मिशन शक्ति 5.0: भलोखरा के बच्चों ने किया फतेहाबाद पुलिस थाना भ्रमण, कानून और सुरक्षा की मिली सीख
मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत भलोखरा विद्यालय के बच्चों ने फतेहाबाद पुलिस थाना भ्रमण किया। थाना प्रभारी ने कानून-व्यवस्था, हेल्पलाइन नंबर और सुरक्षा जागरूकता पर बच्चों को मार्गदर्शन दिया।
मिशन शक्ति 5.0 अभियान: भलोखरा के बच्चों का फतेहाबाद पुलिस थाना भ्रमण, कानून और सुरक्षा की समझ से आत्मविश्वास की ओर कदम
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
फतेहाबाद (आगरा), 27 सितम्बर 2025
शिक्षा की असली सार्थकता तभी पूरी होती है जब बच्चे केवल किताबों और परीक्षाओं तक सीमित न रहकर जीवन के वास्तविक अनुभवों को भी समझें। इसी सोच के साथ मिशन शक्ति 5.0 अभियान के अंतर्गत उच्च प्राथमिक विद्यालय भलोखरा कंपोजिट, फतेहाबाद के बच्चों ने आज कोतवाली फतेहाबाद, कमिश्नरेट आगरा का शैक्षिक भ्रमण किया। यह अनुभव बच्चों के लिए केवल एक यात्रा नहीं था, बल्कि कानून-व्यवस्था और सुरक्षा की बुनियादी समझ विकसित करने का अवसर भी था।
बच्चों के लिए अनोखा अनुभव: पुलिस कार्यप्रणाली को करीब से देखना

भ्रमण के दौरान थाना प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार ने बच्चों को बड़ी सहजता से पुलिस थाने की कार्यप्रणाली के बारे में बताया। उन्होंने समझाया कि पुलिस केवल अपराध रोकने वाली संस्था नहीं है, बल्कि समाज की सुरक्षा और शांति बनाए रखने की रीढ़ है।
बच्चों ने थाना परिसर का अवलोकन किया, पुलिस कर्मियों के साथ बातचीत की और कई सवाल पूछे। “अगर हमें किसी आपात स्थिति में मदद चाहिए तो हम क्या करें?” जैसे मासूम सवालों का उत्तर पाकर उनके चेहरे पर संतोष और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था।
थाना प्रभारी ने बच्चों को कानून का सम्मान करने, समाज में सतर्क रहने और किसी संकट की स्थिति में डायल 112, 181 या 1090 जैसे हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने कहा, “आज के बच्चे कल के नागरिक हैं। अगर अभी से उनमें कानून और व्यवस्था की समझ विकसित हो जाए तो वे एक सुरक्षित और जिम्मेदार समाज बनाने में मददगार साबित होंगे।”
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शिक्षकों का दृष्टिकोण: शिक्षा का विस्तार कक्षा से बाहर

विद्यालय के शिक्षकों ने इस भ्रमण को बच्चों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। उनका मानना है कि किताबों से परे ऐसे अनुभव बच्चों में सामाजिक चेतना और जिम्मेदारी की भावना जगाते हैं।
एक शिक्षक ने कहा – “जब बच्चे पुलिस से सीधे संवाद करते हैं तो उनके मन में मौजूद भय या झिझक दूर होती है। वे समझ पाते हैं कि पुलिस केवल अपराधियों को पकड़ने के लिए नहीं बल्कि उनकी सुरक्षा और सहायता के लिए भी है।”
बच्चों ने भी इस अनुभव को रोचक और ज्ञानवर्धक बताया। कई बच्चों ने पहली बार पुलिस थाने का अंदरूनी माहौल देखा और पुलिसकर्मियों से बिना हिचकिचाहट सवाल पूछे।
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मिशन शक्ति 5.0 और शिक्षक अनिल कुमार की भूमिका

इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के अध्यापक अनिल कुमार ने अहम योगदान दिया। उन्हें इस अभियान में ब्लॉक नोडल शिक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्होंने योजना, संचालन और समन्वय से लेकर रिपोर्टिंग तक हर स्तर पर अपनी भूमिका निभाई।
उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों को विस्तार से समझें:
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योजना और समन्वय – मिशन शक्ति 5.0 की गतिविधियों के लिए विद्यालय स्तर पर कार्ययोजना तैयार करना और ब्लॉक स्तर से प्राप्त निर्देशों का सही तरीके से पालन सुनिश्चित करना।
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जागरूकता अभियान – बच्चों और विशेष रूप से बालिकाओं को आत्मरक्षा, सुरक्षा उपायों और हेल्पलाइन नंबरों (जैसे 1090 – महिला हेल्पलाइन, 181 – महिला सहायता, 112 – इमरजेंसी सेवा) के महत्व के बारे में जागरूक करना।
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प्रशिक्षण एवं भ्रमण का आयोजन – पुलिस अधिकारियों से संपर्क और समन्वय स्थापित कर बच्चों के लिए उपयोगी शैक्षिक कार्यक्रमों का आयोजन करना।
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मार्गदर्शन और प्रेरणा – विद्यार्थियों को मिशन शक्ति के उद्देश्यों – आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और सुरक्षा – के प्रति प्रेरित करना और उनके सवालों का धैर्यपूर्वक समाधान करना।
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रिपोर्टिंग और मूल्यांकन – मिशन शक्ति की हर गतिविधि का रिकॉर्ड रखना और समय-समय पर उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट प्रस्तुत करना।
अनिल कुमार के समर्पण और नेतृत्व के कारण मिशन शक्ति कार्यक्रम न केवल सफल रहा बल्कि बच्चों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता और आत्मविश्वास भी बढ़ा।
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मिशन शक्ति 5.0: शिक्षा से आगे का कदम

यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक शैक्षिक भ्रमण नहीं था, बल्कि मिशन शक्ति 5.0 अभियान की उस मूल भावना का प्रतीक था जिसमें बच्चों, खासकर बालिकाओं को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने पर जोर दिया गया है।
इस अभियान के जरिए बच्चों को सिखाया जा रहा है कि सुरक्षा केवल बाहरी साधनों पर निर्भर नहीं करती, बल्कि ज्ञान, जागरूकता और आत्मविश्वास से भी जुड़ी है। यही सोच उन्हें आने वाले समय में बेहतर नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करेगी।
निष्कर्ष

फतेहाबाद पुलिस थाना भ्रमण बच्चों के लिए एक यादगार अनुभव साबित हुआ। उन्होंने न केवल पुलिस की भूमिका को समझा, बल्कि यह भी जाना कि कानून का पालन करना और संकट के समय सही कदम उठाना क्यों जरूरी है।
मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत ऐसी पहलें बच्चों और समाज दोनों को जोड़ने का माध्यम बन रही हैं। शिक्षक अनिल कुमार जैसे शिक्षकों के समर्पण से यह अभियान और भी सार्थक बन रहा है।
यह पहल स्पष्ट करती है कि शिक्षा केवल पुस्तकों में नहीं, बल्कि जीवन की हर परिस्थिति को समझने और उसका सामना करने की क्षमता विकसित करने में छिपी है।
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