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आगरा बाढ़ अलर्ट: प्रशासन ने जारी की सुरक्षा एडवाइजरी

यमुना नदी का जलस्तर घट रहा, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए प्रशासन ने सुरक्षा एडवाइजरी जारी की। 24x7 कंट्रोल रूम नंबर जारी, सतर्क रहने की अपील।

आगरा में बाढ़ की आशंका: प्रशासन सतर्क, एडवाइजरी जारी

 

एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़) –

आगरा। लगातार हो रही बारिश और गोकुल बैराज, मथुरा से छोड़े गए भारी जल प्रवाह के कारण यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने के चलते आगरा जिले में बाढ़ की स्थिति को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) श्रीमती शुभांगी शुक्ला ने नागरिकों को सावधानी बरतने की अपील करते हुए बाढ़ एडवाइजरी जारी की है।

उन्होंने जानकारी दी कि 21 अगस्त 2025 को गोकुल बैराज से 97,362 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिसके बाद यमुना नदी का जलस्तर वर्तमान में 151.190 मीटर दर्ज किया गया है। हालांकि सिंचाई विभाग के अनुसार जलस्तर में धीरे-धीरे कमी आ रही है और 23 अगस्त तक भी इसके घटने की संभावना है। इसके बावजूद प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही बरतने के मूड में नहीं है।

किन क्षेत्रों पर बाढ़ का खतरा?

एडीएम ने बताया कि तहसील सदर और तहसील फतेहाबाद के कई गांव और बस्तियां बाढ़ की चपेट में आ सकती हैं।

  • तहसील सदर के प्रभावित क्षेत्र:
    तनौरा, नूरपुर, कैलाश, स्वामी बाग, नगला बूढ़ी, अमर विहार दयालबाग, मोती महल, कटरा वजीर खां, रामबाग बस्ती, अप्सरा टॉकीज, यमुना किनारा रोड, वेदांत मंदिर से लेकर फोर्ट तक का इलाका।

  • तहसील फतेहाबाद के प्रभावित क्षेत्र:
    भरापुर बमरौली, ईदौन, भडायना, भेवीकलों, गुड़ा मेवली खुर्द, हिमायूपुर सहित आसपास के कई गांव।

इन क्षेत्रों के निवासियों को विशेष रूप से सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया है।

प्रशासन की अपील: सुरक्षा के ये उपाय अपनाएं

श्रीमती शुभांगी शुक्ला ने लोगों से सुरक्षा के लिए कुछ बेहद जरूरी कदम उठाने की अपील की है।

  1. जरूरी कागजात सुरक्षित रखें

    • राशन कार्ड, आधार कार्ड, पासबुक आदि जरूरी दस्तावेजों को वॉटरप्रूफ बैग में रखें ताकि पानी से नुकसान न हो।

  2. प्राथमिक उपचार और जरूरी दवाइयां साथ रखें

    • क्लोरिन टैबलेट, ओआरएस, और बेसिक मेडिसिन को फर्स्ट एड किट में रखें।

  3. खाद्यान्न और पशुओं का चारा सुरक्षित करें

    • सूखा अनाज और मवेशियों के चारे को ऊंचे स्थान पर रख दें।

  4. संवेदनशील लोगों का ख्याल रखें

    • गर्भवती महिलाएं, बच्चे, वृद्ध, दिव्यांगजन और बीमार लोग बाढ़ की चेतावनी मिलते ही तुरंत सुरक्षित स्थान या प्रशासन द्वारा बनाए गए शरणालय में पहुंचें।

  5. साफ पानी का प्रयोग करें

    • केवल उबला हुआ या क्लोरिन युक्त पानी ही पिएं। डूबे हुए हैंडपंप का पानी बिल्कुल न इस्तेमाल करें।

  6. बिजली और गैस से सावधानी बरतें

    • घर का मेन स्विच और गैस रेगुलेटर बंद रखें ताकि किसी तरह का हादसा न हो।

  7. खाद्य सामग्री को सुरक्षित रखें

    • बाढ़ के संपर्क में आई खाद्य वस्तुओं का सेवन न करें।

  8. पानी के किनारे न जाएं

    • चाहे शहरवासी हों या गांव के लोग, किसी भी सूरत में नदी या पानी के किनारे न जाएं।

राजस्व विभाग और प्रशासन की निगरानी

एडीएम ने बताया कि तहसील स्तर पर राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारी लगातार भ्रमणशील रहेंगे और बाढ़ की स्थिति पर नजर रखेंगे। प्रभावित गांवों और शहरी इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था भी की जा रही है।

यदि पानी का स्तर और बढ़ता है तो प्रभावित लोगों को तत्काल प्रशासन द्वारा बनाए गए बाढ़ शरणालयों में शिफ्ट किया जाएगा। यहां पर आवश्यक चिकित्सा, भोजन और रहने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

24 घंटे संचालित कंट्रोल रूम

बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने एक 24×7 कंट्रोल रूम भी संचालित किया है। कोई भी व्यक्ति कंट्रोल रूम नंबर 0562-2260550 और 09458095419 पर संपर्क कर सकता है।

यह कंट्रोल रूम लगातार सक्रिय रहेगा और नागरिकों की शिकायतों व समस्याओं का समाधान करेगा।

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नागरिकों से अपील: सतर्क रहें, अफवाहों पर न जाएं

प्रशासन ने दो टूक कहा है कि इस समय सतर्कता और जागरूकता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। लोग किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन द्वारा दी गई सूचनाओं पर भरोसा करें।

नदी के किनारे मनोरंजन या देखने के लिए जाना बेहद खतरनाक हो सकता है। कई बार उत्सुकता में लोग अपनी और अपने परिवार की जान जोखिम में डाल देते हैं।

मानवीय पहलू और प्रशासन की तैयारियां

आगरा जैसे ऐतिहासिक शहर में यमुना नदी न केवल जीवन का स्रोत है बल्कि सांस्कृतिक धरोहर से भी जुड़ी है। लेकिन जब जलस्तर बढ़ता है तो यह आशीर्वाद की बजाय संकट का कारण बन जाता है।

इस बार गोकुल बैराज से छोड़े गए पानी के बाद शहर और गांवों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है। प्रशासन ने समय रहते एडवाइजरी जारी कर दी है ताकि किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि से बचा जा सके।

लोगों की सुरक्षा के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। शरणालयों की व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाएं, कंट्रोल रूम, और अधिकारियों की निगरानी—ये सब दिखाते हैं कि जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार है।

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