आगराइंडियाउत्तर प्रदेश

शहीद जवान अमित चौहान : गाँव का वीर सपूत, सांसद राजकुमार चाहर ने पहुँचकर दी श्रद्धांजलि

आगरा के बाह क्षेत्र के ग्राम गढ़िया प्रतापपुरा निवासी वीर जवान अमित चौहान (मद्रास रेजिमेंट, सिक्किम तैनात) का आकस्मिक निधन पूरे क्षेत्र के लिए गहरा आघात है। फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर ने उनके आवास पर पहुँचकर परिजनों से मुलाकात की और शोक संवेदना व्यक्त की।

एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़) –

 

आगरा के बाह क्षेत्र के ग्राम गढ़िया प्रतापपुरा निवासी वीर जवान अमित चौहान (मद्रास रेजिमेंट, सिक्किम तैनात) का आकस्मिक निधन पूरे क्षेत्र के लिए गहरा आघात है। फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर ने उनके आवास पर पहुँचकर परिजनों से मुलाकात की और शोक संवेदना व्यक्त की। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और गाँव के लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे। अमित चौहान की देशभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा को याद करते हुए सभी ने कहा कि उनका बलिदान राष्ट्र को सदैव प्रेरित करता रहेगा।

राष्ट्र की रक्षा में तत्पर रहने वाले वीर जवानों का बलिदान सदैव देशवासियों को गर्व और प्रेरणा देता है। इसी श्रंखला में बाह क्षेत्र के ब्लॉक जैतपुर अंतर्गत ग्राम गढ़िया प्रतापपुरा निवासी जवान अमित चौहान के निधन ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया है। मद्रास रेजिमेंट में तैनात अमित चौहान सिक्किम सीमा पर अपनी सेवाएँ दे रहे थे। उनका आकस्मिक निधन न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।

सांसद राजकुमार चाहर ने दी श्रद्धांजलि

जवान के निधन की सूचना मिलते ही फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर गाँव पहुँचे। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान भावुक शब्दों में उन्होंने कहा –
“जवान अमित चौहान का बलिदान राष्ट्र कभी नहीं भूल पाएगा। उनका साहस और कर्तव्यनिष्ठा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।”

सांसद ने आश्वासन दिया कि सरकार और समाज हर कठिन घड़ी में परिवार के साथ खड़ा रहेगा।

शहीद जवान अमित चौहान

गाँव में गम का माहौल

अमित चौहान के निधन की खबर से पूरे गाँव और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। लोग समूहों में उनके घर पहुँचकर परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं। गाँव के बुजुर्ग बताते हैं कि अमित बचपन से ही हंसमुख, साहसी और देशभक्ति से ओत-प्रोत थे। सेना में भर्ती होना उनका बचपन का सपना था, जिसे उन्होंने पूरा किया।

जनप्रतिनिधियों और नेताओं की मौजूदगी

सांसद राजकुमार चाहर के साथ इस अवसर पर पूर्व विधायक जितेंद्र वर्मा, सुग्रीव चौहान, नितिन वर्मा, कप्तान सिंह वर्मा, गुड्डू विधोलिया, सतेंद्र यादव, रविन्द्र बघेल, रविन्द्र भदौरिया, बड़े ठाकुर, अनुज शर्मा, सोनू सैंथिया, विशाल सहित कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

सभी ने एक स्वर में कहा कि देश के वीर सपूतों का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।

शहीद की स्मृतियाँ

गाँव के युवाओं ने बताया कि अमित चौहान हमेशा लोगों को सेना में भर्ती होने के लिए प्रोत्साहित करते थे। वे गाँव के बच्चों को खेलों में भाग लेने और अनुशासन में रहने की सलाह देते थे।

उनकी यह सोच थी कि –
“हर युवा को देश सेवा के लिए तैयार रहना चाहिए, क्योंकि यही जीवन का सबसे बड़ा धर्म है।”

उनकी यह बातें अब भी युवाओं के कानों में गूंज रही हैं।

क्षेत्र में गम और गर्व का संगम

जहाँ एक ओर पूरा गाँव शोकाकुल है, वहीं दूसरी ओर यह गर्व भी है कि उनका बेटा देश की सेवा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुआ। गढ़िया प्रतापपुरा गाँव के लोग कहते हैं कि अमित चौहान का बलिदान हमारे लिए गर्व की बात है।

FOR THE LATEST NEWS AND UPDATES SUBSCRIBE TO HINDI DAINIK SAMACHAR

सैनिकों का महत्व और बलिदान

भारत जैसे विशाल देश में लाखों जवान सीमाओं पर दिन-रात तैनात रहते हैं। उनका जीवन अनुशासन, साहस और बलिदान की मिसाल होता है। अमित चौहान की शहादत हमें यह याद दिलाती है कि हर सैनिक का जीवन राष्ट्र की सुरक्षा के लिए समर्पित होता है।

उनकी शहादत यह संदेश देती है कि –
“राष्ट्र सर्वोपरि है और सैनिकों का योगदान अमूल्य है।”

परिवार की पीड़ा और समाज का समर्थन

शहीद जवान के परिजनों की आँखों में आँसू हैं, लेकिन साथ ही गर्व भी है कि उनके बेटे ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। समाज के लोग निरंतर परिवार का ढांढस बंधा रहे हैं और हर संभव सहयोग का आश्वासन दे रहे हैं।

सांसद का संदेश

सांसद राजकुमार चाहर ने कहा कि सरकार सैनिकों के परिवारों के साथ हर संभव खड़ी है। उन्होंने क्षेत्र के युवाओं से आह्वान किया कि वे अमित चौहान की शहादत से प्रेरणा लें और देश सेवा को सर्वोपरि रखें।

निष्कर्ष

जवान अमित चौहान की शहादत न केवल गढ़िया प्रतापपुरा गाँव बल्कि पूरे भारत के लिए गौरव का विषय है। उनका जीवन और बलिदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा। सांसद राजकुमार चाहर और क्षेत्रीय नेताओं की उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि राष्ट्र अपने वीर सपूतों को कभी नहीं भूलता।

आज अमित चौहान भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें और उनका साहस सदैव अमर रहेगा।

CHECK ALSO:

सेवानिवृत्ति पर सम्मानित हुए प्रधान सहायक राजकुमार श्रीवास्तव, शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने की सेवाओं की सराहना

AGRA NEWS, HINDI DAINIK SAMACHAR

Related Articles

Back to top button