आगरा

आगरा में निपुण भारत मिशन प्रशिक्षण का समापन | पुष्पा कुमारी बोलीं – हर विद्यालय को बनाना है निपुण

आगरा डायट में NEP 2020, NCF 2023 और निपुण भारत मिशन पर केंद्रित पाँच दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण संपन्न। प्राचार्य पुष्पा कुमारी ने कहा – निपुण विद्यालय बनाना हर शिक्षक की जिम्मेदारी है।

निपुण भारत मिशन: “निपुण विद्यालय बनाना हम सभी का लक्ष्य” — डायट प्राचार्य पुष्पा कुमारी ने शिक्षकों को दिया उत्कृष्टता का संदेश

Saleem Sherwani

एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा | 18 अक्टूबर 2025

आगरा।
शिक्षा वह आधार है, जिस पर राष्ट्र की मजबूत नींव रखी जाती है — इसी भावना के साथ जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) आगरा में पाँच दिवसीय एकीकृत सम्पूर्ण मॉड्यूल प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन समारोह उत्साहपूर्वक सम्पन्न हुआ।
यह प्रशिक्षण 14 से 18 अक्टूबर तक चला, जिसमें नगर क्षेत्र, अकोला एवं शमशाबाद के प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों के सैकड़ों शिक्षकों ने भाग लिया।

इस विशेष प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020), राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF 2023) और निपुण भारत मिशन (NIPUN Bharat Mission) के अनुरूप तैयार करना था, ताकि वे कक्षाओं में बच्चों को अधिक रचनात्मक, आनंददायी और सीखने योग्य वातावरण दे सकें।

“निपुण विद्यालय बनाना केवल लक्ष्य नहीं, एक जिम्मेदारी है” — पुष्पा कुमारी

निपुण भारत मिशन, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, एनसीएफ 2023, डायट आगरा, पुष्पा कुमारी, शिक्षक प्रशिक्षण, शिक्षा समाचार आगरा, प्राथमिक विद्यालय विकास, शिक्षा में सुधार, सामुदायिक सहभागिता, शिक्षक सशक्तिकरण, शिक्षा नीति अपडेट, यूपी शिक्षा विभाग, निपुण विद्यालय लक्ष्य, आधुनिक शिक्षण पद्धति, प्रशिक्षण कार्यक्रम

कार्यक्रम के समापन अवसर पर डायट प्राचार्य पुष्पा कुमारी ने शिक्षकों को प्रमाण पत्र वितरित किए और कहा कि निपुण भारत मिशन केवल एक सरकारी अभियान नहीं बल्कि एक सामाजिक आंदोलन है।
उन्होंने कहा —

“हमारा लक्ष्य सिर्फ स्कूलों में किताबें पढ़ाना नहीं, बल्कि बच्चों को जीवन के लिए तैयार करना है। निपुण विद्यालय बनाना हम सभी का नैतिक दायित्व है, क्योंकि जब शिक्षक सशक्त होंगे तभी शिक्षा निपुण बनेगी।”

उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे अपने विद्यालयों को समुदाय से जोड़ें, माता-पिता के साथ संवाद बढ़ाएँ और स्थानीय संसाधनों का उपयोग शिक्षण में करें।
पुष्पा कुमारी ने कहा कि निपुण भारत की अवधारणा “हर बच्चे तक सीखने का अधिकार” सुनिश्चित करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।

TVS Apache RTX 300 Launch 2025 | Price, Engine Power, Specifications & Features

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और एनसीएफ 2023 का गहरा समावेश

निपुण भारत मिशन, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, एनसीएफ 2023, डायट आगरा, पुष्पा कुमारी, शिक्षक प्रशिक्षण, शिक्षा समाचार आगरा, प्राथमिक विद्यालय विकास, शिक्षा में सुधार, सामुदायिक सहभागिता, शिक्षक सशक्तिकरण, शिक्षा नीति अपडेट, यूपी शिक्षा विभाग, निपुण विद्यालय लक्ष्य, आधुनिक शिक्षण पद्धति, प्रशिक्षण कार्यक्रम

प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय ने विस्तार से बताया कि यह प्रशिक्षण नई शिक्षा नीति के तीन स्तंभों — लचीलापन, रचनात्मकता और स्थानीयता — पर आधारित था।
उन्होंने कहा कि NEP 2020 बच्चों की मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान (FLN) को शिक्षा का केंद्र बनाती है।
बच्चों को उनकी मातृभाषा में शिक्षा देने, खेल आधारित शिक्षण अपनाने और सतत मूल्यांकन से उनकी प्रगति को समझने पर विशेष बल दिया गया।

इसी क्रम में राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2023 (NCF 2023) को शिक्षकों से परिचित कराया गया।
डॉ. वार्ष्णेय ने बताया कि यह रूपरेखा शिक्षा को बहुविषयक, कौशल-आधारित और जीवन से जुड़ा हुआ बनाती है।

“यह प्रशिक्षण शिक्षकों को केवल अध्यापक नहीं, बल्कि ‘शिक्षा डिज़ाइनर’ बनने की दिशा में प्रेरित करता है।”

प्रशिक्षण सत्रों में विषय विशेषज्ञों की उपयोगी प्रस्तुतियाँ

निपुण भारत मिशन, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, एनसीएफ 2023, डायट आगरा, पुष्पा कुमारी, शिक्षक प्रशिक्षण, शिक्षा समाचार आगरा, प्राथमिक विद्यालय विकास, शिक्षा में सुधार, सामुदायिक सहभागिता, शिक्षक सशक्तिकरण, शिक्षा नीति अपडेट, यूपी शिक्षा विभाग, निपुण विद्यालय लक्ष्य, आधुनिक शिक्षण पद्धति, प्रशिक्षण कार्यक्रम

