AGRA DIET: आगरा डायट में संपन्न हुआ 5 दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण | NEP 2020, NCF-2023 और निपुण भारत मिशन पर जोर
आगरा में 5 दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण का हुआ समापन। NEP-2020, NCF-2023 और निपुण भारत मिशन पर आधारित इस प्रशिक्षण से शिक्षकों को नई शिक्षा पद्धति, प्लेफुल लर्निंग और बच्चों की व्यक्तिगत भिन्नताओं पर पढ़ाने की दिशा मिली।
AGRA DIET: आगरा में संपन्न हुआ शिक्षकों का 5 दिवसीय एकीकृत मॉड्यूल प्रशिक्षण, निपुण भारत मिशन और नई शिक्षा नीति 2020 पर विशेष जोर
एस. शेरवानी (ब्यूरो चीफ़)
आगरा, 20 सितंबर 2025
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), आगरा में 15 सितंबर से आयोजित पाँच दिवसीय एकीकृत सम्पूर्ण मॉड्यूल प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज भव्य समापन हुआ। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य था— प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5 तक) के शिक्षकों को नई शिक्षा नीति 2020 (NEP-2020), राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2023 (NCF-2023) और निपुण भारत मिशन के अनुरूप तैयार करना ताकि वे बच्चों को अधिक गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और जीवन-आधारित शिक्षा दे सकें।
प्रशिक्षण का मूल उद्देश्य
इस प्रशिक्षण का मकसद सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं था, बल्कि यह शिक्षकों को एक समग्र दृष्टिकोण देने के लिए बनाया गया था।
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बच्चों की मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान (FLN) पर फोकस,
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खेल-आधारित गतिविधियों को शिक्षा में शामिल करना,
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शिक्षा को स्थानीय परिवेश और जीवन कौशल से जोड़ना,
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और सतत एवं समग्र मूल्यांकन (CCE) की तकनीक को अपनाना इसका प्रमुख लक्ष्य रहा।
प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय ने कहा—
“यदि शिक्षक नई शिक्षा नीति की भावना को समझकर बच्चों तक पहुँचाएँगे, तो शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि बच्चों के जीवन का हिस्सा बन जाएगी।”
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP-2020) पर विस्तृत चर्चा
डायट प्रवक्ता डॉ. मनोज वार्ष्णेय ने NEP-2020 को समझाते हुए बताया कि यह नीति बच्चों की शिक्षा को अधिक बाल-केंद्रित, रचनात्मक और अनुभवात्मक बनाने पर बल देती है।
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इसमें मातृभाषा में शिक्षा को प्राथमिकता दी गई है।
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प्रारंभिक कक्षाओं में खेल और गतिविधियों के माध्यम से सीखना बच्चों की स्वाभाविक जिज्ञासा को बढ़ाता है।
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शिक्षक यदि शिक्षा को बच्चों की स्थानीय कहानियों, संस्कृति और अनुभवों से जोड़ते हैं तो बच्चे न केवल पढ़ाई में रुचि लेते हैं बल्कि व्यावहारिक जीवन से भी जुड़ते हैं।
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2023 (NCF-2023) का महत्व
प्रशिक्षण में NCF-2023 पर भी विशेष सत्र आयोजित किए गए।
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इसमें शिक्षा को बहुविषयक (Multidisciplinary) और कौशल आधारित बनाने पर जोर है।
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‘Playful Learning’ और Activity-Based Teaching को प्राथमिकता दी गई।
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बच्चों की प्रगति का आकलन केवल परीक्षा से नहीं बल्कि सतत और समग्र मूल्यांकन (CCE) से करने की रणनीति पर जोर दिया गया।
शिक्षकों को यह भी सिखाया गया कि कैसे वे पाठ योजनाएं बनाते समय स्थानीय संसाधनों, कहानियों और अनुभवों का उपयोग कर सकते हैं।
निपुण भारत मिशन और अंग्रेजी शिक्षण

संदर्भदाता यशवीर सिंह ने निपुण भारत मिशन की व्याख्या की। उन्होंने कहा कि—
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इस मिशन का उद्देश्य है कि कक्षा 3 तक के हर बच्चे को पढ़ने, लिखने और गणना करने में दक्ष बनाना।
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प्रत्येक शिक्षक को बच्चों की अधिगम स्तर की पहचान करनी चाहिए और जिन बच्चों को कठिनाई है, उन्हें उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) देना चाहिए।
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सतत मूल्यांकन से बच्चों की सीखने की गति और कमजोरियों को पहचानकर सुधार किया जा सकता है।
अंग्रेजी शिक्षण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि वैश्विक दौर में बच्चों के लिए भाषा दक्षता भी आवश्यक है और शिक्षक को इसे बाल-हितैषी तरीकों से पढ़ाना चाहिए।
स्वास्थ्य, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन पर विशेष सत्र
प्रशिक्षण के अंतिम दिन स्वास्थ्य सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, साइबर सुरक्षा और यातायात प्रबंधन पर विशेष सत्र आयोजित किए गए।
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शिक्षकों को समझाया गया कि विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
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यातायात नियमों की जानकारी दी गई और अंत में सभी को यातायात सुरक्षा की शपथ भी दिलाई गई।
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शिक्षकों के अनुभव और भविष्य की उम्मीदें
इस पाँच दिवसीय प्रशिक्षण ने शिक्षकों में नई ऊर्जा और दृष्टि पैदा की।
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शिक्षकों ने कहा कि अब वे अपने विद्यालयों में बच्चों की व्यक्तिगत भिन्नताओं को ध्यान में रखकर पढ़ाने का प्रयास करेंगे।
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वे शिक्षा को और अधिक इंटरैक्टिव, रोचक और जीवन से जुड़ा बनाने की दिशा में काम करेंगे।
डायट प्राचार्य पुष्पा कुमारी ने समापन अवसर पर कहा—
“यह प्रशिक्षण सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है बल्कि यह हमारे शिक्षकों के लिए नई शिक्षा नीति को व्यवहार में उतारने की शुरुआत है। यदि शिक्षक बदलेंगे तो पूरा समाज बदलेगा।”
इनका रहा विशेष योगदान
इस प्रशिक्षण की सफलता में हिमांशु सिंह, डॉ. प्रज्ञा शर्मा, लक्ष्मी शर्मा, रचना यादव, अबु मुहम्मद आसिफ, डॉ. दिलीप कुमार गुप्ता, रंजना पांडे, मुकेश सिन्हा, गौरव भार्गव, लालबहादुर, अमित दीक्षित सहित कई शिक्षकों व अधिकारियों का अहम सहयोग रहा।
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