आगरा

यमुना नदी में बढ़ता जलस्तर: डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी का कैलाश घाट निरीक्षण, बाढ़ राहत इंतजाम तेज

आगरा में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने कैलाश गांव व घाट का निरीक्षण कर बाढ़ प्रभावित परिवारों से हालात जाना। प्रशासन ने राहत शिविर, भोजन व सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की।

यमुना नदी में बढ़ते जलस्तर से खौफ, जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने किया कैलाश घाट का निरीक्षण, प्रशासन हाई अलर्ट पर

Saleem Sherwani

एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)-

आगरा, 06 सितम्बर 2025।

आगरा जिले में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। गोकुल बैराज से छोड़े जा रहे पानी ने नदी की धार को और प्रचंड बना दिया है। इस स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने शनिवार को कैलाश गांव और घाट का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से हालात की जानकारी ली।

यमुना नदी का बढ़ता जलस्तर – प्रशासन अलर्ट पर

जल संस्थान, आगरा के मुताबिक 6 सितम्बर को यमुना का जलस्तर 152.165 मीटर दर्ज किया गया, जबकि अभी और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

  • बढ़ते जलस्तर का सीधा असर सदर तहसील, फतेहाबाद और एत्मादपुर की दर्जनों बस्तियों पर पड़ सकता है।

  • कई गांव पहले से ही जलभराव और कटान की समस्या से जूझ रहे हैं।

  • प्रशासन ने प्रभावित व संभावित प्रभावित गांवों की सूची जारी कर दी है, ताकि राहत कार्यों की समय रहते शुरुआत की जा सके।

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प्रभावित परिवारों की स्थिति और राहत

सदर तहसील के मौजा मेहरा नाहरगंज में 40 परिवार प्रभावित हो चुके हैं। इन्हें बाढ़ शरणालयों में सुरक्षित पहुंचा दिया गया है।

  • शरणालयों में तीनों समय भोजन, पीने का पानी और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

  • महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।

  • प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि कोई भी व्यक्ति भूखा या असहाय नहीं छोड़ा जाएगा।

जिलाधिकारी ने दिया आश्वासन

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से बातचीत करते हुए कहा –
“हम पूरी तरह अलर्ट हैं। किसी भी स्थिति में जान-माल का नुकसान न हो, इसके लिए सभी विभाग लगातार निगरानी कर रहे हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा और आवश्यक सहायता तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी।”

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ शरणालयों में भोजन, दवा और शौचालय की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, राहत सामग्री का स्टॉक भी समय से पहले तैयार रहे।

गणेश विसर्जन को लेकर विशेष हिदायतें

नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने गणेश विसर्जन के लिए भी एडवाइजरी जारी की है—

  1. श्रद्धालु नदी में उतरकर विसर्जन न करें।

  2. नगर निगम द्वारा बनाए गए कृत्रिम कुंडों में ही विसर्जन करें।

  3. बच्चों और बुजुर्गों को नदी के किनारे जाने से रोकें।

  4. भीड़-भाड़ वाली जगहों पर सतर्क रहें।

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प्रशासन की एडवाइजरी ग्रामीणों के लिए

जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति से पहले ही सावधानी बरतें।

  • राशन कार्ड, पासबुक, आधार कार्ड जैसे जरूरी कागजात वॉटरप्रूफ बैग में रखें।

  • सूखा अनाज, मवेशियों का चारा ऊंचे स्थानों पर सुरक्षित करें।

  • गर्भवती महिलाएं, बच्चे, वृद्ध और बीमार लोग बाढ़ चेतावनी मिलते ही शरणालय में पहुंचें।

  • बिजली का मुख्य स्विच व गैस रेगुलेटर बंद रखें।

  • जरूरत की चीजें ऊंचे स्थान पर रखें और नदी के किनारे जाने से बचें।

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बाढ़ की संभावना और प्रशासन की तैयारी

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अगर गोकुल बैराज से पानी का बहाव इसी तरह जारी रहा तो स्थिति और बिगड़ सकती है।

  • नदी किनारे बसे गांवों में कटान का खतरा भी बढ़ गया है।

  • कृषि योग्य भूमि डूब क्षेत्र में आ सकती है, जिससे किसानों को नुकसान हो सकता है।

  • प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें प्रभावित इलाकों में तैनात की हैं।

ग्रामीणों की चिंता

निरीक्षण के दौरान कई ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को अपनी समस्याएं बताईं।

  • कुछ ने कहा कि पानी के तेज बहाव से खेतों की फसलें बर्बाद हो रही हैं।

  • वहीं महिलाओं ने शिकायत की कि पेयजल और शौचालय की समस्या सबसे बड़ी चुनौती है।

  • बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है क्योंकि कई स्कूल बाढ़ के कारण बंद हो सकते हैं।

जिलाधिकारी ने भरोसा दिलाया कि इन समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

निष्कर्ष

यमुना नदी का बढ़ता जलस्तर आगरा के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और लगातार राहत व बचाव कार्यों पर नजर रख रहा है। ग्रामीणों से अपील की जा रही है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें।

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