प्रशिक्षण के दौरान विविध विषयों पर सत्र आयोजित किए गए —
अनिल कुमार ने “भाषा शिक्षण में पुस्तकालय के उपयोग” पर व्याख्यान दिया, जिसमें उन्होंने बताया कि पुस्तकालय न केवल ज्ञान का केंद्र है बल्कि बाल-साहित्य और कहानी-कथन के माध्यम से बच्चों की कल्पनाशक्ति को भी विकसित करता है।

संजय सत्यार्थी ने “समावेशी शिक्षा और नैतिक मूल्यों के साथ जीवन कौशल” पर सत्र संचालित करते हुए कहा कि प्रत्येक शिक्षक को बच्चों के मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण को समझते हुए सीखने के माहौल को सकारात्मक बनाना चाहिए।

डॉ. प्रज्ञा शर्मा ने शिक्षण योजना की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रभावी Lesson Planning ही एक शिक्षक को सफल बनाती है। उन्होंने कहा कि हर शिक्षक को यह समझना चाहिए कि कक्षा 3 तक के बच्चों को पढ़ने, लिखने और गणना में दक्ष बनाना निपुण भारत मिशन का मूल उद्देश्य है।

FOR THE LATEST NEWS AND UPDATES SUBSCRIBE TO HINDI DAINIK SAMACHAR

“निपुण भारत मिशन” – हर बच्चे तक सीखने का अधिकार

निपुण भारत मिशन, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, एनसीएफ 2023, डायट आगरा, पुष्पा कुमारी, शिक्षक प्रशिक्षण, शिक्षा समाचार आगरा, प्राथमिक विद्यालय विकास, शिक्षा में सुधार, सामुदायिक सहभागिता, शिक्षक सशक्तिकरण, शिक्षा नीति अपडेट, यूपी शिक्षा विभाग, निपुण विद्यालय लक्ष्य, आधुनिक शिक्षण पद्धति, प्रशिक्षण कार्यक्रम

संदर्भदाता लक्ष्मी शर्मा ने निपुण भारत मिशन की पृष्ठभूमि और उसकी आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने कहा कि यह मिशन सिर्फ बच्चों को पढ़ाने का नहीं बल्कि उनके सीखने के अधिकार (Right to Learn) को सुनिश्चित करने का अभियान है।
उन्होंने शिक्षकों को बच्चों की सीखने की गति के अनुसार उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) अपनाने की सलाह दी और बताया कि Continuous Assessment से बच्चों की वास्तविक प्रगति को समझा जा सकता है।

Xiaomi 17 Pro Max Specifications Leaked: Display, Battery और Processor Details

सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और साइबर जागरूकता पर भी मिला प्रशिक्षण

निपुण भारत मिशन, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, एनसीएफ 2023, डायट आगरा, पुष्पा कुमारी, शिक्षक प्रशिक्षण, शिक्षा समाचार आगरा, प्राथमिक विद्यालय विकास, शिक्षा में सुधार, सामुदायिक सहभागिता, शिक्षक सशक्तिकरण, शिक्षा नीति अपडेट, यूपी शिक्षा विभाग, निपुण विद्यालय लक्ष्य, आधुनिक शिक्षण पद्धति, प्रशिक्षण कार्यक्रम

प्रशिक्षण के अंतिम दिन प्रवक्ता पुष्पेंद्र सिंह, संजीव कुमार सत्यार्थी और डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय ने “स्वास्थ्य सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, साइबर सुरक्षा और यातायात सुरक्षा” जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर शिक्षकों को प्रशिक्षित किया।
सभी प्रतिभागियों ने यातायात सुरक्षा की शपथ भी ली।
इस सत्र में शिक्षकों को बताया गया कि डिजिटल युग में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और साइबर अनुशासन अत्यंत आवश्यक है।

प्रशिक्षण ने जगाई नई चेतना

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिमांशु सिंह, कल्पना सिन्हा, रचना यादव, अबु मुहम्मद आसिफ, डॉ. दिलीप कुमार गुप्ता, रंजना पांडे, मुकेश सिन्हा, गौरव भार्गव, लाल बहादुर सिंह, अमित दीक्षित सहित अनेक शिक्षा विशेषज्ञों का योगदान रहा।

समापन सत्र का संचालन प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय ने किया।
कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य पुष्पा कुमारी ने सभी शिक्षकों से आग्रह किया —

“अपने विद्यालयों को सिर्फ भवन या पाठ्यपुस्तक तक सीमित न रखें। हर कक्षा को बच्चों की सीखने की प्रयोगशाला बनाएं। यही सच्चा ‘निपुण विद्यालय’ होगा।”

CHECK ALSO:

खेरागढ़ हादसा: लोधी समाज ने बढ़ाया मदद का हाथ, दुर्गा विसर्जन में जान गंवाने वाले परिवारों को ₹8.40 लाख की आर्थिक सहायता

मिशन शक्ति फेज़-5.0: बीए छात्रा पूजा बनीं एक दिन की प्राचार्य | राजकीय महाविद्यालय आगरा में छात्राओं ने दिखाया नेतृत्व

गणित ओलंपियाड 2025: आगरा के अकोला के आदर्श ने किया प्रथम स्थान प्राप्त | DIET आगरा परिणाम और सम्मान समारोह

विश्व खाद्य दिवस 2025: आगरा के कंपोजिट विद्यालय में बच्चों ने सीखा संतुलित आहार और पोषण का महत्व | World Food Day Agra News

मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा में गुड टच और बैड टच पर हुआ सेमिनार | बाल सुरक्षा और आत्म-सुरक्षा पर विस्तृत चर्चा

AGRA NEWS, LATEST AGRA NEWS, HINDI DAINIK SAMACHAR

Related Articles

Back to top button