आगरा बाढ़ अलर्ट: जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी और विधायक ने किया यमुना डूब क्षेत्र का निरीक्षण
आगरा में संभावित बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट, जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी और विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने यमुना किनारे हाथीघाट, बल्केश्वर, पार्वती घाट, अनुराग टॉवर सहित डूब क्षेत्रों का किया निरीक्षण।
आगरा में संभावित बाढ़ की स्थिति: जिलाधिकारी और विधायक ने यमुना डूब क्षेत्र का किया निरीक्षण
आगरा, 3 सितंबर 2025 |
ब्यूरो चीफ़ – एस. शेरवानी
आगरा जनपद प्रशासन संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए पूरी तरह सतर्क और सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी तथा विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने मंगलवार को यमुना किनारे के विभिन्न संवेदनशील डूब क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने हाथीघाट, बल्केश्वर, पार्वती घाट, अनुराग टॉवर, मूर्ति विसर्जन घाट और मनोहरपुर समेत कई इलाकों का दौरा किया और व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया।
निरीक्षण के दौरान उनके साथ ज्वाइंट मजिस्ट्रेट शिवम कुमार, उपजिलाधिकारी सदर सचिन राजपूत, तहसील प्रशासन और राजस्व विभाग की पूरी टीम मौके पर मौजूद रही। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ की संभावित स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ तत्काल की जाएँ, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में जन-धन की हानि न हो।
बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन की तैयारियाँ
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद स्तर पर 24 घंटे संचालित कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। किसी भी आपात स्थिति में नागरिक 0562-2260550 और 09458095419 पर संपर्क कर सकते हैं।
उन्होंने संबंधित विभागों को बाढ़ शरणालयों की व्यवस्था दुरुस्त रखने, राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने और जलभराव वाले इलाकों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। साथ ही, राजस्व विभाग के अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और आम नागरिकों को समय-समय पर जलस्तर की सूचना देने को कहा।
जिलाधिकारी की जनता से अपील
निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने शहरवासियों और ग्रामीणों से अपील की कि संभावित बाढ़ की स्थिति में घबराने के बजाय सतर्कता और सावधानी अपनाएँ। उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण निर्देश साझा किए—
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जरूरी कागज़ात सुरक्षित रखें – राशन कार्ड, बैंक पासबुक, आधार कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज़ों को वॉटरप्रूफ बैग में सुरक्षित रखें।
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प्राथमिक उपचार किट रखें – क्लोरीन, ओआरएस और जरूरी दवाइयाँ हमेशा पास रखें।
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अनाज और चारा सुरक्षित करें – सूखा अनाज और पशुओं का चारा ऊँचे स्थानों पर रखें।
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संवेदनशील व्यक्तियों को प्राथमिकता दें – गर्भवती महिलाएँ, छोटे बच्चे, वृद्ध, दिव्यांगजन और बीमार लोग तुरंत नज़दीकी बाढ़ शरणालयों में पहुँचे।
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साफ पानी का उपयोग करें – केवल उबला हुआ या क्लोरीनयुक्त पानी ही पिएँ।
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बिजली और गैस की सावधानी – मुख्य स्विच और गैस रेगुलेटर बंद रखें।
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खराब भोजन न खाएँ – बाढ़ के संपर्क में आई खाद्य सामग्री का सेवन न करें।
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डूबे हैंडपंप का उपयोग न करें – दूषित पानी से स्वास्थ्य को बड़ा खतरा हो सकता है।
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नदी किनारे न जाएँ – सुरक्षा की दृष्टि से पानी से दूर रहें और जरूरी सामान ऊँचाई पर रखें।
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राजस्व और तहसील प्रशासन की भूमिका
तहसील प्रशासन ने बताया कि राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी लगातार डूब क्षेत्रों में भ्रमण कर रहे हैं। वे बाढ़ की स्थिति पर नजर रखते हुए गाँव और शहर के नागरिकों को समय-समय पर जलस्तर की सटीक जानकारी दे रहे हैं।
इसके साथ ही, नगर निगम को निर्देशित किया गया है कि जलभराव वाले इलाकों में पंप सेट, नाव और राहत सामग्री की व्यवस्था समय से कर ली जाए। स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
बाढ़ प्रबंधन के लिए सामुदायिक सहभागिता
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन की तैयारियाँ तभी सफल होंगी जब आम लोग भी इसमें सहयोग करेंगे। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोग प्रशासन की सलाह का पालन करें और अफवाहों पर ध्यान न दें।
उन्होंने स्वयंसेवी संगठनों और समाजसेवियों से भी अपील की कि वे प्रशासन के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्यों में योगदान दें।
निष्कर्ष
यमुना नदी के डूब क्षेत्र में संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए आगरा प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी और विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल के निरीक्षण से स्पष्ट है कि सरकार और प्रशासन जनता की सुरक्षा को लेकर गंभीर है।
सही समय पर तैयारी और जनता का सहयोग ही बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम कर सकता है। आगरा प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे सतर्क रहें, सावधानियाँ बरतें और किसी भी आपात स्थिति में कंट्रोल रूम नंबर पर तुरंत संपर्क करें।







