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NMMS 2025: राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा 2025 में आगरा मंडल प्रथम — 2916 आवेदन के साथ प्रदेश में 12वां स्थान

NMMS 2025 में आगरा ने 2916 आवेदन के साथ मंडल में पहला और प्रदेश में 12वां स्थान प्राप्त किया। शिक्षा विभाग, शिक्षकों और छात्रों की सामूहिक मेहनत से आगरा बना प्रदेश का शिक्षा मॉडल।

NMMS 2025: राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा में आगरा मंडल ने मारी बाज़ी — 2916 आवेदन के साथ प्रदेश में 12वां और मंडल में प्रथम स्थान

Saleem Sherwani

एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)

स्थान: आगरा | तिथि: 08 अक्टूबर 2025

शिक्षा में नई ऊंचाई पर आगरा

आगरा। शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयां छू रहा ताज नगरी आगरा अब एक बार फिर सुर्खियों में है। राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा (National Means-cum-Merit Scholarship – NMMS) 2025 के आवेदन में आगरा जिले ने 2916 आवेदन प्राप्त कर मंडल में प्रथम और प्रदेश स्तर पर 12वां स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि आगरा के शिक्षा विभाग, शिक्षकों, विद्यालयों, और विद्यार्थियों की सामूहिक मेहनत का परिणाम मानी जा रही है।

NMMS परीक्षा उन मेधावी छात्रों के लिए एक सुनहरा अवसर है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं लेकिन पढ़ाई में आगे बढ़ने की प्रबल इच्छा रखते हैं। आगरा की यह उपलब्धि यह दर्शाती है कि अब ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के विद्यार्थी शिक्षा को लेकर पहले से कहीं अधिक जागरूक और सक्रिय हो गए हैं।

आवेदन और परीक्षा की प्रक्रिया

इस वर्ष 27 अगस्त से 4 अक्टूबर 2025 तक NMMS परीक्षा के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। आवेदन में हुई त्रुटियों को ठीक कराने का अवसर 5 से 7 अक्टूबर 2025 तक दिया गया है। परीक्षा का आयोजन 9 नवंबर 2025 (रविवार) को पूरे प्रदेश में एक साथ किया जाएगा।

राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 9 से 12 तक ₹1000 प्रति माह की छात्रवृत्ति दी जाएगी, जिससे वे अपनी उच्च शिक्षा को बिना आर्थिक बोझ के जारी रख सकें।

इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के मेधावी बच्चों को शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है। केंद्र और राज्य सरकार इस योजना को मिलकर संचालित करती हैं, ताकि शिक्षा समाज के हर वर्ग तक पहुँच सके।

आगरा का बढ़ता प्रदर्शन — शिक्षा में नई उम्मीद की किरण

डायट (DIET) प्रवक्ता डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय ने बताया कि इस वर्ष आवेदन संख्या में वृद्धि होना जिले के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा —

“यह सफलता केवल संख्याओं में वृद्धि नहीं, बल्कि बच्चों और अभिभावकों के भीतर शिक्षा के प्रति जागरूकता और विश्वास की वृद्धि का प्रतीक है।”

उन्होंने यह भी बताया कि पिछले चार वर्षों में 1000 से अधिक विद्यार्थियों को इस योजना के तहत छात्रवृत्ति का लाभ मिला है, जो जिले के शिक्षकों और शिक्षा विभाग के लिए एक प्रेरणादायक उपलब्धि है।

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शिक्षा अधिकारियों का संदेश और सामूहिक प्रयास

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) जितेन्द्र गोंड ने सभी शिक्षकों, विद्यालय प्रमुखों और शिक्षा अधिकारियों को बधाई दी और कहा —

“आगरा के बच्चों ने यह साबित कर दिया है कि अगर अवसर और मार्गदर्शन मिले तो वे किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। NMMS योजना हमारे बच्चों के भविष्य को उज्जवल बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।”

वहीं उप शिक्षा निदेशक एवं डायट प्राचार्य डॉ. पुष्पा कुमारी ने कहा —

“हमें केवल आवेदन बढ़ाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अब हमारा लक्ष्य अधिकतम चयन सुनिश्चित करना होना चाहिए। सभी मेंटर्स, शिक्षक, और शिक्षा मित्रों को छात्रों की परीक्षा तैयारी में पूरा सहयोग देना चाहिए ताकि 9 नवंबर की परीक्षा में आगरा सर्वोच्च परिणाम प्राप्त कर सके।”

