खेरागढ़ में बड़ा हादसा टला: जलभराव में डूबी कार, ग्रामीणों ने रस्सी व ट्रैक्टर से बचाई परिजनों की जान
आगरा के खेरागढ़ में सीएटी रोड पर जलभराव में कार डूब गई। ग्रामीणों ने रस्सी और ट्रैक्टर से कार खींचकर परिवार की जान बचाई। बारिश में इस मार्ग से न गुजरने की अपील, प्रशासन से सुरक्षा इंतजाम की मांग।
खेरागढ़ में कार हादसा टला: जलभराव में डूबी वॅगनआर, ग्रामीणों ने रस्सी और ट्रैक्टर से बचाई परिजनों की जान
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा-12.09.2025
आगरा/खेरागढ़। लगातार बारिश के कारण खेरागढ़ क्षेत्र में नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने से कई ग्रामीण मार्ग जलमग्न हो गए हैं। ऐसे ही हालात के बीच शुक्रवार दोपहर खेरागढ़ तहसील के डूंगरवाला से नगला दूल्हे खां और नरीपुरा को जोड़ने वाले सीएटी रोड पर बड़ा हादसा होते-होते टल गया।
पानी के तेज बहाव में फंसी कार
करीब दोपहर 2 बजे, टुंडा बाबा आश्रम फजियतपुरा बांध के पास से गुजर रही एक वॅगनआर कार अचानक जलभराव में डूब गई। कार में परिवार के कई सदस्य सवार थे। जैसे ही कार गहरे पानी में फंसी, सवारियों की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत मदद के लिए दौड़े।
ग्रामीणों ने किया साहसिक रेस्क्यू
ग्रामीणों ने अपनी जान की परवाह किए बिना कार तक पहुंचने की कोशिश की। पानी का बहाव इतना तेज था कि पैदल पहुंचना जोखिम भरा था। इसके बाद ग्रामीणों ने ट्रैक्टर और रस्सी की मदद से कार को बांधकर धीरे-धीरे बाहर खींचा। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद कार को सुरक्षित बाहर निकाला गया और सभी सवारियों की जान बचाई जा सकी।
FOR THE LATEST NEWS AND UPDATES SUBSCRIBE TO HINDI DAINIK SAMACHAR
बार-बार दोहराया जा रहा खतरा
ग्रामीणों ने बताया कि यही जगह अब दुर्घटनाओं का हॉटस्पॉट बन चुकी है। कुछ दिन पहले, 8 सितंबर की रात भी यहां एक वाहन फंस गया था। उस वक्त भी ग्रामीणों ने ही अपनी सूझबूझ से यात्रियों की जान बचाई थी।
लगातार हो रही बारिश और ऊपर से छोड़े जा रहे पानी के कारण यह मार्ग पूरी तरह से डूब चुका है। स्थानीय लोग इसे “मौत का रास्ता” कहने लगे हैं।
ग्रामीणों की अपील: इस मार्ग से न गुजरें
समाजसेवी रामदयाल सिंह कुशवाहा (अध्यक्ष, स्वास्थ्य समिति ग्राम पंचायत नगला दूल्हे खां) ने लोगों से अपील की है कि बारिश और जलभराव के दिनों में इस रास्ते का इस्तेमाल न करें। उन्होंने कहा –
“यहां पानी का बहाव बहुत तेज है। कोई भी हल्की या भारी गाड़ी पलभर में बह सकती है। इस रास्ते से गुजरना जान जोखिम में डालने जैसा है।”
उनके साथ महेंद्र सिंह कुशवाहा, आशीष कुशवाहा और अन्य ग्रामीणों ने भी चेतावनी दी कि जब तक जलभराव पूरी तरह से नहीं उतर जाता, तब तक वैकल्पिक मार्ग का ही उपयोग करें।
वैकल्पिक सुरक्षित रास्ता
ग्रामीणों ने राहगीरों और वाहन चालकों को सलाह दी है कि वे फिलहाल जमुना दास बाबा पीपरी आश्रम – अटा गांव – जगनेर-आगरा रोड के जरिए आवाजाही करें। यह मार्ग अपेक्षाकृत सुरक्षित है और हादसों की संभावना कम है।
प्रशासन से क्या उम्मीद?
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को इस मार्ग पर चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग लगानी चाहिए ताकि लोग गलती से भी यहां प्रवेश न करें। साथ ही, बारिश के मौसम में वैकल्पिक मार्गों को दुरुस्त करने की भी मांग की गई है।
बड़ा हादसा टला, लेकिन सबक जरूरी
गनीमत रही कि ग्रामीणों की तत्परता और साहसिक प्रयासों से इस बार सभी लोगों की जान बच गई। लेकिन यह घटना साफ संदेश देती है कि बरसात के दिनों में जलमग्न रास्तों पर वाहन चलाना बेहद खतरनाक हो सकता है।
स्थानीय लोग चाहते हैं कि प्रशासन जल्द से जल्द स्थायी समाधान निकाले ताकि हर साल बारिश में होने वाले ऐसे हादसों से लोगों की जान न जाए।
CHECK ALSO:
Apple iPhone 17 Pro Max Launch: Price in India, Features, Camera, Specs & Full Review
iPhone Air First Look – Apple का सबसे हल्का और फ्यूचरिस्टिक iPhone लॉन्च
आगरा में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा, मंत्री जयवीर सिंह ने पीड़ितों से की मुलाकात और राहत राशि वितरित




