
विकास खण्ड खेरागढ़ के विद्यालयों से श्रेष्ठा योजना में 10 छात्र-छात्राएं चयनित
कक्षा 9 से 12 तक सीबीएसई आवासीय विद्यालयों में मिलेगी पूर्णतः निःशुल्क शिक्षा
केंद्र सरकार वहन करेगी संपूर्ण खर्च, खेरागढ़ बना शिक्षा की सफलता का उदाहरण
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
खेरागढ़/आगरा। 05 जनवरी 2026।
शिक्षा के क्षेत्र में विकास खण्ड खेरागढ़ ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहरा सकते हैं। श्रेष्ठा (SHRESHTA) योजना के अंतर्गत आयोजित राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा में खेरागढ़ ब्लॉक के विभिन्न विद्यालयों से कुल 10 छात्र-छात्राओं का चयन हुआ है। यह उपलब्धि न केवल चयनित विद्यार्थियों के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए गर्व का विषय है।
चयनित विद्यार्थी अब कक्षा 9 से कक्षा 12 तक देश के प्रतिष्ठित सीबीएसई आवासीय विद्यालयों में अध्ययन करेंगे, जहां उन्हें शिक्षा, आवास, भोजन, यूनिफॉर्म, पुस्तकें एवं अन्य सभी सुविधाएं पूरी तरह निःशुल्क मिलेंगी। एक विद्यार्थी पर प्रतिवर्ष लगभग ₹1.25 लाख का खर्च आता है, जिसे केंद्र सरकार पूर्ण रूप से वहन करती है।
कक्षा 9 में चयनित मेधावी विद्यार्थी
श्रेष्ठा योजना के अंतर्गत कक्षा 9 में प्रवेश के लिए खेरागढ़ ब्लॉक के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया—
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उच्च प्राथमिक विद्यालय भाकर (कंपोजिट)
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लक्की – 228 अंक, 171वीं रैंक
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जितेंद्र – 196 अंक, 697वीं रैंक
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उच्च प्राथमिक विद्यालय अयेला (कंपोजिट)
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शिवानी – 216 अंक, 308वीं रैंक
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उच्च प्राथमिक विद्यालय भोपुर (कंपोजिट)
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नितिन कुमार – 208 अंक, 417वीं रैंक
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उच्च प्राथमिक विद्यालय (क्षेत्रीय)
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रिचा – 204 अंक, 475वीं रैंक
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उच्च प्राथमिक विद्यालय सौंन
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वरुण – 188 अंक, 848वीं रैंक
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उच्च प्राथमिक विद्यालय अटा
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विशाल (पूर्व छात्र) – 180 अंक, 1245वीं रैंक
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अनिकेत – 172 अंक, 1640वीं रैंक
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उच्च प्राथमिक विद्यालय कुंकडई
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दीप्ति – 180 अंक, 1311वीं रैंक
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इन सभी विद्यार्थियों ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी मेहनत और लगन से राष्ट्रीय स्तर पर स्थान बनाकर यह दिखा दिया कि प्रतिभा किसी सुविधा की मोहताज नहीं होती।
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कक्षा 11 में भी खेरागढ़ का परचम
कक्षा 11 में प्रवेश के लिए भी खेरागढ़ से एक छात्र का चयन हुआ—
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ग्रीनलैंड कॉन्वेंट स्कूल
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आशीष (पूर्व छात्र – भाकर) – 272 अंक, 86वीं रैंक
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आशीष की सफलता इस बात का प्रमाण है कि परिषदीय विद्यालयों से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी आगे चलकर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।
अतिरिक्त कक्षाएं और मार्गदर्शन बने सफलता की नींव
इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय, मेंटोर खेरागढ़ एवं प्रवक्ता, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) आगरा, का विशेष योगदान रहा। उनके मार्गदर्शन में खेरागढ़ ब्लॉक के विद्यालयों में—
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नियमित अतिरिक्त कक्षाएं,
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विषयवार गहन अभ्यास,
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मॉक टेस्ट और परीक्षा-उन्मुख रणनीति,
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कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष सहयोग
जैसे प्रयास किए गए, जिनका सकारात्मक परिणाम अब सामने आया है।
शिक्षा अधिकारियों और शिक्षकों ने जताया गर्व
इस राष्ट्रीय उपलब्धि पर अनिरुद्ध यादव, उप शिक्षा निदेशक/प्राचार्य डायट आगरा,
जितेंद्र कुमार गोंड, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आगरा,
महेश चंद, खंड शिक्षा अधिकारी खेरागढ़,
ए.आर.पी. सौरभ शर्मा (ब्लॉक श्रेष्ठा योजना प्रभारी),
मीना सिंह पुष्कर (एस.आर.जी.),
तथा ब्लॉक के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं।
अधिकारियों ने कहा कि यह सफलता शिक्षकों की मेहनत, योजनाबद्ध तैयारी और विद्यार्थियों के आत्मविश्वास का परिणाम है।
आगरा जनपद का प्रदेश में रिकॉर्ड
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष खेरागढ़ ब्लॉक से 9 विद्यार्थियों का चयन हुआ, जबकि पूरे आगरा जनपद से 51 छात्र-छात्राओं का चयन हुआ है, जो उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक है। यह उपलब्धि आगरा जनपद की परिषदीय शिक्षा व्यवस्था की मजबूती को दर्शाती है।
शिक्षा से बदलेगा भविष्य
श्रेष्ठा योजना के अंतर्गत चयनित ये विद्यार्थी न केवल अपने परिवारों बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगे। यह सफलता संदेश देती है कि सही मार्गदर्शन, निरंतर प्रयास और सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन मिलकर बच्चों के भविष्य को नई दिशा दे सकता है।
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