नए आयाम देगी।
क्यों खास है यह छात्रवृत्ति योजना?
यह योजना उत्तर प्रदेश के छात्रों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी शिक्षा प्रणाली का हिस्सा बनने का अवसर प्रदान करेगी। अब प्रदेश के मेधावी युवा ऑक्सफोर्ड, कैम्ब्रिज, लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स जैसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में पढ़ सकेंगे।
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यह छात्रवृत्ति छात्रों को नेतृत्व, नवाचार और शोध के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुँचने में मदद करेगी।
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ग्रामीण और शहरी पृष्ठभूमि के प्रतिभाशाली छात्रों को समान अवसर मिलेगा।
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इस पहल से प्रदेश के युवाओं को वैश्विक नेटवर्किंग का मौका भी मिलेगा, जिससे वे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी पहचान बना सकें।
भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी जी से जुड़ी प्रेरणा
मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि इस छात्रवृत्ति योजना को भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी जी की स्मृति और प्रेरणा से आरंभ किया गया है। अटल जी ने सदैव शिक्षा और युवाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी।
उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर उत्तर प्रदेश और भारत का नाम रोशन करें।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दृष्टि
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने MoU के अवसर पर कहा कि:
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यह योजना प्रदेश के छात्रों को शिक्षा और शोध में अंतरराष्ट्रीय मानक तक पहुँचने का मौका देगी।
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यह पहल नए भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
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यह छात्रवृत्ति प्रदेश के युवाओं को वैश्विक नेतृत्व में योगदान करने का मार्ग प्रशस्त करेगी।
युवाओं के लिए बड़ा अवसर
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इस योजना से चयनित छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करियर बनाने के नए अवसर मिलेंगे।
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उन्हें वर्ल्ड-क्लास रिसर्च फैसिलिटी, आधुनिक संसाधन और विशेषज्ञ शिक्षकों का मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
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इससे छात्र भविष्य में इनोवेशन, टेक्नोलॉजी, पब्लिक पॉलिसी, बिजनेस, हेल्थकेयर और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में बड़ी भूमिका निभा सकेंगे।
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प्रदेश के विकास में योगदान
यह छात्रवृत्ति सिर्फ छात्रों के करियर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि प्रदेश के विकास में भी योगदान देगी।
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विदेश से लौटे छात्र अपनी नई शिक्षा और अनुभव का उपयोग उत्तर प्रदेश की प्रगति में करेंगे।
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वे स्टार्टअप्स, शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासन में नवाचार ला सकेंगे।
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इससे प्रदेश को ग्लोबल टैलेंट हब के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग का नया अध्याय
यह MoU भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच शैक्षिक सहयोग का नया अध्याय है।
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दोनों देशों के बीच शिक्षा, शोध और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।
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उत्तर प्रदेश के छात्र विश्व स्तर पर भारत के ब्रांड एंबेसडर बनकर उभरेंगे।
निष्कर्ष
“चिवनिंग-भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी उत्तर प्रदेश राज्य सरकार छात्रवृत्ति योजना” न केवल मेधावी छात्रों के लिए करियर का सुनहरा अवसर है, बल्कि यह प्रदेश के शैक्षिक और सामाजिक विकास का भी महत्वपूर्ण आधार बनेगी।
यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी और उत्तर प्रदेश को वैश्विक शिक्षा मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगी।
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