Agra Breaking News: आगरा में FSSAI प्रशिक्षण: 1000+ स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को मिला प्रमाणन, प्रो. एसपी सिंह बघेल रहे मुख्य अतिथि
आगरा के सूरसदन प्रेक्षागृह में FSSAI द्वारा 1000 से अधिक स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के लिए प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यशाला आयोजित। केंद्रीय मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने दिलाई स्वच्छता और गुणवत्ता की शपथ, सुरक्षित आहार अभियान को मिला बल।

FSSAI प्रशिक्षण आगरा: आगरा में FSSAI की ऐतिहासिक पहल: 1000+ स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को मिला वैज्ञानिक प्रशिक्षण, केंद्रीय मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने दिलाई गुणवत्ता की शपथ
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा | 15 फरवरी 2026
आगरा की ऐतिहासिक नगरी में खाद्य सुरक्षा और जनस्वास्थ्य को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के मार्गदर्शन में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI), उत्तर क्षेत्र द्वारा स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के लिए एक व्यापक प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यशाला का आयोजन संजय पैलेस स्थित सूरसदन प्रेक्षागृह में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल (मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार) एवं आगरा शहर विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम में प्रशासनिक एवं खाद्य सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की सक्रिय उपस्थिति ने इसकी गंभीरता और महत्व को और अधिक रेखांकित किया।
‘स्वस्थ भारत, सुरक्षित आहार’ की दिशा में ठोस कदम
यह कार्यशाला केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ‘स्वस्थ भारत, सुरक्षित आहार’ के राष्ट्रीय अभियान को जमीनी स्तर पर सशक्त बनाने का प्रयास था। आगरा जैसे पर्यटन केंद्र में, जहां प्रतिदिन हजारों पर्यटक स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लेते हैं, वहां खाद्य सुरक्षा के मानकों का पालन अत्यंत आवश्यक हो जाता है।
एफएसएसएआई के विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि स्ट्रीट फूड देश की सांस्कृतिक पहचान है, लेकिन इसे सुरक्षित, स्वच्छ और मानकीकृत बनाना समय की मांग है।
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1000 से अधिक विक्रेताओं ने लिया व्यावहारिक प्रशिक्षण

कार्यशाला में जनपद के एक हजार से अधिक स्ट्रीट फूड विक्रेताओं ने भाग लिया। प्रशिक्षण सत्रों में उन्हें निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई—
खाद्य स्वच्छता के मूल सिद्धांत
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भोजन बनाने से पहले और बाद में हाथों की उचित सफाई
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साफ बर्तनों एवं स्वच्छ जल का उपयोग
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खाद्य पदार्थों को ढककर सुरक्षित रखना
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कच्चे और पके भोजन को अलग-अलग रखना
मिलावट एवं गुणवत्ता नियंत्रण
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मिलावट की पहचान और उससे बचाव
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प्रमाणित एवं विश्वसनीय स्रोतों से कच्चा माल खरीदना
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एक्सपायरी तिथि की जांच
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खाद्य तेल एवं मसालों का संतुलित उपयोग
व्यक्तिगत स्वच्छता और प्रस्तुति
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साफ यूनिफॉर्म या एप्रन पहनना
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नाखून छोटे रखना और दस्ताने का उपयोग
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ग्राहकों से विनम्र व्यवहार
लाइसेंसिंग और पंजीकरण की जानकारी
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FSSAI पंजीकरण/लाइसेंस का महत्व
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कानूनी प्रावधानों और दंडात्मक कार्यवाही की जानकारी
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नियमित निरीक्षण और अनुपालन की प्रक्रिया
केंद्रीय मंत्री का संदेश: “विश्वास ही सबसे बड़ी पूंजी”

केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल ने अपने संबोधन में कहा कि स्ट्रीट फूड विक्रेता देश की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा हैं। उन्होंने कहा—
“यदि स्वच्छता और गुणवत्ता को प्राथमिकता दी जाए तो स्थानीय व्यवसाय वैश्विक स्तर पर पहचान बना सकता है।”
उन्होंने सभी विक्रेताओं को शपथ दिलाई कि वे स्वच्छता, गुणवत्ता और ईमानदारी के साथ खाद्य सामग्री उपलब्ध कराएंगे। प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया गया, जिससे उनके व्यवसाय को विश्वसनीयता और नई पहचान मिलेगी।
प्रशासन और विभागीय अधिकारियों की सहभागिता
कार्यक्रम में एफएसएसएआई और उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। संयुक्त निदेशक (प्रशिक्षण प्रभाग) अंकेश्वर मिश्रा, नगर मजिस्ट्रेट वेद सिंह चौहान, सहायक आयुक्त (खाद्य) सैयद शाहनाज हैदर आबिदी, प्रबंधक निमिशा तोमर तथा सहायक आयुक्त (खाद्य–II) महेंद्र श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारियों ने भी विक्रेताओं को मार्गदर्शन दिया।
अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।
पर्यटन नगरी आगरा के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?

आगरा विश्वप्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। यहां आने वाले देशी-विदेशी पर्यटक स्थानीय स्ट्रीट फूड का आनंद लेते हैं। यदि खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए तो इससे—
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पर्यटकों का विश्वास बढ़ेगा
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शहर की सकारात्मक छवि बनेगी
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स्थानीय व्यापार को प्रोत्साहन मिलेगा
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स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों में कमी आएगी
यह पहल न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी।
विक्रेताओं में दिखा उत्साह और आत्मविश्वास
कार्यशाला में भाग लेने वाले विक्रेताओं ने कहा कि उन्हें पहली बार वैज्ञानिक और व्यावहारिक तरीके से खाद्य सुरक्षा की जानकारी मिली है। कई विक्रेताओं ने स्वीकार किया कि छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर वे अपने व्यवसाय को अधिक सुरक्षित और लाभकारी बना सकते हैं।
निष्कर्ष
आगरा में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यशाला केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य, रोजगार सशक्तिकरण और गुणवत्ता सुधार की दिशा में एक समग्र पहल है। FSSAI की यह पहल आने वाले समय में अन्य जिलों के लिए भी एक मॉडल साबित हो सकती है।
‘स्वस्थ भारत, सुरक्षित आहार’ का संकल्प तभी सफल होगा जब प्रशासन, विक्रेता और नागरिक—तीनों मिलकर खाद्य सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बनाएंगे।
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