आगरा में 5 दिवसीय एकीकृत प्रशिक्षण मॉड्यूल ‘संपूर्ण’ का समापन, शिक्षकों को मिली नई दिशा
आगरा डायट में 5 दिवसीय एकीकृत प्रशिक्षण मॉड्यूल ‘संपूर्ण’ का तीसरे व चौथे बैच का समापन हुआ। खंदौली और फतेहाबाद क्षेत्र के 191 शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। जानें प्रशिक्षण में साइबर सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, यातायात नियम व विद्यालय विकास योजना पर कैसे हुई चर्चा।
आगरा में 5 दिवसीय एकीकृत प्रशिक्षण मॉड्यूल ‘संपूर्ण’ का समापन, शिक्षकों को मिली नई दिशा
एस. शेरवानी, ब्यूरो चीफ़
आगरा, 22 अगस्त 2025
आगरा के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में आयोजित 5 दिवसीय एकीकृत प्रशिक्षण मॉड्यूल ‘संपूर्ण’ के तीसरे और चौथे बैच का सफल समापन आज हुआ। यह प्रशिक्षण शिक्षकों के लिए नई शिक्षण विधियों, साइबर सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और विद्यालय विकास योजना पर आधारित था।
इस विशेष प्रशिक्षण में खंदौली और फतेहाबाद विकास क्षेत्र के 191 शिक्षकों ने भाग लिया। समापन सत्र में उप शिक्षा निदेशक एवं डायट प्राचार्य पुष्पा कुमारी ने शिक्षकों को प्रेरित करते हुए कहा कि –
“जिस समर्पण और मनोयोग से आपने यह प्रशिक्षण प्राप्त किया है, उसी तरह इसे अपने विद्यालयों में लागू करने की आवश्यकता है। तभी हम जनपद को ‘निपुण भारत अभियान’ के लक्ष्यों तक पहुँचा सकते हैं।”
प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु
1. विद्यालयी वातावरण पर चर्चा
पहले सत्र में नोडल प्रभारी पुष्पेंद्र सिंह ने विद्यालयी वातावरण और उसके विभिन्न आयामों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यालय का वातावरण बच्चों के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाता है।
2. यातायात प्रबंधन और नियम
दूसरे और तीसरे सत्र में नोडल प्रभारी संजीव कुमार सत्यार्थी ने यातायात प्रबंधन, सड़क सुरक्षा नियमों और विद्यालय स्तर पर बच्चों को जागरूक करने की गतिविधियों पर जानकारी दी।
उन्होंने जोर दिया कि –
“अगर बचपन से ही बच्चों को यातायात नियमों के महत्व से अवगत कराया जाए, तो वे जिम्मेदार नागरिक बन सकते हैं और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।”
3. साइबर सुरक्षा और आपदा प्रबंधन
चौथे और अंतिम सत्र में प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय ने साइबर सुरक्षा और आपदा प्रबंधन पर प्रकाश डाला। उन्होंने शिक्षकों को बताया कि आज के समय में साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन धोखाधड़ी और डिजिटल सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण विषय हैं।
उन्होंने कहा –
“हमें खुद जागरूक रहकर न केवल अपने बल्कि बच्चों और समाज के अन्य लोगों को भी साइबर अपराधों से बचाना है। शिक्षकों की यह जिम्मेदारी है कि वे विद्यार्थियों को सुरक्षित डिजिटल वातावरण प्रदान करें।”
4. विद्यालय विकास योजना और सामुदायिक सहभागिता
प्रथम सत्र में प्रवक्ता अनिल कुमार और यशपाल सिंह ने विद्यालय विकास योजना (SDP) और सामुदायिक सहभागिता पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि विद्यालय विकास तभी संभव है जब शिक्षक, अभिभावक, ग्राम पंचायत और समुदाय सभी मिलकर शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने में सहयोग करें।
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शिक्षकों का अनुभव
प्रशिक्षण में शामिल शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें यह 5 दिवसीय कार्यशाला बेहद उपयोगी और व्यावहारिक लगी।
एक शिक्षक ने कहा –
“इस प्रशिक्षण ने हमारी सोच को बदल दिया है। अब हम बच्चों को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखेंगे, बल्कि उनके वास्तविक जीवन कौशल और सुरक्षा पर भी ध्यान देंगे।”
निपुण भारत अभियान से जुड़ाव
यह प्रशिक्षण निपुण भारत मिशन के तहत शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और बच्चों में मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता को मजबूत करने की दिशा में एक कदम है।
डायट प्राचार्य पुष्पा कुमारी ने कहा कि –
“अगर शिक्षक इन नई विधाओं को अपने स्कूलों में लागू करें, तो निश्चित ही हमारा जनपद ‘निपुण जनपद’ की श्रेणी में आ जाएगा।”
समापन और प्रमाणपत्र वितरण
समापन के अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। इस दौरान प्रशिक्षण से जुड़े सभी प्रवक्ता और डायट का स्टाफ मौजूद रहा।
इनमें प्रमुख रूप से –
अनिल कुमार, यशवीर सिंह, हिमांशु सिंह, कल्पना सिन्हा, डॉ. प्रज्ञा शर्मा, लक्ष्मी शर्मा, अबु मुहम्मद आसिफ, रंजना पांडे, डॉ. दिलीप गुप्ता, मुकेश कुमार सिन्हा आदि शामिल रहे।
प्रशिक्षण का संचालन डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय ने किया और कार्यक्रम का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ।
निष्कर्ष
आगरा में हुआ यह 5 दिवसीय एकीकृत प्रशिक्षण मॉड्यूल ‘संपूर्ण’ न केवल शिक्षकों को नई शिक्षण विधियां सिखाने का माध्यम बना, बल्कि उन्हें साइबर सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और आपदा प्रबंधन जैसे जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर भी जागरूक किया।
यह प्रशिक्षण साबित करता है कि अगर शिक्षक समयानुसार अपडेटेड और व्यावहारिक ज्ञान से लैस होंगे, तो शिक्षा प्रणाली और भी मजबूत होगी और बच्चे भविष्य के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे।

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