उन्होंने यह भी जोड़ा कि बच्चों को परीक्षा के पैटर्न, समय प्रबंधन, और मानसिक तैयारी पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

शिक्षा का जमीनी स्तर पर प्रसार

डॉ. वार्ष्णेय ने बताया कि इतनी बड़ी संख्या में आवेदन संभव हो पाए क्योंकि आगरा जिले में शिक्षा को लेकर पिछले कुछ वर्षों में निरंतर सुधार हुआ है।

उन्होंने कहा —

“खंड शिक्षा अधिकारियों, मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र, डायट मेंटर्स, एआरपी, प्रधानाचार्यों, शिक्षकों और अभिभावकों की संयुक्त मेहनत ने यह सफलता दिलाई है। अब शिक्षा जन-जन की प्राथमिकता बन चुकी है।”

उन्होंने बताया कि डायट आगरा द्वारा विद्यालयों में जागरूकता अभियान चलाए गए, जिसमें NMMS परीक्षा के लाभ और आवेदन प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया गया। इससे ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे भी आगे आए।

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आगरा का प्रदर्शन वर्षवार — हर साल नई प्रगति

वर्ष आवेदन चयनित विद्यार्थी
2020-21 101 18
2021-22 1,349 221
2022-23 3,343 264
2023-24 3,498 264
2024-25 2,735 266
2025-26 2,916 प्रक्रिया में

यह तालिका बताती है कि कैसे पिछले कुछ वर्षों में आवेदन और चयन में निरंतर वृद्धि हुई है। जहां 2020 में मात्र 101 आवेदन थे, वहीं 2025 में यह संख्या लगभग 30 गुना बढ़कर 2916 तक पहुँच गई है।

मंडल स्तर पर आवेदन की स्थिति

जनपद आवेदन संख्या आवंटित सीटें
आगरा 2,916 269
मैनपुरी 1,423 134
फिरोजाबाद 1,367 176
मथुरा 1,102 165

इस तरह आगरा न केवल अपने मंडल में प्रथम रहा बल्कि आवेदन की संख्या के मामले में प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल हो गया।

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NMMS योजना का सामाजिक प्रभाव

राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा न केवल शिक्षा का माध्यम है, बल्कि यह सामाजिक समानता की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा जारी रखने की प्रेरणा मिलती है।

NMMS के तहत मिलने वाली छात्रवृत्ति से विद्यार्थी अपने स्कूल की फीस, किताबें, वर्दी और स्टेशनरी जैसी आवश्यकताओं को पूरा कर पाते हैं। इस तरह यह योजना गरीब तबके के मेधावी छात्रों के लिए “शिक्षा की जीवनरेखा” बन चुकी है।

भविष्य की दिशा — शिक्षा से आत्मनिर्भर भारत

आगरा का यह प्रदर्शन स्पष्ट संकेत देता है कि अब शिक्षा केवल शहरी सीमाओं तक सीमित नहीं रही। गाँवों और कस्बों में भी बच्चों के सपनों को पंख लगने लगे हैं। NMMS परीक्षा के माध्यम से सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी प्रतिभा आर्थिक कारणों से अधूरी न रह जाए।

जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा —

“अगर इसी तरह शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों का सामूहिक प्रयास जारी रहा, तो आने वाले वर्षों में आगरा न केवल आवेदन में बल्कि चयन प्रतिशत में भी प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करेगा।”

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निष्कर्ष

आगरा की यह सफलता केवल आंकड़ों की बात नहीं, बल्कि शिक्षा की दिशा में बढ़ती जनचेतना की कहानी है। NMMS जैसी योजनाएं समाज के उस वर्ग तक शिक्षा पहुंचा रही हैं, जो कभी संसाधनों की कमी के कारण पीछे रह जाता था।

आज आगरा का हर विद्यार्थी यह संदेश दे रहा है —
“अगर हौसला हो, तो हर कठिनाई आसान है, और शिक्षा ही सफलता की सच्ची कुंजी है।”

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