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किसान मोर्चा शिष्टमंडल ने मंडलायुक्त से उठाई खाद समस्या

भाजपा किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष देवेंद्र रावत के नेतृत्व में शिष्टमंडल ने मंडलायुक्त से मुलाकात कर किसानों की खाद वितरण और समस्याओं पर चर्चा की।

भाजपा किसान मोर्चा के शिष्टमंडल ने किसानों की समस्याओं पर उठाई आवाज

 

एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़) –

आगरा। किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता से हल कराने के लिए भाजपा किसान मोर्चा लगातार सक्रिय है। इसी कड़ी में शुक्रवार को भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष देवेंद्र रावत के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने मंडलायुक्त शैलेन्द्र सिंह से मुलाकात की। इस दौरान किसानों की प्रमुख समस्या—डीएपी खाद की कालाबाजारी और सही वितरण—को लेकर गंभीर चर्चा हुई।

किसानों के हित में उठा बड़ा मुद्दा

बैठक के दौरान जिलाध्यक्ष देवेंद्र रावत ने सबसे पहले किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में किसानों को सबसे बड़ी समस्या डीएपी खाद की कालाबाजारी की है। बाजार में यह खाद या तो ऊँचे दामों पर बिक रही है या फिर समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इस वजह से किसान बुआई और खेती कार्यों में परेशानी का सामना कर रहे हैं।

देवेंद्र रावत ने मंडलायुक्त से स्पष्ट कहा कि किसानों को खाद के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए सक्षम अधिकारियों को निगरानी और वितरण की व्यवस्था मजबूत करनी होगी। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि खाद की उपलब्धता और उसकी गुणवत्ता की नियमित जांच कराई जाए, ताकि किसान ठगा न जाए।

किसान दिवस का आयोजन नियमित करने की मांग

सिर्फ खाद की समस्या ही नहीं, शिष्टमंडल ने किसानों की अन्य समस्याओं पर भी चर्चा की। देवेंद्र रावत ने विशेष रूप से किसान दिवस का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार में नियमित रूप से कराने की मांग उठाई। उनका कहना था कि किसान दिवस किसानों की समस्याओं को सीधे प्रशासन तक पहुँचाने का सबसे बड़ा माध्यम है। लेकिन कई बार यह आयोजन अनियमित हो जाता है।

अगर किसान दिवस नियमित रूप से आयोजित किया जाए तो किसान अपनी समस्याएं खुलकर रख पाएंगे और अधिकारी तुरंत समाधान कर पाएंगे। इससे प्रशासन और किसान दोनों के बीच सीधा संवाद कायम होगा।

किसान मोर्चा, भाजपा

मंडलायुक्त का आश्वासन

मंडलायुक्त शैलेन्द्र सिंह ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और शिष्टमंडल को आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि किसानों की किसी भी समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी और किसी भी तरह की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही मंडलायुक्त ने यह भी आश्वासन दिया कि किसान दिवस को नियमित और प्रभावी तरीके से आयोजित कराया जाएगा। इससे किसानों को अपनी समस्याएं सामने रखने का मंच मिलेगा और अधिकारियों को मौके पर ही समाधान का अवसर।

किसान नेताओं की उपस्थिति

इस मौके पर किसान मोर्चा के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
इनमें प्रमुख रूप से –

  • किसान मोर्चा के कार्यालय प्रभारी डॉ. रामनिवास भारती

  • जिला उपाध्यक्ष ठाकुर जितेन्द्र सिंह

  • जयप्रकाश निषाद

  • जिला मंत्री ठाकुर उदय प्रताप सिंह

  • अशोक दुबे

  • युवा मोर्चा के जिला मंत्री ठाकुर बृजेश रघुवंशी

  • किसान मोर्चा के विधानसभा संयोजक गौरव राजावत
    सहित बड़ी संख्या में किसान नेता और कार्यकर्ता शामिल रहे।

 

 

किसानों की उम्मीदें

किसान नेताओं ने इस मुलाकात को किसानों के लिए एक सकारात्मक पहल बताया। उनका कहना है कि भाजपा किसान मोर्चा हमेशा किसानों के साथ खड़ा है और उनकी हर समस्या को प्रशासन तक पहुंचाने का काम करेगा।

किसानों का मानना है कि अगर प्रशासन और जनप्रतिनिधि इसी तरह मिलकर काम करें तो खाद, बीज और सिंचाई जैसी समस्याओं का समय पर समाधान हो सकता है।

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खाद वितरण पर निगरानी क्यों जरूरी है?

किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती खाद वितरण की पारदर्शिता है। कई बार विक्रेता खाद की कमी का हवाला देकर इसे ऊँचे दामों पर बेचते हैं। इस वजह से छोटे और मध्यम वर्गीय किसान बुरी तरह प्रभावित होते हैं।

अगर प्रशासनिक स्तर पर सख्ती से निगरानी की जाए और हर विक्रय केंद्र पर रेट बोर्ड, स्टॉक रजिस्टर और कैश मीमो की व्यवस्था अनिवार्य की जाए, तो कालाबाजारी पर रोक लगाई जा सकती है।

किसान दिवस की अहमियत

किसान दिवस किसानों के लिए एक ऐसा मंच है जहाँ वे अपनी बात सीधे प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचा सकते हैं। इसमें खेती से जुड़ी समस्याएं जैसे – खाद की उपलब्धता, बिजली की समस्या, सिंचाई, फसल बीमा और मंडियों में सही दाम मिलने जैसे मुद्दे सामने आते हैं।

अगर यह कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित होता रहे तो किसानों का भरोसा प्रशासन पर और मजबूत होगा और उनकी परेशानियों का समयबद्ध समाधान भी संभव हो सकेगा।

भाजपा किसान मोर्चा की सक्रियता

भाजपा किसान मोर्चा लंबे समय से किसानों की आवाज़ को बुलंद करता रहा है। जिलाध्यक्ष देवेंद्र रावत और उनकी टीम लगातार गांव-गांव जाकर किसानों से जुड़ रहे हैं और उनकी समस्याएं सुनकर उन्हें प्रशासन तक पहुंचा रहे हैं।

इस मुलाकात से साफ है कि किसान मोर्चा किसानों को डीएपी खाद, यूरिया और अन्य कृषि संसाधनों की उपलब्धता दिलाने के लिए गंभीर है।

निष्कर्ष

मंडलायुक्त और भाजपा किसान मोर्चा के बीच हुई यह मुलाकात किसानों के लिए उम्मीद की किरण है। अगर प्रशासन दिए गए आश्वासन को अमल में लाता है तो किसानों की सबसे बड़ी समस्या—खाद की कालाबाजारी—का समाधान हो सकेगा। साथ ही नियमित रूप से किसान दिवस आयोजित होने से किसानों और प्रशासन के बीच संवाद और भी मजबूत होगा।

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