दीपावली से पहले आगरा में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी छापेमारी, अस्वच्छ खोया नष्ट — मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने की तैयारी
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा | 06 अक्टूबर 2025
त्योहारों का मौसम शुरू होते ही बाजारों में रौनक बढ़ जाती है। दीपावली, धनतेरस और गोवर्धन पूजा जैसे पर्वों पर हर साल लाखों किलो मिठाइयों की खपत होती है। लेकिन इसी रौनक के बीच कुछ व्यापारी मुनाफे के लालच में मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचकर लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने लगते हैं।
इसी खतरे को ध्यान में रखते हुए आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश के आदेश और जिलाधिकारी आगरा के निर्देश पर सोमवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बालूगंज स्थित खोया मंडी में बड़ी कार्रवाई की।
इस दौरान टीम ने अस्वच्छ परिस्थितियों में भंडारित करीब 2 कुंतल खोया (लगभग ₹48,000 मूल्य का) मौके पर ही नष्ट कराया और तीन कारोबारियों से खोया के नमूने लेकर जांच हेतु प्रयोगशाला भेजे।
त्योहारों से पहले सक्रिय हुई खाद्य सुरक्षा टीम
दीपावली के नजदीक आते ही मिठाई और खोया की मांग तेजी से बढ़ती है। इसी कारण मिलावटखोरों के सक्रिय होने की आशंका रहती है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग ने पूरे जनपद में निरीक्षण अभियान तेज कर दिया है।
सहायक आयुक्त (खाद्य) के निर्देशन में की गई इस छापेमारी में खाद्य सुरक्षा अधिकारी राकेश कुमार, रविन्द्र कुमार निरंजन, सुरेन्द्र कुमार चौरसिया, कृष्णचन्द्र, राकेश कुमार यादव और शैलेन्द्र कुमार शामिल रहे।
टीम ने बालूगंज स्थित खोया मंडी में अचानक पहुंचकर कई प्रतिष्ठानों और वाहनों की तलाशी ली। जहां अस्वच्छ वातावरण, गंदे बर्तनों में रखा खोया, मक्खियों और धूल के बीच खुला माल देखकर अधिकारी सख्त हो गए।
लिए गए नमूने, लैब जांच से खुलेगा सच
निरीक्षण के दौरान विभाग ने तीन अलग-अलग कारोबारियों से खोया के नमूने लिए —
- श्यामवीर पुत्र सोरन सिंह (निवासी – ब्रथला, इरादतनगर, आगरा)
- वी.पी. सिंह पुत्र बलदेव सिंह (निवासी – नदौरा, राजाखेड़ा, धौलपुर, राजस्थान)
- रामनारायण पुत्र अजमेर सिंह (निवासी – जौनावाद की गढ़ी, राजाखेड़ा, धौलपुर, राजस्थान)
सभी नमूने नियमानुसार सील करके प्रयोगशाला भेजे गए, जहां जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि खोया शुद्ध था या मिलावटी।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक, यदि नमूनों में मिलावट या अशुद्धता पाई गई, तो संबंधित कारोबारियों पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के तहत कड़ी कार्रवाई, लाइसेंस निलंबन या आर्थिक दंड की कार्यवाही की जाएगी।
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2 कुंतल अस्वच्छ खोया मौके पर नष्ट
जांच के दौरान मंडी में पाया गया कि खोया खुले में, धूलभरे टीन शेड्स के नीचे और मवेशियों के नज़दीक रखा हुआ था। कुछ खोया परतदार, दुर्गंधयुक्त और खराब अवस्था में पाया गया।
स्वास्थ्य के गंभीर जोखिम को देखते हुए विभागीय टीम ने करीब 2 कुंतल खोया (मूल्य लगभग ₹48,000) को मौके पर ही नष्ट करा दिया।
अधिकारियों का कहना है कि यह कदम जनता की सेहत को ध्यान में रखकर उठाया गया है, क्योंकि त्योहारों में मिलावटी मिठाई से खाद्य विषाक्तता (Food Poisoning), गैस्ट्रिक इंफेक्शन और अन्य बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ जाता है।
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“जनता की सेहत से कोई समझौता नहीं” — विभाग
कार्रवाई के बाद सहायक आयुक्त (खाद्य) ने कहा कि त्योहारों के मौसम में विभाग पूरी तरह सतर्क है। किसी भी मिलावटी या अस्वच्छ खाद्य पदार्थ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
“हमारा उद्देश्य बाजार में उपलब्ध हर खाद्य और पेय पदार्थ की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई होगी। जनता से भी अपील है कि वे संदिग्ध वस्तुओं की सूचना तुरंत विभाग को दें।”
विभाग ने बताया कि आगामी दिनों में दूध, मिठाई, तेल, मसाले, नमकीन, बेकरी उत्पाद और खोया मंडियों पर निरंतर निरीक्षण अभियान जारी रहेगा।
आम जनता के लिए अपील
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मिठाई या खोया खरीदते समय रंग, गंध और स्वाद में असमानता पर ध्यान दें।
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हमेशा पैकेट पर FSSAI लाइसेंस नंबर जांचें।
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खुले खोया या मिठाई खरीदने से बचें।
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किसी भी संदिग्ध उत्पाद की शिकायत खाद्य सुरक्षा हेल्पलाइन या स्थानीय प्रशासन को दें।
विभाग का उद्देश्य स्पष्ट है — “सुरक्षित भोजन, स्वस्थ नागरिक और स्वच्छ त्योहार”।
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प्रशासन की अगली योजना
सूत्रों के मुताबिक, जिलाधिकारी आगरा ने भी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि दिवाली से पहले जनपद की सभी प्रमुख मिठाई मंडियों, डेयरियों, कोल्ड स्टोरेज और खोया हाटों की जांच की जाए।
इसके अलावा शहर में नकली दूध, घी और तेल की बिक्री पर भी सख्ती बरती जाएगी।
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